Video yükleniyor...

Video Yüklenemedi

Ana Sayfaya Dön

आप जो ये कपड़े देख रहे हैं । ये पुराने कपड़े नहीं हैं। ये कपड़े सूरत मार्केट में पानी भर जाने से ख़राब हुए वो हैं। इससे भी महंगे कपड़े फुटपाथ पर बेचे जा रहे हैं । wedding showroom जो की सूरत का कपड़े का सबसे बड़ा showroom है...

70,369 görüntüleme • 1 ay önce •via X (Twitter)

0 Yorum

Yorum bulunmuyor

Orijinal gönderinin yorumları burada görünecek

Benzer Videolar

राजस्थान में राज RSS वाले कर रहे, ये खाली मुखौटे हैं जोधपुर में आज मीडिया से बातचीत की: अशोक गहलोत का जवाब: देखिए राजनीति में जो है, झूठे आरोप नहीं लगाए जाते हैं। अगर आपके पास तथ्य है, तो उस पर बात करो। किरोड़ी मीणा जी जब सरकार में नहीं थे, तब भी वो लगातार आरोप लगाते थे। उनकी जो प्रकृति में है कि वो, आंदोलन करते रहते हैं लगातार, आप देखते हो उनको 15-20 साल से। तो एक अलग किस्म का प्राणी हैं वो। वो पहले भी आरोप लगाते थे अब भी लगा रहे हैं, अनावश्यक है। पार्टी के जो अध्यक्ष होते हैं उनकी एक अलग प्रतिष्ठा होती है। उस पे आप बार-बार चोट कर रहे हो। आरोप लगा रहे हो बिना तथ्यों के। तो आप बताइए कि पार्टी में रिएक्शन होगा? हमारी पार्टी में रिएक्शन है। डोटासरा जी को खुद को लगता है भाई ये क्या आरोप लगा रहा है वो भी बिना तथ्यों के। हम सब को लगता है। ये किरोड़ी मीणा जी को खुद को सोचना चाहिए, वो क्या किस प्रकार की उनकी अप्रोच है काम करने की है। छापे डाल रहे हैं और छापे के साथ जो जाते हैं लोग उनके, वसूली करते हैं वो। ये तो प्रूव हो गया है। जब प्रूव हो गया है तो कहते हैं कि एसीबी भी दबाव में काम कर रही है। तो भाई एसीबी तो दबाव में जब से डीजी साहब आए हैं, पहले मैंने कहा ये आदमी तो भला है डीजी। वो पूरी तरह सीएमओ के और सीएम के दबाव में है ये। और इनके जो नीचे अधिकारी है, वो भी इनकी बात नहीं मानते हैं। वो इनको उल्टा दबाते हैं। तो मुझे लगता है कि एसीबी का जो डीजी है, वो खुद परेशान होगा, मेरे ख्याल से जहां तक मैं समझता हूँ या जहाँ तक मेरे पास वहां से रिपोर्ट आती है। वहाँ के जो काम करने वाले अधिकारी कहते हैं ना कि भाई क्या हो रहा है हमारे यहाँ? स्थिति एसीबी की बहुत भयानक खराब है। दबाव में काम हो रहे हैं। मुख्यमंत्री जी को ऑबलाइज करने के लिए फैसले हो रहे हैं। आईओ कह रहा भाई ये मुल्जिम नहीं बनता हमारा। और ऊपर से कहते हैं डीजी साहब और जो दबाव आता है उनके ऊपर, नहीं आप इनको अरेस्ट करो। ऐसा मैंने आज तक कभी देखा नहीं। तीन-तीन बार हम भी मुख्यमंत्री रहे हैं। एसीबी में कोई पंचायत नहीं करनी चाहिए किसी को भी। यहाँ पंचायतें नहीं हो रही हैं। आईओ कह रहा भाई ये अरेस्ट नहीं हो सकता है क्योंकि इसमें कोई केस नहीं बनता। आप इसको अरेस्ट कीजिए। अरेस्ट हुए भी हैं, जिनमें महेश जोशी भी हैं। आईओ ने मना किया। वो ऑलरेडी द्वारा वैसे ही केस में अरेस्ट हो चुके थे। यहाँ वापस अरेस्ट कर लिया, क्या मजाक बना रखी है? क्या मुख्यमंत्री को दिखता नहीं है कि ये क्या हो रहा है? उनका खुद का नाम आता है कि दबाव आता है। शायद आरएसएस वालों का आता होगा। आरएसएस के दबाव होने के बाद में मुख्यमंत्री हथियार डाल देते हैं। राज आरएसएस कर रहा है ये तो मुखौटे हैं खाली। मुझे लगता है कि राजस्थान के अंदर आजकल जो ये लोग राज करते हैं ये मुखौटे बने हुए हैं। राज आरएसएस वाले कर रहे हैं। ट्रांसफर, पोस्टिंग, करप्शन सब वहीं से डायरेक्शन आते हैं। हालात बड़े गंभीर हैं राजस्थान के। ऐसी इनकी स्थिति बनेगी इस बार राजस्थान की, जनता जो है वो जागरूक है। ये कुछ भी कर लें, ये मुख्यमंत्री बदल देंगे ना, तब भी कुछ नहीं होने वाला है, अगली बार सरकार बदल के रहेगी। थैंक यू।

Ashok Gehlot

56,795 görüntüleme • 2 ay önce

मीडिया द्वारा हमारे द्वारा चलाए जा रहे कैंपेन ‘इंतजारशास्त्र’ और इसमें शामिल आईपीडी टॉवर इत्यादि प्रोजेक्ट्स को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में : हाँ, ये हम इसलिए चला रहे हैं, सरकार पर दबाव बनाने के लिए। हमारा मकसद यही है कि जो बिल्डिंगें राजस्थान के अंदर खड़ी हो गई हैं, जिन पर अरबों रुपये लग गए हैं जैसे आपका वो कोचिंग हब है जयपुर के अंदर ट्रैफिक जाम रहता है। अब अगर सब कोचिंग वाले हब में चले जाएँ, जहाँ सबके लिए अच्छा इंतज़ाम किया हुआ है, उनसे एडवांस पैसा भी ले लिया गया है, मैं समझता हूँ कोई मिलीभगत हुई होगी पता नहीं क्या हुआ है, आप शिफ्ट नहीं कर रहे उनको। और कोचिंग सेंटर जहाँ बने हुए हैं पूरा ट्रैफिक जाम रहता है। तो ये जो हमने अभियान चलाया है, ये सरकार पर दबाव देने के लिए चलाया है। आप देख रहे हैं, जो सोशल साइंस इंस्टिट्यूट हम टाटा की तरह खड़ा कर रहे थे, वो बंद पड़ा है। और तो और गांधी म्यूजियम जहाँ आज बच्चों को पूरे प्रदेश से आकर देखना चाहिए ,कोई प्रोग्राम ही नहीं है। तो एक के बाद एक जो ये पेंडिंग पड़े हैं, आईपीडी टावर है, वो सब देख रहे हैं, पूरा प्रदेश देख रहा है। तो सरकार पर दबाव बना रहे हैं। आज मैंने सुना कि मेडिकल को लेकर इन्होंने कहा कि कोई भी राज्य से 25 लाख तक का इलाज करवा सकता है। तो ये तो हमारे वक्त में ही था, हमारे वक्त में ही था कहीं जाओ, चेन्नई जाओ या बैंगलोर जाओ, आप जाओ, वहाँ अपना इलाज करवा सकते हो। इसमें कोई नई बात नहीं है। फिर भी इन्होंने अगर ये प्रयास किया है, बताया है कि 25 लाख का बीमा है पहली बार ये लोग बोले हैं। सरकार आने के बाद कंफ्यूजन हो गया था कि 25 लाख का है या नहीं है। उसका फायदा प्राइवेट हॉस्पिटल्स ने उठाया, जनता जाती रही और वो कहते रहे कि कुछ नहीं है, आप पैसा जमा करवाओ। कितना नुकसान हुआ पब्लिक को। अब जाकर कुछ स्टेटमेंट आया है। ये भी हमारे दबाव के कारण आया है। हमने जो पिछले तीन महीने में दबाव दिया, तब जाकर ये आया है। तो ये स्थिति बनी हुई है। इसलिए हमारा ये अभियान चल रहा है।

Ashok Gehlot

13,422 görüntüleme • 5 ay önce

#उत्तरप्रदेश की राजधानी #लखनऊ में प्रबल प्रताप सिंह नाम का यह व्यक्ति एक नाबालिग ब्राह्मण लड़की के घर जबरन घुसता हैं भद्दी-भद्दी गालियां देता है किसी से फोन पर बात कराता है वो गालियां देता है जब यह नाबालिक लड़की उसके गालियां से आहत होकर कहती क्यों ऐसा बोल रहे है तो ये गुंडा उस नाबालिक लड़की पर थप्पड़ों का बौछार कर देता हैं जो आप वीडियो में देख सकते हैं एप्लीकेशन में कथित तौर पर फोन तोड़े जाने और कपड़े फाड़,जबरदस्ती करने की बात भी कही गई है ये व्यक्ति का रिवॉल्वर के साथ सोशल मीडिया पर तमाम फ़ोटो भी है लेकिन अब तक पुलिस के द्वारा इसकी गिरफ्तारी की बात सामने नही आई है। मामला B-376 विशाल खण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ का है..!! ADG Zone Lucknow IG Range Lucknow

Aditya Kamal Pandey(आदित्य पाण्डेय)

105,551 görüntüleme • 2 yıl önce