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Ana Sayfaya Dön

आपके नाखून सिर्फ खूबसूरती के लिए नहीं हैं! इनमें दिखने वाला छोटा-सा बदलाव आपके शरीर के बारे में बहुत कुछ बता सकता है। ध्यान से अपने नाखून देखिए, कहीं इनमें ये बदलाव तो नहीं दिख रहे? 1. नाखूनों पर सफेद दाग कभी-कभी ये Zinc की कमी से जुड़े हो...

29,630 görüntüleme • 15 gün önce •via X (Twitter)

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यह राजस्थान की सबसे सुंदर तस्वीर है! राजस्थान में अनेक नेता हैं। सदाशयी भी हैं; भले और भोले-भाले भी हैं; लेकिन कुछ मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कोई सानी नहीं। वे एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो बुजुर्गों और बीमारों की सुध लेना कभी नहीं भूलते। चाहे कोई हो। वयोवृद्ध हो या बीमार। नेता हो, पत्रकार हो या पुराना मित्र। काँग्रेस का हो या भाजपा का; गहलोत साहब उनसे मिलने अवश्य जाते हैं। यह उनका स्वभाव है और यह उनकी संवेदनशीलता है। वे मुख्यमंत्री रहते हुए भी यह काम कर लिया करते थे। हो सकता है, किसी को उन्होंने राजनीतिक रूप से बेकल भी किया हो; लेकिन वह भी बीमार पड़ा तो सबसे पहले वे ही पहुँचते हैं। इस काम को वे राज्य की सीमाओं से पार जाकर करते हैं। वे जब तीसरी बार सीएम थे तो उन्होंने एक अप्रत्याशित व्यक्ति के सहयोगी की पुत्रवधू के गंभीर इलाज में बिना किसी के कहे न केवल मदद की, उन्हें सब तरह की सुविधाएं मुहैया करवाईं। गहलोत ऐसे काम करते रहते हैं और उनकी चर्चा भी नहीं करते। आज उन्होंने शतायु पार पंडित रामकिशन जी से मुलाकात की। सौ से भी अधिक वसंत जी चुके इस अनुभवी व्यक्तित्व के साथ उनकी यह भेंट न केवल शिष्टाचार है, बड़ों के प्रति सम्मान की एक जीवंत मिसाल भी है। पंडित रामकिशन हमारे प्रदेश की राजनीति के लिए किसी थाती से कम नहीं हैं। इसलिए गहलोत साहब का यह क़दम उनके क़द को भी बढ़ाता है और दम को भी। लेकिन अफ़सोस कि कॉंग्रेस या भाजपा के किसी नेता में अब यह ख़ूबी नहीं दिखती। यह तस्वीर सुंदर है। यह मुलाक़ात बेहतरीन है। और यह इंसानियत अनमोल है। इस इंसानियत की कुछ कोंपलें हम भी अपने दिलों की मिट्टी में उगाएँ! बाक़ी नेता भी इस राह पर बढ़ें! 🙏

Tribhuvan_Official

18,661 görüntüleme • 5 ay önce

- महिला हो या पुरुष जिनके शरीर में ज्यादा बाल उगता हैं उन्हें देखकर लोग घृणा करते हैं, उल्टी सीधी बातें करते हैं, - जिस महिला या पुरुष के शरीर में ज्यादा बाल उगती हैं साइंस के मुताबिक इसका कारण अलग हो सकता है। - पर हमारे भारत के लोग आज भी विश्वास करते हैं कि जिनके शरीर में ज्यादा बाल हों वह इंसान भाग्यशाली होता है। - देखिए इंसान के शरीर पर बाल आना पूरी तरह प्राकृतिक प्रक्रिया है, यह मुख्य रूप से जेनेटिक्स वंशानुगत गुण पर निर्भर करता है। - हार्मोन खासकर एंड्रोजन टेस्टोस्टेरोन जैसे बालों के विकास को नियंत्रित करते हैं, पुरुष और महिलाओं दोनों में बाल आते हैं,बस घनत्व अलग होता है। - ज्यादातर हिस्सों हाथ,पैर,बगल, जांघ पर बाल होना सामान्य है, कुछ लोगों में जेनेटिक कारण से बाल ज्यादा घने होते हैं। - इसे हाइपरट्राइकोसिस या हिरसुटिज्म कहा जा सकता है, मेडिकल सलूशन डाक्टर से सलाह लेकर सहीं इलाज चुना जा सकता है। - किसी भी उपचार को शुरू करने से पहले एक योग्य डर्मेटोलॉजिस्ट त्वचा विशेषज्ञ या एंडोक्राइनोलॉजिस्ट हार्मोन विशेषज्ञ से मिलकर अंतर्निहित कारण की जांच जैसे ब्लड टेस्ट और हार्मोन प्रोफाइल करवाना आवश्यक है।

Rahul chetry

297,998 görüntüleme • 1 ay önce

Why do you live a life of pretense, my friend? इस दुनिया में जीवन एक बार मिलती है अपने जीवन को संभाल कर रखा करो। शरीर पर टैटू बनाने का शौक आजकल आम बात हो गया है, पर इससे हमें नुकसान होती है इस बात का ख्याल नहीं रखते। स्याही में मौजूद केमिकल्स से त्वचा पर एलर्जी खुजली और रैश हो सकता हैं ,एक बार उपयोग किया हुआ सुई इस्तेमाल करने से गंभीर इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। हेपेटाइटिस बी ,सी, HIV जैसी खतरनाक बीमारियां फैल सकती है, MRI स्कैन के दौरान टैटू वाला हिस्सा गर्म होकर परेशान भी कर सकता हैं। देखिए इसको हटाना बहुत महंगा दर्दनाक और कहीं बार अधूरा रह जाता है त्वचा पर सूजन वाले गांठे भी बनने का खतरा रहता है । कुछ रिसर्च में ब्लड कैंसर का जोखिम बढ़ने की बात भी सामने आई है। सुंदरता दिखने के लिए अपने शरीर में समस्या लाना ठीक नहीं है । टेंटों बनाएं हो तो डॉक्टर से सलाह लेकर ब्लड टेस्ट करते रहना चाहिए वरना इंफेक्शन हो सकता है, सबसे बेहतर ऑप्शन है टैटू से दूर रहे।

Rahul chetry

60,337 görüntüleme • 29 gün önce

शादी में नया स्टंट पड़ा भारी, सोशल मीडिया पर दुल्हन का वीडियो वायरल सोशल मीडिया पर इन दिनों एक शादी का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दुल्हन की जबरदस्त बेइज्जती हो गई। वीडियो में देखा जा सकता है कि शादी के दौरान दुल्हन ने कुछ नया और अनोखा करने की कोशिश की, लेकिन यह दांव उलटा पड़ गया। स्टंट के चक्कर में दुल्हन ऐसी स्थिति में पहुंच गई, जिससे वहां मौजूद मेहमानों से लेकर नेटिज़न्स तक हंसी रोक नहीं पा रहे हैं। यह वीडियो देखते ही देखते सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर ट्रेंड करने लगा। लोग इस पर तरह-तरह के कमेंट्स कर रहे हैं। किसी ने लिखा, "शादी में ड्रामा करने की क्या जरूरत थी?" तो किसी ने तंज कसते हुए कहा, "ऐसा करने से पहले सौ बार सोचना चाहिए था!" यह वीडियो एक सबक भी देता है कि शादी जैसे पलों में अनावश्यक स्टंट कभी-कभी मजाक का कारण बन सकते हैं। #viral #VideoViral #Trending

UttarPradesh.ORG News

50,480 görüntüleme • 1 yıl önce

वीडियो में लड़की के स्किन पर सफेद धब्बे साफ दिख रहे हैं,लेकिन कहानी सिर्फ धब्बों की नहीं है। Duda da roça🌵 कहती हैं मैं खुद को बहुत खूबसूरत महसूस कर रही हूँ। ये सफेद धब्बे Vitiligo की वजह से होते हैं, त्वचा के कुछ हिस्सों का रंग उड़ जाता है और सफेद पैच बन जाते हैं, जांघों और पैरों पर साफ दिखाई दे रहा हैं। मुख्य वजह मेलानोसाइट्स रंग बनाने वाली कोशिकाएँ नष्ट हो जाना या काम बंद कर देना। ये एक ऑटोइम्यून कंडीशन मानी जाती है। जेनेटिक फैक्टर, स्ट्रेस, सनबर्न या वायरल इंफेक्शन ट्रिगर कर सकते हैं। ये संक्रामक नहीं है। छूने या पास रहने से नहीं फैलता। डाक्टर के मुताबिक खुद से कोई क्रीम या घरेलू नुस्खा मत लगाओ, ये ख,,,तरनाक बीमारी नहीं, सिर्फ रंग प्रभावित होता है, इलाज संभव है, लेकिन धैर्य और डॉक्टर की निगरानी ज़रूरी है। जागरूकता जरुर फैलाएं।

Rahul chetry

269,970 görüntüleme • 1 ay önce

हार्ट अटैक और कार्डियक अरेस्ट हाल के दिनों में हम लोग ये दोनों शब्दों को सुनते आ रहे हैं । अक्सर लोग दोनों को एक ही चीज़ समझते हैं बल्कि दोनों बिलकुल अलग अलग चीज़ें हैं। हम ज़्यादा टेक्निकल ना जा कर सामान्य शब्दों में समझने की कोशिश करेंगे। चलिये समझने के लिये हम हृदय को एक पानी के पम्प की तरह मानते हैं। पम्प को अगर देखें तो इसमें दो चीज़ें हैं। पहली की उसमें बिजली का प्रवाह आता है और उस बिजली के प्रवाह से जो ऊर्जा आती है उसकी मदद से पम्प पानी को खींच कर बाहर फेंकता है। ⭕️ अगर पम्प के नली में कुछ फँस जाए तो पम्प पानी ठीक से फेंक नहीं पाएगा | हार्ट अटैक में यही होता है। हृदय की नली में किसी कारणवश सिकुड़ने आ जाये या कुछ फँस जाए या जम जाए तो वो शरीर में खून अच्छे से नहीं भेज पाता। हार्ट अटैक में मरीज़ अचानक से बेहोश नहीं होते। उनमें ये लक्षण देखने को मिल सकता है सीने में दर्द होना। यह दर्द पेट के ऊपर की तरफ जाता है कभी बायें हाथ या कंधे की तरफ जाता है कई बार जबड़े में या दांत में भी दर्द हो सकता है। सांस लेने में तकलीफ और पसीना आना। कुछ लोगो को गैस होने की फीलिंग आती है। ⭕️ लेकिन अगर पम्प में बिजली का प्रवाह अचानक बंद हो जाए तो पम्प बिलकुल काम करना बंद कर देगा। कार्डियक अरेस्ट में यही होता है। हृदय में करेंट का प्रवाह अचानक से बंद हो जाता है जिसके कारण हृदय अचानक से पूरी तरह रुक जाता। इसी कारणवश मरीज़ अचानक से तुरंत बेहोश हो जाता। इसमें आप CPR दे कर कोशिश करते हैं कि हृदय वापस पम्प करना शुरू करे या प्रेशर से वो खून पम्प करता रहे। और जैसे ही मरीज़ अस्पताल पहुँचता है AED मशीन की मदद से उसे वापस से स्टार्ट करने की कोशिश की जाती है। आशा करता हूँ कि आपको दोनों के बीच अंतर समझने में थोड़ी आसानी होगी। आप ये वीडियो में एनीमेशन से भी समझने की कोशिश कर सकते हैं

Dr Anuj Kumar

219,763 görüntüleme • 2 yıl önce

"मैं तो ऐसे देखता हूॅं कि राम सीता को रावण के पास से ले तो आए लेकिन घर नहीं ले गए, बाजार में छोड़ आए।"--सोनम वांगचुक एनडीटीवी की एंकर से बातचीत में आदरणीय सत्याग्रही के ये विचार हैं। आश्चर्य है कि इस दुरात्मा,कुपढ़ और सत्यानाशी के लिए लोग भावुक हो रहे हैं। बड़े राष्ट्रवादियों की छाती में दूध उतर आया है। सोनम वांगचुक अपने इस बयान मात्र से मेरे लिए ऐसा व्यक्ति हो चुका है, जिसका कोई मूल्य नहीं। आश्चर्य है कि लोग इस आदमी के लिए गंभीर हो रहे हैं और देश की शिक्षा नीति का संभावित उद्धारक मानने लगे हैं। यह तो विकट अशिक्षित और मूर्ख है। दुष्टात्मा तो है ही। जंतर-मंतर पर चल रहे इस नाटक पर सरकार का स्टैंड सही है। वह घोर हिन्दू द्रोहियों का मंच है। कुणाल कामरा जैसे विदूषक कितने मनबढ़ हो चुके हैं,यह भी अनुभव किया जा सकता है।

𝙼𝚛 𝚃𝚢𝚊𝚐𝚒

12,425 görüntüleme • 2 ay önce

पसीना बहा कर ही शरीर के फिटनेस को मेंटेन किया जा सकता है। 💪 आज की आरामदायक लाइफस्टाइल में लोग सोचते हैं की फिटनेस सिर्फ डाइट से मिल जाएगी लेकिन सच्चाई कुछ और है। जब तक शरीर से पसीना नहीं निकलता तब तक पेट सही तरीके से वर्ण नहीं होता। वर्कआउट के दौड़ जिम या मेहनत वाला काम सये सब शरीर को एक्टिव और मजबूत बनाते हैं। पसीना सिर्फ गर्मी नहीं है यह आपके शरीर के अंदर चल रहे क्लीनिंग प्रोसेस का हिस्सा है। इससे ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और हार्ट हेल्दी होता है जो लोग नियमित पसीना बहाते हैं उनकी एनर्जी लेवल भी ज्यादा रहता है। सिर्फ बैठकर खाने से शरीर बढ़ता है लेकिन चलने फिरने से मेहनत करने से शरीर मेंटेन रहता है।

R.k .yadav

13,501 görüntüleme • 4 ay önce

नेपाल सीमा से सटे इलाकों में ये अचानक क्या हो रहा है? 26 जुलाई की रात सुनसारी के देवानगंज में मंदिर के पास तेज DJ बजाने और धार्मिक झंडा हटाने की बात पर दो पक्षों में कहासुनी हो गई। देखते ही देखते 29 जुलाई को यह तनाव इतना बढ़ा कि हिंसक झड़प हो गई, जिसमें पुलिस फायरिंग के दौरान 24 साल के एक युवक की जान चली गई और दर्जनों लोग घायल हो गए। सोचने वाली बात ये है कि ये सिर्फ एक जगह का हाल नहीं है। बीरगंज, नेपालगंज और जनकपुर जैसे शहरों में भी कभी सोशल मीडिया की भड़काऊ पोस्ट को लेकर, कभी मस्जिद-मंदिर के बाहर विवाद तो कभी जुलूसों पर पथराव की वजह से माहौल खराब हो रहा है। नेपाल के तराई इलाके (जो भारत बॉर्डर से बिल्कुल सटे हैं) वहां झगड़े की वजहें हर जगह एक जैसी ही दिख रही हैं। कहीं जबरन धार्मिक झंडे बदले जा रहे हैं, कहीं नफरती अफवाहें फैलाई जा रही हैं, तो कहीं लाउडस्पीकर की आवाज और चुनावों के चक्कर में नेताओं की राजनीति काम कर रही है। अगर समय रहते इन नफरती अफवाहों और विवादों पर रोक नहीं लगी, तो इसका असली नुकसान दोनों तरफ की आम और गरीब जनता को ही उठाना पड़ेगा। #Nepal #Sunsari #Birgunj #Madhesh

Lucky Bisht

42,354 görüntüleme • 2 ay önce

नाम है श्रेयंका पाटिल, भारतीय महिला क्रिकेट टीम की बॉलिंग ऑलराउंडर। कुछ दिन पहले ही वर्ल्डकप के दूसरे मैच में चोटिल होकर टूर्नामेंट से बाहर हो गई थीं। भारत का प्रदर्शन भी कुछ खास नहीं रहा और टीम ग्रुप स्टेज से ही बाहर हो गई। लेकिन उसके बाद से मैडम की न फिटनेस पर ध्यान है, न क्रिकेट की प्रैक्टिस पर। समय पर रील अपलोड हो जाती है, डांस वीडियो भी आ जाता है। देखिए डांस करने पर कोई आपत्ति नहीं है। हर किसी को अपना शौक जीने का हक है। लेकिन आप नेशनल टीम में हैं। वहां करोड़ों में से चुनकर 15 खिलाड़ी पहुंचते हैं। आपकी पहली जिम्मेदारी देश और क्रिकेट है। BCCI को भी इस रीलबाजी पर लगाम लगानी चाहिए। आप लोगों की क्या राय है - देश के लिए क्रिकेट जरूरी है या Instagram की रील?

Sachin Verma

225,297 görüntüleme • 1 ay önce

यह वीडियो देखने के बाद मेरे एक जानने वाले का मैसेज आया है उन्होंने कहा कि "भैया अब आपको रिपोर्टिंग छोड़ देनी चाहिए" इस वीडियो में जो लोग दिखाई दे रहे हैं सबको मैं जानता हूं और सब मुझे जानते हैं सवाल इन रिपोर्टर्स पर नहीं है बल्कि व्यवस्था पर है क्या इन रिपोर्टर्स के संस्थान अगर इन पर दबाव बनाने की बजाय इनके विवेक से काम करने देंगे तो क्या ये ऐसे करेंगे? आज मीडिया के हालात क्या हो गए हैं ये सोचने की बात है मैं इस बात का शुक्र मना रहा हूं कि अच्छा हुआ मैं इस मौके पर नहीं था वरना क्या पता मुझे भी इस सर्कस का हिस्सा मजबूरन बन जाना पड़ता? लेकिन ऐसी परिस्थितियां कुछ-कुछ समय पर हर रिपोर्टर के सामने आती हैं सोच कर देखिए कि यह किस तरह का दबाव है जिसमें इतने सीरियस मुद्दे पर भी कॉमेडी हो गई संसद की सुरक्षा में चूक जैसे गंभीर मुद्दे पर रिपोर्टिंग हो रही है, लेकिन जिस तरह रिपोर्टिंग हो रही है उसको देखकर कपिल शर्मा का कॉमेडी शो भी फेल है यह सब देखकर कभी-कभी मन में आता है कि आखिर हम कर क्या रहे हैं? क्यों कर रहे हैं? किसके लिए कर रहे हैं?

Sharad Sharma

230,189 görüntüleme • 2 yıl önce