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आपका नाम ओशिन शर्मा है ,आप हिमाचल प्रदेश की पीसीएस अधिकारी हैं ,आप असली रानी हैं , साल के बारह महीने आप अपने ऑफिस से लेकर घर तक केवल कोचिंग ,ट्यूटोरियल और मोटिवेशनल वीडियो बनाया करती हैं , कभी बांग्लादेश क्राइसिस समझाती हैं तो कभी बच्चों का एफडीआई कांसेप्ट...

448,484 次观看 • 1 年前 •via X (Twitter)

10 条评论

खुरपेंच 的头像
खुरपेंच1 年前

मैम ने मुझे ट्विटर पर काफी समय से ब्लॉक कर रखा है तो मैं मैम का मोटिवेशन इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर देख लेता हूं ।

खुरपेंच 的头像
खुरपेंच1 年前

आप लोग सोशल मीडिया की सुपरस्टार , जिसके वीडियो से यूट्यूब थरथराने लगता है , उनका वीडियो यहां देख सकते हैं।

खुरपेंच 的头像
खुरपेंच1 年前

मैम को बांग्लादेश क्राइसिस के बारे में पता है लेकिन खुद के कार्यक्षेत्र की।स्थिति नही पता , खैर आप लोग यहां से अपडेट्स ले सकते हैं।

THREAD MSG 的头像
THREAD MSG1 年前

रानी तो झांसी वाली निकली।।😆🤣

खुरापात 的头像
खुरापात1 年前

जांच में पता चला कि इनके छोटे से बड़े काम तक लंबित पड़े हैं। लेकिन चिंता की कोई बात नहीं, क्योंकि सरकारी नोटिस के बावजूद रानीजी के सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर बनने के सपने में कोई कमी नहीं आती। सरकारी तनख्वाह लेना और नौकरी के नाम पर दिनभर यूट्यूब मोनेटाइजेशन की जुगाड़ लगाना ही इनकी असली प्राथमिकता है।क्षेत्र और राज्य जाए भाड़ में, बस सोशल मीडिया की चमक बनी रहे। ये है 'रानी' वाली क्वालिटी – जहां सरकारी जिम्मेदारियां बोझ और यूट्यूब फॉलोवर्स ताज बन जाते हैं।

आशुतोष 的头像
आशुतोष1 年前

घास खाते हैं दुनिया के सारे घोड़े, अब लगने वाले हैं मैडम के ब्रेड पकौड़े। 🫡😂

खुरापात 的头像
खुरापात1 年前

इनके लिए राज्य और जनता का कल्याण तो एक भद्दा मजाक है, असली खेल तो सोशल मीडिया पर है। बस यूट्यूब से पैसा आता रहे, राज्य का हाल भाड़ में जाए। ये है 'रानी' वाली धूर्तता, जहां जिम्मेदारी की बात करने से पहले सोशल मीडिया के लाइक्स और सब्सक्राइबर्स की गिनती ज़्यादा मायने रखती है।

Dinesh Gautam® I दिनेश गौतम® 的头像
Dinesh Gautam® I दिनेश गौतम®1 年前

एक यह भी है सीजीएस दिल्ली में दांत चिकित्सक है । लेकिन अधिकांश समय ब्यूटी कंटेस्ट या रिल्स में जाता है ।

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गुरु1 年前

अरे भारत सरकार ने इन्हे नौकरी पर रखा ही इसीलिए है की आप रील बनाए ! काम तो होता रहता है, मुजरा नहीं रुकना चहिए!

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GARG1 年前

Mulnivasi Mam

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आपका नाम नीतू सिंह है , आप केडी कैंपस और केडी लाइव की मालकिन है , आप असली रानी हैं,आप बच्चों को इंग्लिश ज्ञान के अलावा गर्लफ्रेंड ब्वॉयफ्रेंड से लेकर हर टॉपिक पर ज्ञान देती हैं , क्योंकि बच्चों को पढ़ाने से ज्यादा वायरल होना जरूरी है , अब आप उनको बता रही हैं कि हेल्थी रिलेशनशिप मेंटेन करने और धोखा न मिले उसके लिए एस्ट्रोटॉक कितना जरूरी है , जहां दुनिया एक तरफ विज्ञान के क्षेत्र में प्रगति कर रही और देश दुनिया के अध्यापक बच्चों में साइंटिफिक टेंपरामेंट डेवलप करने में लगे हैं , वहां आप जैसे यूट्यूबर टीचर अपने लाभ के लिए एस्ट्रोटॉक जैसी एप्लीकेशन का प्रचार करके पैसे कमा रहे , क्या एस्ट्रोटॉक ये नहीं बता पाती कि पेपर में क्या सवाल आयेंगे ? कौन सा पेपर लीक होगा ? रानी यही तो करती है अपनी प्रजा को अपने फायदे के लिए कहीं भी झोंक देती है , ये कर सको तो समझो रानी हो ।

खुरपेंच

96,351 次观看 • 1 年前

अगर आप भाजपा के कट्टर समर्थक हैं, अगर आप भाजपा के लिए काम करते हैं, अगर आप भाजपा की सोशल मीडिया टीम में हैं अगर आप भाजपा का प्रचार करते हैं, अगर आप कट्टर अंधभक्त हैं, तो ये वीडियो पूरा देखिए और सोचिए कि पार्टी के लिए काम करने वालों की क्या हालात है? इस लड़की का नाम श्वेता है, ये इन्फ्लूएंसर है और अभी दो दिन पहले अपने भाई के साथ भाजपा के प्रचार के लिए कंटेंट इक्कठा करने एक मीटिंग में गई थी। ठीक दो दिन बाद इसके भाई का एक्सीडेंट हो गया तो ये अपने भाई को लेकर गोरखपुर AIIMS गई लेकिन वहां कोई डॉक्टर ही नहीं था। जबकि 4-4 डॉक्टर वहां नियुक्त हैं। अब ये सिस्टम को कोस रही है, रो रही है जबकि दो दिनों पहले ये प्रचार कर रही थी। सच्चाई आपके सामने है और फैसला आपके हाथ में है।

MANISH YADAV लालू

75,253 次观看 • 1 个月前

होस्ट – लोग कहते हैं कि आप विपक्ष का समर्थन करते हैं और सिर्फ सरकार से सवाल पूछते हैं। क्या आपने कभी किसी सरकारी योजना की सिर्फ तारीफ़ करते हुए वीडियो बनाया है? अभिनय सर – सरकार का काम अच्छा काम करना है। उसकी तारीफ़ करने के लिए पहले से ही बहुत लोग और मीडिया मौजूद हैं। होस्ट – तो आपको नहीं लगता कि सरकारी योजनाओं की अलग से तारीफ़ करनी चाहिए? अभिनय सर – अगर मैं पेपर लीक, छात्रों की नौकरी और परीक्षा की गड़बड़ियों पर सवाल उठाता हूँ, तो यह विपक्ष का समर्थन नहीं है। यह एक शिक्षक होने के नाते मेरी ज़िम्मेदारी है।यह संस्करण अधिक सरल और बोलचाल की हिंदी में है। इसी वज़ह से Abhinay Maths सबसे अलग हैं

Sandeep Khasa

39,811 次观看 • 2 个月前

भाजपा के अंदर आपस में ‘विचारों का विलय’ नहीं हो रहा है और दावे दुनिया भर के। आप तो लखनऊ की कुर्सी पर ध्यान दें, जिसे दिल्लीवाले विलय ही नहीं, विलीन भी करनेवाले हैं। एक मुख्यमंत्री होने के नाते वैसे भी ये विषय आपके अधिकार क्षेत्र का नहीं है। ऐसा लगता है कि ये सुझाव देने के लिए आपको दिल्लीवालों ने मिलने का समय नहीं दिया तभी आप माइक पर बोलने को मजबूर हैं, नहीं तो ये बात तो आप भी समझते ही हैं कि जब आपस में खटास हो तो एक-दूसरे के अधिकार-क्षेत्र में अतिक्रमण और भी खलता है। ध्यान रखिएगा कहीं ऐसा न हो कि इस अतिक्रमण के ख़िलाफ़ कोई तोड़क कार्रवाई हो जाए, बुलडोज़र तो दिल्लीवालों के पास भी है।

Akhilesh Yadav

152,406 次观看 • 2 年前

मैं आमतौर पर सेलिब्रिटीज़ को निशाना बनाने से परहेज़ करती हूँ क्योंकि वे आसान आलोचना का शिकार हो जाते हैं, और सवाल तो सत्ता से किया जाना चाहिए जिससे कि जवाबदेही सुनिश्चित हो लेकिन जब यह सेलिब्रिटीज़ RSS जैसी एक ऐसी संस्था की तारीफ़ों के पुल बाँधने लगते हैं जो मेरे देश में नफ़रत फैलाती, लोगों को बाँटती है, तो कुछ ज्वलंत मुद्दों पर उनकी चुप्पी पर भी ज़रूर सवाल उठते हैं • जब लोगों की लिंचिंग सिर्फ़ उनकी शक्ल या उनके खाने की वजह से होती है, तो आप चुप क्यों रहते हैं? • जब लड़कियों के साथ बलात्कार होता है और अपराधियों को सत्ता का संरक्षण मिलता है, तो आप एक भी शब्द क्यों नहीं बोलते? • जब सर्वोच्च पदों पर बैठे लोग हिंसा और नफ़रत को बढ़ावा देते हैं, तो आप चुप क्यों रहते हैं? • जब किसानों को कुचला जाता है, तो आप बोलते क्यों नहीं? • जब मणिपुर हिंसा की आग में जलता है और महिलाओं के साथ बर्बरता होती है तो आप चुप क्यों हैं? • जब बिलकिस बानो केस के दोषियों को माला पहनाकर सम्मानित किया जाता है और जश्न मनाया जाता है, तो आप ख़ामोश क्यों रहते हैं? • आसमान छूती महँगाई और पेट्रोल की कीमतों पर आपके वे भद्दे मज़ाक कहाँ चले गए? • रुपए लगातार गिर रहा है और आपको कोई भी फ़िक्र क्यों नहीं है? • इस देश में गंदे पानी से होने वाली मौतों पर आप बोलते क्यों नहीं? • जानलेवा प्रदूषण से आपको परेशानी नहीं होती? • खुले गड्ढों में गिरकर युवाओं की मौत हो रही है पर आपको जरा सा भी गुस्सा कैसे नहीं आता? • असल में तो जब आपके अपने किसी साथी को बदनाम किया जाता है, तब भी आप कभी बोलने की हिम्मत क्यों नहीं करते? अगर आप ज़रूरी ज्वलंत मुद्दों पर बोल नहीं सकते - तो कम से कम उन लोगों का महिमामंडन तो मत कीजिए जो नफ़रत फैलाते हैं और उससे फ़ायदा उठाते हैं अन्याय के सामने खामोश रहना एक choice है, लेकिन नफ़रत को बढ़ावा देना choice कतई नहीं है

Supriya Shrinate

69,431 次观看 • 6 个月前

क्या ये गलत है.. देखिए, सोचिए, बताइए.. स्कूल के एक कमरे में बच्चियां और शिक्षिकाएं डांस कर रही हैं. बैकग्राउंड में कोई गाना बज रहा है.. पंजाबी सॉन्ग.. शिक्षिका का डांस करते हुए वीडियो देखकर समझा जा सकता है कि वो झिझक रही हैं.. शर्मा रही हैं.. फिर किसी के आग्रह पर डांस कर रही हैं.. डांस करने वाली महिला शिक्षामित्र हैं और उनका नाम प्रीति जैन बताया जा रहा है. डांस का ये वीडियो मेरठ के कृष्णापुरी स्थित सरकारी प्राथमिक विद्यालय का है. सोशल मीडिया पर जो वीडियो और मैसेज वायरल है, उसका मजमून समझिए.. " शिक्षा का मंदिर बना नृत्यशाला.. सरकारी विद्यालय में ठुमके लगाने का वीडियो वायरल.." क्यों भई, वीडियो वायरल करने वालों.. क्या गलत है इस वीडियो में!! क्यों इतना फ्रस्ट्रेटेड रहते हो आप लोग.. किसी की जरा खुशी आप लोगों से क्यों बर्दाश्त नहीं होती.. अरे, वो टीचर सार्वजनिक मंच पर तो नाच नहीं रही हैं!! वीडियो वायरल करने वाले बताएं, इसमें क्या गलत है.. इस वीडियो में क्या अश्लीलता है.. कौन से नैतिक मूल्यों का उल्लंघन किया गया है.. कहां लिखा है कि क्लास रूम में बच्चों के साथ टीचर नाच-गा नहीं सकते.. हमारी पूरी क्लास के बच्चों ने तो अपने टीचर्स के साथ खूब गाना-बजाना, मौज-मस्ती, बकैती की है.. अरे भई, पढ़ाई ऐसे ही तो होती है.. अपनी छात्राओं के साथ बंद कमरे में नाचना.. मस्ती करना कोई गुनाह है क्या!! क्या उन टीचर मैडम ने अपने स्टूडेंट्स के साथ मनोरंजन के कुछ पल बिताकर गुनाह कर दिया.. क्या शिक्षक-शिक्षिकाओं और छात्र-छात्राओं को नृत्य करने की मनाही है.. इसमें कौन सी मर्यादा का हनन हो गया!! ये कौन से नियम हैं!! ये कौन सी पहरेदारी है!! ये कौन सा प्रतिबंध है!! विभाग के नियम-कानून की किसी किताब में तो नहीं लिखा.. और इस वीडियो के वायरल होने पर खंड शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश भी दे दिए.. कितना बेवकूफ अधिकारी है जो फालतू के आदेश दे रहा है. सबसे पहले तो उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.. मैं तो इस वीडियो में दिख रहीं बेटियों और शिक्षिकाओं के लाख-लाख बार समर्थन में हूं.. आप भी ये वीडियो देखिए और बताइए, क्या गलत है इसमें.. #TEACHers #teacherandstudent #Dance #school #education #educational #EducationReform

Vivek K. Tripathi

13,045 次观看 • 1 年前

वे मूर्ख हैं जो अपनी बेटियां स्कूल कॉलेज कोचिंग भेजकर सोचते हैं कि वह पढ़ लिख कर आ रही है, स्कूल कॉलेज जाकर आपकी बेटी केवल किसी का शिकार बनकर आ रही है, और वह ये सब घर पर बताती भी नहीं है, वह ये सब आपको धोखा देकर करती है। जिहाद में म्लेच्छों का शिकार बनने में आपकी बेटी और आप बराबर दोषी हैं। आगरा के थाना रकाबगंज स्थित खालसा इंटर कॉलेज के समीप का वीडियो, पाँच हिन्दू लड़कियां बात कर रही हैं, एक मलेच्छ आता है, और हिंदू लड़की का हाथ पकड़कर दीवार की पिछली तरफ़ ले जाता है, एक अन्य वीडियो में भी हरकत देखिए, एक अन्य वीडियो भी है, जिसमे इसके और साथी भी मौजूद हैं, अत्यधिक नग्नता के कारण उसको यहाँ पोस्ट नहीं कर सकता, लेकिन इन जैसी लड़कियों के माँ बाप को मेरी सलाह है, अगर ध्यान नहीं रख सकते तो बच्चे पैदा करने बंद कर दो, कम से कम इन भेड़ियो का शिकार तो नही होंगी 👁️

सतीश पांडेय (सनातनी)

14,985 次观看 • 2 个月前

प्राइमरी स्कूल इस देश का प्राण हैं. अगर कोई यह कहते हुए बंद करने की सिफारिश कर रहा कि टीचर पढ़ाते नहीं, स्कूल में बच्चे नहीं आते, सरकारी खर्च बहुत ज्यादा है, तो वह गलत कह रहा। प्राइमरी स्कूलों की बदहाली की वजह से ही प्राइवेट स्कूल मोटा रहे। अगर सरकारी स्कूल पूरी तरह से बदहाल हो जाए तो प्राइवेट स्कूल मनमानी पर उतर आएंगे। फिर जो दिहाड़ी मजदूर है, चना-चूरन बेचने वाले लोग हैं वह अपने बच्चों को प्राइवेट में नहीं पढ़ा पाएंगे। फिर इनकी आबादी पूरे देश में 50% से अधिक है। आप प्राइमरी की आलोचना करते हुए अक्सर अपने गांव को देखते हैं, आपका गांव संपन्न हो सकता है, कमाई के मामले में लोग आगे आ गए हों, लेकिन सुदूर किसी एरिया में जाइए। आप देखेंगे कि पढ़ाई की स्थिति अभी भी भयावह है। लोगों के पास आज भी खाने की व्यवस्था नहीं है। पढ़ाई को लेकर जागरुकता नहीं है। सरकारी टीचर किसी भी राज्य का सबसे जरूरी एसेट्स है। सारे बौद्धिक लोग हैं। राज्य में जो भी लिखा-पढ़ी वाली चीजें होती हैं उनमें आप इन्हीं की सेवा लेते हैं। आप पुलिस या फिर किसी और सर्विस विभाग से काम नहीं ले पाएंगे। आप सरकारों का शिक्षा बजट पर खर्च पता करिएगा। आपको पता चलेगा कि यह कुल बजट का 10% भी नहीं है। मिड-डे-मील पर आज भी प्रति बच्चा 5 रुपए से ज्यादा खर्च नहीं हो रहा। जबकि आपको टीचर की सैलरी ज्यादा लगती है। आप एक चीज और देखिए, जिन स्कूलों में टीचर्स या फिर वहां के ग्राम प्रधान ने अपने से पैसा लगाया, स्कूल को सजाया, बिजली, कुर्सी-मेज, पंखे और पानी की अच्छी व्यवस्था की, वहां बच्चों की संख्या बहुत अधिक मिलेगी। जबकि यह सब व्यवस्था करने का काम शिक्षक का नहीं है। जरूरी है कि स्कूलों की बेहतरी पर काम किया जाए। कुर्सी-मेज, बिजली, पीने की व्यवस्था बेहतर करना सुनिश्चित किया जाए। इंग्लिश मीडिया में तब्दील किया जाए। स्कूल को बारातघर न बनाया जाए। ताश खेलने का अड्डा न बनाया जाए। कम से कम 4 टीचर्स की व्यवस्था की जाए। तब आप देखिए, लोग कैसे अपने बच्चों का एडमिशन करवाने के लिए लाइन लगाकर खड़े नजर आएंगे। यह वीडियो कुछ महीने पहले का है। लखनऊ के एक स्कूल का है। देखिए।

Rajesh Sahu

35,002 次观看 • 1 年前

नरेंद्र मोदी ने रुस की धरती पर कहा कि 2014 के पहले हमारा देश निराशा की गर्त में डूब चुका था नहीं मोदी जी, भारत एक उम्मीद है, नैतिकता की धुरि है, एक शाश्वत संस्कृति है, एक जीते जागते युगपुरुष का नाम है. यहाँ के लोगों ने विश्व को ऊर्जा दी है, समय समय पर सही और ग़लत का अंतर सिखाया है, मर्यादा, प्रेम, अहिंसा, सत्य और नैतिकता के मायने सिखाये हैं. हम कभी निराश हो ही नहीं सकते. हम जुझारू हैं, निडर हैं, निर्भीक हैं. हमारे शास्त्र, सारे धर्म, हमारी संस्कृति हमें हर संकट से लड़ना और जीतना सिखाती है. निराश हों हमारे दुश्मन लेकिन अपने देश के बारे में भला ऐसा कौन बोलता है? इतनी कुंठा? और वो चरणचुंबकों की ब्रिगेड जो ‘विदेश में जाकर देश का अपमान’ करने का विलाप करती है, कहाँ है? प्रधानमंत्री की रुस की धरती पर की गई इस निर्लज्जता पर साँप क्यों सूँघ गया है?

Supriya Shrinate

201,403 次观看 • 2 年前

आपका नाम स्वीटी सहरावत है , आप 2019 बैच की IPS अधिकारी हैं , आप वर्तमान में पटना सेंट्रल के SP पद पर आसीन हैं , आपका एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें आप कह रही है कि छात्रों पर कोई लाठी नहीं चली, लेकिन कई अन्य वीडियो में देखा जा सकता है, कि किस तरह बिहार पुलिस ने छात्रों के शरीर में भीमबेटका वाली कलाकृतियां उभार दी हैं , पिछले वर्ष आप खूब चर्चा में थी जब पूर्व डीजीपी कुछ शिकायतें लेकर आपके घर पहुंच गए थे , तब आपने उनसे घर को पर्सनल स्पेस बताया था और ऑफिस में मिलने को बोला था ,इसका मतलब आपको इंडिविजुअल राइट्स की बहुत जानकारी है , फिर जिन बच्चों पर लाठियां चली हैं क्या उनके कोई अधिकार नहीं हैं ? क्या जहां वे आंदोलन कर रहे थे वहां से कोई रैली निकलनी थी ? क्या वहां ट्रैफिक जाम हो रखा था ? क्या वो उपद्रव कर रहे थे ? जिस तरह आप वहां खूब हीरोगिरी दिखा रही थी क्या बच्चे नक्सली या आतंकवादी थे , क्या उसकी सच में जरूरत थी ? लेकिन रानी यही तो करती है , आंसर राइटिंग और इंटरव्यू में खूब आदर्शवादी बातें करके आखिरी पड़ाव तक पहुंचती है, और फिर लोगों के अधिकारों को ताक पर रखकर हीरो बनने की कोशिश करती है और अपने एक्शन से लोगों को विचलित कर देती है ,ये होती है रानी वाली क्वालिटी । #BPSC #BPSCReExamForAll

खुरपेंच

26,923 次观看 • 1 年前

'वो रुकते नहीं' योगी आदित्यनाथ के बारे में एक बात तय है। वो रुकते नहीं। दूसरी सरकारें एक बड़ा काम करती हैं और फिर दो साल उसी की चर्चा करती रहती हैं। योगी सरकार एक बड़ा काम करती है और फिर दूसरा करती है। फिर तीसरा। हर बार UP की अपनी जनता के लिए कुछ और जोड़ते हुए। आज का जोड़ बड़ा है। #UPGlobalGrowthDialogue2026 में बेंगलुरु के चार सबसे भरोसेमंद डेवलपर्स से 29,000 करोड़ रुपये। टेक पार्क। GCC कैंपस। कमर्शियल ऑफिस टावर। उत्तर प्रदेश की तरफ आ रहे हैं, उसी शहर से जहाँ यहाँ का सबसे अच्छा टैलेंट दशकों से जाता रहा है। बरेली की प्रीति कई साल पहले बेंगलुरु गई जब UP के पास उसे देने के लिए कुछ नहीं था। उसकी छोटी बहन, जो आज कॉलेज में है, UP को बदलते हुए देख रही है। हर कुछ महीनों में एक नई वजह आती है, प्रीति जैसा न करने की। नौ साल से एक सरकार जो कभी नहीं बैठती, यही दिखता है उसका नतीजा। #YogiforGrowth

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33,701 次观看 • 1 个月前