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आपका नाम चन्द्र शेखर सिंह है , आप 2009 बैच के IAS अधिकारी हैं , आपका चयन PH 1 (Orthopedically handicapped) कैटेगरी से हुआ था ,आप वर्तमान में पटना के DM हैं, कल BPSC एग्जाम होने के बाद छात्र प्रदर्शन कर रहे थे , आप उनको उछल उछल के...

153,126 views • 1 year ago •via X (Twitter)

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दिल्ली देश की राजधानी है। यहाँ हर राज्य से लोग आते हैं। यहाँ हर प्रदेश के नंबर की गाड़ियां चलती हैं। किसी भी राज्य के नंबर की गाड़ियां देश के किसी भी हिस्से में जा सकती हैं, इस पर कोई रोक टोक नहीं है। बीजेपी का ये बयान सुनिए। ये बेहद खतरनाक, चिंताजनक और पंजाबियों के लिए अपमानजनक है। ये पंजाब के नंबर की गाड़ियों को चिन्हित करके कह रहे हैं कि दिल्ली में पंजाब की गाड़ियां क्यों घूम रही हैं? वो ऐसे कह रहे हैं जैसे पंजाबी देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। ये मेरे और देश के हर पंजाबी के लिए बेहद अपमानजनक है। आज हर पंजाबी बेहद पीड़ा और अपमान महसूस कर रहा है। अपनी गंदी राजनीति के लिए इस तरह पंजाबियों की देशभक्ति पे सवाल उठाना ठीक नहीं है। अमित शाह जी, आप ना देश के बॉर्डर को सुरक्षित रख पा रहे हो और ना ही दिल्ली को। इतने हज़ारों बांग्लादेशी और रोहिंग्या पूरे देश में आ रहे है, आपको उनसे दिक्कत नहीं है? लेकिन पंजाब से दिल्ली आनेवाले पंजाबियों को आप देश के लिए खतरा बोल रहे हो। आपको पंजाबियों से माफ़ी माँगनी चाहिए

Bhagwant Mann

252,030 views • 1 year ago

आदरणीय प्रधानमंत्री जी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिश्व सरमा के शपथग्रहण का शायद यह कार्यक्रम है। भाजपा शासित तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री कतार में दिख रहे हैं। आश्चर्यजनक तौर पर पंजाब के राज्यपाल महोदय भी इसी कतार में खड़े हैं। शायद न्योता भेजा दिया गया होगा क्योंकि ये भी असम के राज्यपाल रह चुके हैं और ये भी आ गये होंगे भावावेश में। लेकिन मोदीजी, हिमंता बिश्व सरमा का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आपकी उस अपील के बाद हुआ है जिसमें आपने वर्क फ्रॉम होम करने, यात्रा से परहेज करने, पेट्रोल डीजल बचाने की बात की है। फिर इस शपथ ग्रहण समारोह में इतने वीवीआईपी कैसे जुट गए? ये सब आपकी बात मानने वाले तो हैं लेकिन आपकी बात समझने वाले नहीं हैं शायद। मुझे कई राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ उनके दोनों उपमुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण समारोह में दिखे और फिर कामाख्या देवी मंदिर में सभी परिवार सहित भी दिखे। राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय भी परिवार सहित दिखे। अब आप यह बताइए कि क्या सभी मुख्यमंत्रियों, उप मुख्यमंत्रियों के परिवार सहित गुवाहाटी पधारे बिना क्या शपथ ग्रहण नहीं हो सकता था? अगर आप किसी संकट की ओर इशारा कर रहे हैं तो फिर ये खर्चीले समारोह क्यों हो रहे हैं? हमारा देश नायकत्व को स्वीकार करता है और नायकों की बातों को मानता रहा है। लेकिन उसे अच्छे उदाहरण सेट करने वाले नायक भी चाहिए। उसे कथनी और करनी एक जैसी रखने वाले नायक चाहिए। इस देश के ज्यादातर लोग देशभक्त हैं। वे जिम्मेदारी समझते भी हैं और मुश्किल के समय देश का साथ भी देते हैं लेकिन उन्हें भरोसा चाहिए कि वे जो त्याग कर रहे हैं उसका कोई मूल्य है। इसलिए, इसलिए बहुत जरूरी समारोहों में ही ऐसी भीड़ भेळी कीजिए ज़रूरी नहीं हो तो भीड़ टालिए। या समारोह टालिए। वर्चुअल समारोहोंं की भी गरिमा होती है और यह देश इनका महत्व देख समझ चुका है। Narendra Modi

Arvind Chotia

16,741 views • 4 months ago

समस्या सुनने खुद मुख्यमंत्री गांव आएं ऐसे दृश्य हमने कभी नहीं देखे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीकर के गांव जाजोद में रात बिताने के बाद शुक्रवार सुबह गांव का दौरा किया। मॉर्निंग वॉक पर निकले तो लोग मिल गए। उनसे बातें भी की और अपनी समस्याएं भी बेझिझक बताई। राजस्थान में यह एक नयापन है। हमने इतनी उम्र में मुख्यमंत्री तो बहुत देखे हैं लेकिन जनता के बीच जाकर इस तरह समस्याओं को सुनने की कोई परंपरा नहीं देखी। कल भजनलाल जी प्रतापगढ़ के बंबोरी में थे और आज सीकर के जाजोद में। कल किस गांव में होंगे, वे ही जानें लेकिन राजस्थान के लोगों को अब यह उम्मीद तो रहेगी की कभी मुख्यमंत्री जी उनके गांव में भी आकर उनकी पीड़ाएं पूछ सकते हैं। जब प्रदेश का शीर्ष व्यक्ति खुद आपके गांव में आकर आपकी समस्याएं सुनता और देखता है तो उनके समाधान की उम्मीद भी बढ़ जाती है और संभावना भी। यह सिलसिला चलता रहे। समस्याएं अनंत है और कभी खत्म नहीं होती लेकिन कोई सुनने वाला हो और समाधान करवाने वाला हो, इतना भी बहुत है। Bhajanlal Sharma

Arvind Chotia

61,161 views • 4 months ago

पाकिस्तान भी कहता है कि कश्मीर में जनमत संग्रह होना चाहिए कि कश्मीर के लोग आजाद रहना चाहते हैं पाकिस्तान में मिलना चाहते हैं या भारत में रहना चाहते हैं कश्मीर के आतंकी भी कहते हैं कि कश्मीर में जनमत संग्रह होना चाहिए इसीलिए उन्होंने कश्मीर घाटी से हिंदुओं का कत्लेआम कर दिया उन्हें भगा दिया ताकि भविष्य में जनमत संग्रह हो तो फैसला एक तरफ़ा हो और सोनम वांगचुक भी कई बार कह चुके हैं कि कश्मीर में जनमत संग्रह होना चाहिए कश्मीर अलग होना चाहता है कि पाकिस्तान के साथ रहना चाहता है कि भारत के साथ रहना चाहता है अब ऐसे गद्दार के साथ अगर आप भी खड़े हैं तो आप खुद गद्दार हैं

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

39,578 views • 2 months ago

यह राजस्थान की सबसे सुंदर तस्वीर है! राजस्थान में अनेक नेता हैं। सदाशयी भी हैं; भले और भोले-भाले भी हैं; लेकिन कुछ मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कोई सानी नहीं। वे एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो बुजुर्गों और बीमारों की सुध लेना कभी नहीं भूलते। चाहे कोई हो। वयोवृद्ध हो या बीमार। नेता हो, पत्रकार हो या पुराना मित्र। काँग्रेस का हो या भाजपा का; गहलोत साहब उनसे मिलने अवश्य जाते हैं। यह उनका स्वभाव है और यह उनकी संवेदनशीलता है। वे मुख्यमंत्री रहते हुए भी यह काम कर लिया करते थे। हो सकता है, किसी को उन्होंने राजनीतिक रूप से बेकल भी किया हो; लेकिन वह भी बीमार पड़ा तो सबसे पहले वे ही पहुँचते हैं। इस काम को वे राज्य की सीमाओं से पार जाकर करते हैं। वे जब तीसरी बार सीएम थे तो उन्होंने एक अप्रत्याशित व्यक्ति के सहयोगी की पुत्रवधू के गंभीर इलाज में बिना किसी के कहे न केवल मदद की, उन्हें सब तरह की सुविधाएं मुहैया करवाईं। गहलोत ऐसे काम करते रहते हैं और उनकी चर्चा भी नहीं करते। आज उन्होंने शतायु पार पंडित रामकिशन जी से मुलाकात की। सौ से भी अधिक वसंत जी चुके इस अनुभवी व्यक्तित्व के साथ उनकी यह भेंट न केवल शिष्टाचार है, बड़ों के प्रति सम्मान की एक जीवंत मिसाल भी है। पंडित रामकिशन हमारे प्रदेश की राजनीति के लिए किसी थाती से कम नहीं हैं। इसलिए गहलोत साहब का यह क़दम उनके क़द को भी बढ़ाता है और दम को भी। लेकिन अफ़सोस कि कॉंग्रेस या भाजपा के किसी नेता में अब यह ख़ूबी नहीं दिखती। यह तस्वीर सुंदर है। यह मुलाक़ात बेहतरीन है। और यह इंसानियत अनमोल है। इस इंसानियत की कुछ कोंपलें हम भी अपने दिलों की मिट्टी में उगाएँ! बाक़ी नेता भी इस राह पर बढ़ें! 🙏

Tribhuvan_Official

18,661 views • 5 months ago

आपका नाम गायत्री राठौड़ है , आप राजस्थान के स्वास्थ्य विभाग में प्रमुख सचिव के पद पर आसीन हैं , आपका एक वीडियो बहुत तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें आप एक बेरोजगार बच्चे से ये कह रही हैं कि क्या आप सरकार से पूछ कर पैदा हुए थे ? मैं अधिकारी महोदया से पूछना चाहता हूं कि पैदा होने के लिए या बच्चे पैदा करने के लिए कलेक्ट्रेट या तहसील में लाइसेंस या NOC किस्से लेनी होती है ? इसके लिए कौन कौन से डॉक्यूमेंट्स की जरूरत होती है? क्या अन्य लाइसेंस और कागज बनवाने की तरह जैसे बाबू को 500 रुपए घूंस देने से ये भी बन जाता है क्या? अगर आपका भी कोई पर्सनल अनुभव हो तो वो भी साझा कीजिए गरीब आदमियों की बहुत मदद होगी ।

खुरपेंच

119,216 views • 1 year ago

‘रजाकार’ शब्द से ही हम में से अधिकांश परिचित नहीं हैं, तो उसकी नृशंसता कहाँ से समझ पाएँगे। हैदराबाद में हिन्दुओं के नरसंहार का यह वह अध्याय है जिसे लम्बे समय तक छुपाया रखा गया। यह फिल्म एक श्रद्धांजलि तो है ही, पर एक दुस्साहस भी है उस तंत्र के समक्ष जो इसे रिलीज नहीं होने देना चाहते। आपको यह दृश्य विचलित ही करेंगे क्योंकि इस्लामी आतंक के इस दौर के नरसंहार, बलात्कारों के सामान्यीकरण और किताब में उद्धृत दुष्कर्मों को उचित बना देने वाले रजाकारों की क्रूरता आपको विचलित न करे, तो आप संवेदनहीन हैं, या इस्लामी आतंकियों के समर्थक हैं। कल यह फिल्म तेलुगु में रिलीज हो रही है और सप्ताह भर बाद हिन्दी में आएगी।

Ajeet Bharti

188,865 views • 2 years ago

मंत्री की बौखलाहट, चिड़चिड़ाहट, झल्लाहट, झुंझलाहट खिसियाहट एवं घबराहट स्पष्ट बता रही है कि बिहार में घोर प्रशासनिक अराजकता और अंधेरा व्याप्त हो चुका है। मंत्री जी चौधराहट में बिहार के जघन्य अपराधों की तुलना अमेरिका और जापान से करते हुए कहते है कि वहाँ भी बलात्कार, हत्या और अपराध होते है। मिमियाहट में देश के सबसे गरीब और पिछड़े राज्य बिहार की समतुलना अमेरिका के निवेश, प्रति व्यक्ति आय और विकास इत्यादि की बजाय अपराध से कर खुद, स्वयं की पार्टी और अंधभक्तों को गौरवान्वित महसूस करा रहे है मंत्री की हकलाहट में छलकपट भी टपक रहा है। सामान्य दिनों में फंसने पर यूट्यूबर्स के सामने ये तुतलाहट में लिपटी घिसी-पिट्टी एक दो पंक्ति अंग्रेजी में बक निकल जाते थे लेकिन आज बेचारे उकताहट में पत्रकारों को धरा गए। ये मान रहे है कि से 2005 से पहले बिहार राज्य अपराध नियंत्रण में अमेरिका और जापान से बेहतर था। वैसे भी ये तीन बेटियों के पिता है और इनकी बेटी अमेरिका में पढ़ती है इसलिए इन्हें ऐसे मामलों में संवेदनशील होना चाहिए लेकिन सरकार की नाकामी स्वीकारने की बजाय ये अमेरिका के नाम पर बिहार के अपराध का ठीकरा फोड़ रहे है।

Tejashwi Yadav

103,641 views • 3 days ago

मध्य प्रदेश में BJP का जंगलराज पहले BJP के नेताओं ने एक दलित लड़की का यौन उत्पीड़न किया और फिर उसे धमकाते रहे कि ये बात किसी से मत कहना। डरी-सहमी लड़की ने ये बात अपने परिवार को बताई और फिर तमाम मशक्कत के बाद FIR हुई। इसके बाद से BJP के नेता दलित परिवार पर समझौते का दबाव बनाने लगे। जब समझौते के लिए परिवार राजी न हुआ तो लड़की के भाई की पीट-पीटकर हत्या कर दी। जब लड़की की मां बीच-बचाव करने आई तो उसे निर्वस्त्र कर दिया। दलित लड़की के भाई की हत्या के बाद से BJP नेता परिवार पर समझौते के लिए तमाम दबाव डाल रहे थे। इसे लेकर तीन दिन पहले समझौते के लिए लड़की के चाचा को बुलाया गया और वहां उनकी हत्या कर दी गई। अब खबर है कि दलित लड़की अपने चाचा की लाश को एंबुलेंस में लेकर गांव आ रही थी और रास्ते में एंबुलेंस से गिरकर उसकी मौत हो गई। एक साल के अंदर ही दो हत्या और एक दलित लड़की की संदिग्ध मौत, जिसने BJP नेताओं पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। Narendra Modi जी, आप तक ये खबर पहुंची? आपके जंगलराज में सरेआम कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। बेटियों का उत्पीड़न हो रहा है और समझौता न करने पर आपकी पार्टी के लोग हत्या करवा रहे हैं। आपने देश को बेटियों के लिए सबसे ज्यादा असुरक्षित बना दिया है.. और हर बार की तरह आप इस बार भी दरिंदों के साथ खड़े होंगे- ये देश जानता है। (ये वीडियो पिछले साल का है, जब दलित लड़की के भाई की हत्या कर दी गई थी)

Congress

1,790,507 views • 2 years ago

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में 1911 यानी 115 साल पुरानी बनी हुई मस्जिद को आज बुलडोजर चला गिराने के बाद मलबा ट्रैक्टर ट्रालियों में भरकर शहर से 11 किलोमीटर दूर फेंक दिया गया है, मस्जिद पर बुलडोजर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेताओं की नहीं बल्कि DJ की नाक के नीचे भी चला हैं, उसी DJ की नाक के नीचे जिसके आदेश में 30 दिन का समय दिया गया था और 22 दिन बाकी थे, प्रशासन की गुंडागर्दी देखिए कि कल रात ही शहर में मस्जिद को तोड़ने की ख़बर फ़ैल गई थी जिसे प्रशासन ने अफ़वाह करार दिया और मस्जिद न तोड़ने का आश्वासन देकर भीड़ को हटाने के बाद शातिराना अंदाज़ के साथ सुबह के अंधेरे में बुलडोजर चला दिया गया। भाजपा की निठल्ली सरकार के पास इस देश को दिखाने के लिए न कोई विकास है न बदलाव हैं, इस देश के हिंदू भी इतने अज़ीब हैं कि मुस्लिमों पर जब ज़ुल्म होता हैं तो वह तालियां बजाते हैं भाजपा की वाह वाह करते हुए CM का नाम बुलडोजर बाबा रख देते हैं, मुस्लिमों और उनके धार्मिक स्थलों को टार्गेट करने से हिंदू ख़ुश होता हैं यह मेरा नहीं बल्कि भाजपा सरकार का मानना है, अगर ऐसा नहीं है तो इस देश के हिंदुओं को इस सरकार से बहुत ही मजबूती के साथ सत्ता से सवाल करने चाहिए और इस देश के मुसलमानों की लड़ाई लड़े, सरकार को मुंह तोड़ जवाब दे कि अब इस देश का हिंदू मुस्लिम पर ज़ुल्म होने से ख़ुश नहीं बल्कि दुखी होगा और ज़ुल्म करने वालों की ईंट से ईंट से बजा देगा।

Zakir Ali Tyagi

25,501 views • 22 days ago

क्या कल के इस प्रदर्शन से देश का भला होने वाला है? मेरा मानना है, आप देश में विरोध-प्रदर्शन 365 दिन में कभी भी कर सकते हो और इसके लिए 365 सही जगह है प्रदर्शन वहां करो स्टूडेंट बेरोजगारी के खिलाफ आवाज उठाते हैं तो उन्हें सपोर्ट करो महंगाई के खिलाफ धरना करो एग्जाम लीक्स के खिलाफ प्रदर्शन हो तो उनके साथ आओ लेकिन सिर्फ लाइमलाइट में आने के लिए प्रदर्शन करने से देश को हम आगे नहीं ले जा सकते... AI समिट एक प्रयास है कि हम देश को आगे कैसे ले जा सकते हैं वहां इस प्रदर्शन का मतलब नहीं बनता... राहुल गांधी कई बार अच्छा करते हैं, उनकी तारीफ होती है, लेकिन कुछ समय बाद चीजें Over हो जाती हैं... एक mature विपक्षी नेता के नाते उन्हें emotional intelligence सीखने की जरूरत है विपक्ष का प्रदर्शन ऐसा होना चाहिए जिससे वे सभी लोग एक साथ आ सकें जो देश को आगे बढ़ाना चाहते हैं, जो देश में असल में सुधार चाहते हैं ना कि प्रदर्शन भी सोसाइटी को बांटने का काम करने लगे...

Abhinay Maths

35,682 views • 7 months ago