Video wird geladen...

Video konnte nicht geladen werden

Zur Startseite

आपत्काले च कष्टेऽपि नोत्साहस्त्यज्यते बुधैः। इति प्रबोधितस्तेन कथञ्चिद् दृढबुद्धिना।।

368,739 Aufrufe • vor 19 Stunden •via X (Twitter)

0 Kommentare

Keine Kommentare verfügbar

Kommentare vom Original-Post werden hier angezeigt

Ähnliche Videos

सर्वपाप नाशक और समस्त कामनाओं को पूर्ण करने वाला भगवान शिव का स्त्रोत्र ! Singer Sreerama Chandra भगवान मंजुनाथेश्वर (शिव जी) की स्तुति गीत के शब्द - महर्षि वेदव्यासजी ॐ महाप्राण दीपम् शिवम् शिवम् महौंकार रूपम् शिवम् शिवम् महासूर्य चंद्रादि नेत्रम् पवित्रम् महाघना तिमिरान्तकं सौरिगात्रम् महाकान्ति बीजम् महादिव्य तेजम् भवानी समेतम् भजे मंजुनाथम् ॐ नमः शंकराय च मयस्कराय च नमः शिवाय च शिवतराय च भवहाराय च महाप्राण दीपम् शिवम् शिवम् भजे मंजुनाथम् शिवम् शिवम् अद्वैत भास्करम् अर्धनारीश्वरम् हृदश हृदयांगमम् चतुर्दधि संगमम् पंचभूतात्मकम् षट्शत्रु नाशकम् सप्तस्वरेश्वरम् अष्टसिद्धीश्वरम् नवरस मनोहरम् दशदिश सुविमलम् एकादशोज्वलम् एकनाथेश्वरम् प्रस्तुतिव शंकरम् प्रणत जन किंकरम् दुर्जन भयङ्करम् सज्जन शुभङ्करम् प्राणि भव तारकम् प्रकृति हितकारकम् भुवन भव्य भवदायकम् भाग्यात्मकम् ईशम् सुरेशम् ऋषीशम् परेशम् नटेशम् गौरीशम् गणेशम् भूतिशम् महामधुर पंचाक्षरी मंत्रमार्षम् महाहर्ष वर्ष प्रवर्षम् सुशीर्षम् ॐ नमो हराय च स्वरहराय च पुरहराय च रुद्राय च भद्राय च इन्द्राय च नित्याय च निर्नित्याय च महाप्राण दीपम् शिवम् शिवम् भजे मंजुनाथम् शिवम् शिवम् दम दम दम दम दम दम दम दम डंका धिनाद नवरस ताण्डव डम्बरम् त थिमि तक धिमि धि धिमि धिमि धिमि संगीत साहित्य शुभ कमल बंभारम् ॐकार ह्रींकार श्रींकार ऐंकार मंत्र बीजाक्षरम् मंजुनाथेश्वरम् ऋग्वेद माध्यम् यजुर्वेद वेद्यं साम प्रगीतं अथर्व प्रभातम् पुराणेतिहासं प्रसिद्धं विशुद्धम् प्रपञ्चैक सूत्रं विरुद्धं सुसिद्धम् नकारं मकारं शिकारं वकारं यकारं निराकार साकार सारम् महाकाल कालं महानीलकण्ठम् महानन्द नन्दं महात्तहासम् जटाजूट रङ्गैक गङ्गा सुचित्रम् ज्वालारुद्र नेत्रं सुमित्रं सुगोत्रम् महाकाश वासं महाभानु लिङ्गम् महाभर्तृ वर्णं सुवर्णं प्रवर्णम् सौराष्ट्र सुन्दरं सोमनाथेश्वरम् श्रीशैल मन्दिरं श्री मल्लिकार्जुनम् उज्जयिनी पुर महाकालेश्वरम् वैद्यनाथेश्वरम् महाभीमेश्वरम् अमर लिङ्गेश्वरम् वामलिङ्गेश्वरम् काशी विश्वेश्वरम् परम गृश्णेश्वरम् त्र्यम्बकदेश्वरम् नागलिङ्गेश्वरम् श्री केदार लिङ्गेश्वरम् अग्निलिङ्गात्मकम् ज्योतिलिङ्गात्मकम् वायुलिङ्गात्मकम् आत्मलिङ्गात्मकम् अखिल लिङ्गात्मकम् अग्निसोमात्मकम् अनादिम् अमेयम् अजेयम् अचिन्त्यम् अमोघम् अपूर्वम् अनन्तम् अखण्डम् धर्मस्थल क्षेत्र वर परम ज्योतिम् ॐ नमः सोमाय च सौम्याय च भव्याय च भाग्याय च शान्ताय च शौर्याय च योगाय च भोगाय च कालाय च कान्ताय च रम्याय च गम्याय च ईशाय च श्रीशाय च शर्वाय च सर्वाय च महाप्राण दीपम् शिवम् शिवम् भजे मंजुनाथम् शिवम् शिवम् महाप्राण दीपम् शिवम् शिवम् भजे मंजुनाथम् शिवम् शिवम् महाप्राण दीपम् शिवम् शिवम् भजे मंजुनाथम् शिवम् शिवम् महाप्राण दीपम् शिवम् शिवम् भजे मंजुनाथम् शिवम् शिवम्

Bhajan Marg

43,429 Aufrufe • vor 1 Jahr