Загрузка видео...

Не удалось загрузить видео

На главную

इकरा हसन को सुने :

22,114 просмотров • 11 месяцев назад •via X (Twitter)

Комментарии: 0

Нет доступных комментариев

Здесь появятся комментарии из оригинального поста

Похожие видео

कैराना सांसद इकरा हसन के साथ यूपी पुलिस को इस तरह का व्यवहार बिल्कुल नहीं करना चाहिए था जैसा किया गया और किया जा रहा है, इकरा हसन मृतक मोनू कश्यप के लिए जो कि धर्म से हिंदू हैं उसके परिजनों के साथ इंसाफ मांगने के लिए सहारनपुर के DIG के कार्यालय गई थी, इकरा के मुताबिक़ DIG ने उनके सामने ही मृतक के परिजनों को कह दिया कि जो करना है करिए, बाद में पुलिस इकरा को डिटेन करके थाने ले जाती हैं और उनको पकड़ा जाता है और कुछ देर बाद शहर से बाहर छोड़ दिया जाता है। थोड़ी देर बाद सांसद इकरा को जानकारी मिलती है कि पुलिस ने उनके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है जिसके बाद इकरा वापस थाने जाती हैं और पुलिस को खरी खोटी सुनाते हुए रिहाई की मांग करते हुए साफ़ कह देती हैं कि "क्या करोगे फांसी चढ़ाओगे? गोली मारोगे मार दीजिए!" अब Iqra Hasan साथियों की रिहाई के लिए थाने के बाहर धरने पर बैठी हुई है और पुलिस तानाशाही के खिलाफ डटी हुई है, हालांकि पुलिस ने इकरा के आरोपों का खंडन भी किया है लेकिन पुलिस के खंडन और नागरिकों की औकात, हैसियत हम अच्छे से जानते ही कि इस लोकतंत्र में क्या रह गई हैं, एक चुनी हुई सांसद के साथ पुलिस का इतना घटिया व्यवहार हो सकता हैं तो आम नागरिकों की क्या औकात?

Zakir Ali Tyagi

10,123 просмотров • 4 месяцев назад