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इतिहास हमेशा अभिमन्यु को याद रखता है!!
32 条评论

परंतु अभिमन्यु अभिमानी नहीं था।

बिहार ना बदला है ना बदलेगा आज के चुनाव परिणाम ने साबित कर दिया।

Best of luck next Time.

Sachin’s debut!!!

तुम अपना पुराना धंधा शुरू करो!

🤣🤣

वोट कटुआ जनसुराजी अब दो-तीन दिनों में बिहारियों को अनपढ़, गंवार, मूर्ख इत्यादि जैसे उपमाएं देकर गड़ियाते फिरेंगे। बेचारे को 0 सीटें आयी, 2% से भी कम वोट, हाँ एक काम करने में सफल रहा वह था महागठबंधन आयोजित वोट-कटुआ का काम।

अतिआत्मविश्वास हानिकारक होता है! हारने का सबसे बड़ा कारण है तुम्हारा खुल के ना लड़ना।बिहार मे पार्टियों के विकल्प थे पर जरूरत थी लीडर की जिसमे तुम विकल्प थे।तुम लड़ते तो तुम्हारे पीछे पार्टी भी जीतती.. ना तुम लड़े, ना अध्यक्ष बने तो फिर पार्टी मे बचा क्या!

Election results don’t define a leader’s value. PK’s work on the ground, his focus on development, and his connection with the youth will shape Bihar’s future in ways that go beyond one election. Keep going, sir.

Muslim appeasement will not help. They won’t vote kafirs like u

😆😆😆🤣🤣🤣🤣

जिस PK की रणनीति ने कई मुख्यमंत्रियों को जिताया, वही जब खुद educated candidates के साथ उतरे तो भी नतीजे उम्मीद के मुताबिक़ नहीं आए। भाषण, नीतियाँ थीं, भविष्य की प्लानिंग थी—बिहार के विकास का पूरा रोडमैप था…लेकिन पुरानी जातीय राजनीति ने बदलाव की इस कोशिश को फिर हरा दिया। #Bihar

आपकी तपस्या में कोई कमी नहीं थी प्रशांत, बात उनकी समझ में नहीं आई जिन्हें समझनी थी तो आप क्या करेंगे। आपके प्रयास को साधुवाद और समस्त बिहार की ओर से धन्यवाद।

जुबान के पक्के हो क्या?

After the Bihar Results 2025 , I m not sad he lost. I m sad Jansuraj couldn’t win even a single seat 💔 But I believe he’s strong enough to bounce back with more energy, clarity & strategy. His intentions are pure and he knows how the game works. Praying for his comeback 🙌

कोई न , ये बिहार के लोग जो अभी जाती समुदाय धर्म को देख कर वोट कर रहे है इनको एक समझ में जरूर आएगा । हमे अपने दल को ओर मजबूती के साथ डेट रहना होगा हम फिर मेहनत करेंगे एक दिन हम जीतेंगे जय बिहार

Large raho!

बिहार के लोगों के लिए —— अफ़सोस तो बहुत है तुम्हारी बेबसी पर पथरायी आँखों पर, सुख चुके आँसुओं पर। पर एक सवाल सालता है रह रहकर मुझे रहनुमा जो मिलेगा रास्ते में, पहचान तो लोगे।

Keep Going Pls raise the issue of corruption through your large digital team. That itself is a big contribution for Bihar.

Sir, you know politics better than most of us. Please don't leave it here 🙏. If you leave I bet no one in Bihar will have the courage to fight for real issues of Bihar.

फिर bakchodi क्यों कर रहा था कि पालिटिक्स छोड़ देगा ..🤔 🤔

Aap khud ko चाणक्य samjh baithe the, likh kr diye hai ki JDU ko 25 seats se jada nhi aayegi agr aayi toh aap राजनीति se संन्यास le lenge , toh महोदय badhayi ho apko,

राजनीत से संन्यास कब के रहा है re कंबल चोर

सबसे पहले तो अम्बेडकर का फोटो हटाये, अम्बेडकर का फोटो मुस्लिम obc और सवर्णों से दूर कर्ता है

अभिमन्यु ने कब कहा था कि मैंने सारी तैयारी कर दी है पर युद्ध तुम लोग लड़ो और मैं बाहर से देखूँगा? युद्ध नहीं लड़े प्रशांत किशोर और इसी एक कमजोरी से शून्य पर रह गई जन सुराज, नेता वही होता है सबसे आगे रहकर युद्ध करे, तेजस्वी और नीतीश जी के खिलाफ चुनाव में प्रशांत किशोर खड़े होते और स्वयं को मुख्यमंत्री का उम्मीदवार घोषित करते तो हो सकता था जनता भरोसा करती.. अभिमन्यु वीर थे कायर नहीं.. #BiharElection2025

Dramebaaz, fake secular, B-team of Congress

राजनीति कब छोड़ रहे हो पहले ये बताओ? मुसलमान को बंधुआ मज़दूर बोल कर उपहास उड़ाते थे, श्राप ऐसा लगा की औक़ात पता चल गई! रणनीति और राजनीति में आसमान ज़मीन का फ़र्क़ है, पहले अपने अंदर के घमंड को हराइए तब बिहार को जीतिए! पांडे,मुसलमान को राजनीति बाद में सिखाना पहले ख़ुद सीख लो!

#PrashantKishor ने एक पीढ़ी को जगाने की कोशिश की, ज़मीनी मुद्दे उठाए और बदलाव की आवाज़ बने। पर अफसोस बिहार से बाहर भेदभाव झेलने वाले वही लोग घर आकर जातिवादी नेताओं को वोट दे देते हैं। PK के पास खोने को कुछ नहीं था, वो सिर्फ़ बिहार के बेहतर भविष्य के लिए लड़ रहे थे। #Bihar

अभिमन्यु युद्धक्षेत्र में उतरा था, लड़ा था। बाहर बैठ कर बकचोदी नहीं कर रहा था कि मैं यदि लड़ने गया तो अपने प्रतिद्वंद्वी को ही हरा पाऊँगा, पर यदि बाहर रथ के पहिए में कीलें चुभाता रहा तो पूरी कौरव सेना के रथ पंचर कर दूँगा। #chutiye #fattu #fake

अभिमन्यु युद्धभूमि में उतरा था, उसने डटकर लड़ाई लड़ी थी। वह बाहर बैठकर यह दिखावा नहीं कर रहा था कि ‘अगर मैं मैदान में गया तो सिर्फ़ अपने प्रतिद्वंद्वी को हरा दूँगा, और अगर बाहर ही रथों के पहियों में कीलें चुभाता रहा तो पूरी कौरव सेना के रथ पंचर कर दूँगा।’ असली योद्धा वह होता है जो मैदान में उतरकर संघर्ष करता है—बाहर बैठकर बातें नहीं बनाता।

चुनाव यदि सपनों में जीतने की प्रथा होती तो बिहार में @PrashantKishor 243 में से 243 सीट जीतकर मुख्यमंत्री जरूर बनाता मगर जनादेश में 98% प्रत्याशियों की जमानत नहीं बची शायद 68 प्रत्याशी #नोटा से हार चुके अब पूज्य अभिमन्यु की याद आ गई

Don't worry brother...he will do one-day.
