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इन पर मुक़दमा दर्ज होना चाहिए !
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उत्तर प्रदेश में क़ानून बचा कहाँ है ?

दो पीआरडी कर्मियों द्वारा एक दिव्यांग को मारने पीटने संबंधित वायरल वीडियो के संबंध में पीआरडी कर्मियों की पुलिस विभाग से ड्यूटी समाप्त करते हुए, इनके विरुद्ध प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना रुद्रपुर में अभियोग पंजीकृत कर कार्यवाही किए जाने के संबंध में #Spdeoria की बाइट।

ऐसे क़ानून से नफ़रत है, बग़ावत है मुझे।

Es tarah ke chutiye police walo ke saath bhi yahi hone chahiye…

किसी मंत्री विधायक को झाट नही हाथ लगा पाते ऊपर से एवीबीपी के कार्यकर्ता पेल जाते है इन्हे ये केवल असहाय और निर्दोष लोगो के साथ ही ऐसा कर सकते इसीलिए जनता इन्हे galiy* से स्वागत करती है इज्जत ना पाने का यह भी एक कारण है

Andbhakt to dekh kar khus honge. . Jaise Manipur Naked Paraded incident ko dekh kar khus rahe. . Just Shame on all of the people, who celebrate on such incidents. And don't care. Only they do Modi Modi ..... So on.

देश में लोगों को पीटने का पुलिस को अधिकार मिला हुआ है।

ये दरिंदा मोहम्मद फहीम है। इसने 4 साल की मासूम बच्ची के होंठ-गाल , चेस्ट पर काटने के बाद रेप किया था। इसके नाखूनों में बच्ची का खून भरा मिला था। अब 77 दिन के अंदर कोर्ट ने इसे फांसी की सजा सुना दी है। मामला उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का।

Even taxi drivers in my area once said, police dande pehele mar ti hai, baat baad mei suun te hai. They throw hands and sticks first, then listens to us. Only happens In India cos police are given free hand and no accountability. No wonder people rarely want to seek police help.

जब बलात्कारी को माला दिया गया तो इन्हे भी मेडल देना चाहिए

