正在加载视频...
视频加载失败
इनको क्या परेशानी है भाई राहुल जी वेजीटेरियन छोले भटूरे खा रहे है तब भी परेशान है 🤔
34 条评论

दिल्ली में चोले भठूरे के साथ मिर्ची का अचार भी मिलता है भाऊ, वो आचार नहीं दिख रहा है राहुल जी की पोस्ट में , तो आप खुद ही समझ सकते है कि किस रस्ते से किसने उसका उपयोग किया होगा😂😁😀😄 , सारी दिक्कत वही से शुरू हुई है

आज की तारीख में गद्दि की ज्ञान जैसे मुंह वाला @MediaHarshVT सबसे बड़ा THE LAL हैं।

Agar Modi Jee Mongolia kisi wazah se Jaye, aur woh unko waha ka traditional Khana paros de to kya Godi media aise hi wah wahi karega?

क्योंकि ये गोबर डाइट पर हैं !

UP Me kanwad yatra ke raste me non-vege dukane bandh rahegi west bengal me CM Mandir me fish khayenge lekin Rahul agar chhole bhature bhi khaye to problem hai

🤣🤣🤣🤣

छोले भटूरे देख के मुंह में पानी आ गया किंव के इनको नसीब नहीं यह मोदी भक्त को गोबर नसीब में है 😋

कभी काल पत्तलकार चाट हुआ करता था अब इसका एक पायदान प्रमोशन हुआ हैं,जिसे भारत लोग दलाल कहते है ये दलाल हैं।

इसमें ब्रिक्स कहा से आ गया भाई अब मीडिया में टीआरपी का मतलब राहुल है मीडिया यह नहीं बताया रहा कि शी जिनपिंग रात्रि भोज में शामिल क्यों नहीं हुई थे

यह गोदी मीडिया को बंगाल के सुबेंदु अधिकारी का मंदिर मैं चिकन मच्छी खाना अच्छा लगता है , पर गणपति के त्यौहार मै हमारे श्री राहुल गांधी जी छोले भटूरे खा ले , तो इनकी भावनाएं आहत हो गई .. गोदी मीडिया पूरे देश में जंगल राज ला रही है ..

राहुल गांधी कुछ भी एक्स पर डाल दें, इनके नीचे कीड़ा काट जाता है,फिर यह लोग कुर्सी पर बैठ नहीं पाते।

टेलीविजन चैनल को छोड़ो, मुझसे त्रिवेदी का दुख देखा नहीं जाता। बेचारा टॉमी ।

निन्दक नियरे रखिये आँगन कुटि छवाए, ये सब जरूरी हैं 😃 जिसने पोस्ट नहीं भी देखी उसको देखने को प्रेरित कर रहे हैं 😃

Sir, aaj @4pmnews_network par Acharya Ji ki bhavishyavaani suno aap… 18th September se inki ulti ginti shuru hai… Bas 90 din reh gaye hain inke paas…

Sach mein yeh rote rehne wali kaleshi bua hi hai, is aadmi itni chat rakhi modi ki ke isko agar din mein 2-4 kilo gali na mile toh khane utarta hi nahi hai niche…

ये कलेशी बुआ ( फेंकू फकीर) के खानदानी लोग हैं इनका काम ही क्लेश करना है 😂😂

वास्तव में ये लोग मानसिक रोगी बन चुके है। मानसिक उपचार की जरूरत है इनलोगों को। और मीडिया का क्या ही कहना मीडिया तो मानसिक गुलामी करने में लगी हुई है।

Teer sahi nishane par laga he 😂😂

सब दलाल है

उनकी परेशानी यह है पिछले 12 साल में मोदी ने हिंदू राष्ट्र घोषित नहीं किया

Kuch nahi bas naraaz fufa ka matlab samjha rahe hai ..🤣 @journosaurav @mediaharshtv ,,inko koi poochta hi nahi

इनको बवाशीर हो गया है उठते baithathe इनका पिछवाड़ा जलता रहता हैं

कुछ नहीं मिला तो चाय कप के बाद अब खाने पे आ गया।ए खाना कौनसे जाती का है। ज़रा बता तो दो

राहुल ने इनकी नस पकड़ ली है और अब वो न्यूज चैनलों का नैरेटिव भी खुद सेट करते हैं। देखिये एक छोले भटूरे की प्लेट क्या पोस्ट कर दी, सारे भाजपाई उसी पर डिबेट करने लगे जैसे देश में #BRICS_SUMMIT हुआ ही नहीं है या उसमें बताने जैसा कुछ नहीं है 😂😂

राहुल गांधी बता सकता है 80% भारत की जनसंख्या मांसाहारी है कल बताया कि लोग बीफ भी खा रहे हैं गाय का मांस भी खा रहे हैं राहुल गांधी कुछ भी कर सकता है देश को हिंदुओं को बदनाम करने के लिए ।।

“मैं हैरान हूँ जी… मेरे देश के मीडिया को क्या हो गया! 😂😂😂

A great man once described these creatures as “A bunch of fools” No matter how hard you try to disagree with the great man’s statement but these creatures will do ever thing proving the statement to be absolutely true 🙏

इनको ये परेशानी है कि अब बिना राहुल गांधी जी के इनकी trp नहीं आती है इनके पापा को कोई सुनना नहीं चाहता है तो ये सारे दलाल राहुल गांधी जी का ही विश्लेषण करते रहते है उसी बहाने से थोड़ी रीच मिल जाती है

अतुल भाई इसकी खुदकी शक्ल भठूरे किसी है इसीलिए फट पड़ा

पत्रकारिता अपने चरम चुतियापे पर है कुछ लिखने बोलने के मुद्दे बचे नहीं है ,शैफ़ के माफिक सब वेज नॉनवेज पर लिख रहे है ,वेज मेन्यू क्या रखा मुद्दे बदल गए !! मोदी है तो मुमकिन है

Raga knows how to perfectly cook these oldies spitting fake analysis whole day! Idiots are totally rattled… 🙌 #CookGodiMedia

सभी अंधभक्तो की यार इसी चैनल पे हैं

बीजेपी =बेशर्म झूठा पार्टी..! फेक न्यूज फैक्ट्री? 🤔🤔

वेज खाना पसंद है तो उसकी तारीफ कीजिए, उसे बढ़ावा दीजिए—इसमें कोई आपत्ति नहीं। लेकिन मेहमान को बुलाकर अपनी पसंद का खाना उसकी इच्छा के विरुद्ध परोसना सही मेहमाननवाज़ी नहीं कहलाती। यह बात पढ़कर बचपन की सारस और लोमड़ी की कहानी याद आ गई। लोमड़ी ने सारस को बुलाया, लेकिन खाना ऐसी प्लेट में परोसा जिसमें सारस खा ही नहीं सकता था। बाद में सारस ने भी लोमड़ी को उसी तरह के बर्तन में खाना परोसा। कहानी का संदेश साफ था—जिस तरह का व्यवहार आप अपने मेहमान के साथ करते हैं, वैसा ही व्यवहार आपको वापस मिल सकता है।
相关视频
Sensitive content
इनको भी सुना जाए, बाबा जी बता रहे क्या है लिव इन?
Sajjan Bhadauria
33,695 次观看 • 1 年前
