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इबादत और इंसानियत…

166,803 Aufrufe • vor 2 Jahren •via X (Twitter)

10 Kommentare

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Kavita Mehrauliavor 2 Jahren

ये इबादत नहीं है , क़तई नहीं ! बढ़ावा ना दें , एक रीलिजन जो रूढ़िवादिता के चंगुल में फ़सा हुआ है उसे reform होने का मौक़ा दें ! यही problem है left और ultra liberals की उन्हें अपने धर्म में बेहतर reform करने है लेकिन इस्लाम को 1400 sal पीछे ही रखना है !

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Aviator Amarnath Kumarvor 2 Jahren

महामहिम, इसे कहते है असली धर्म, धर्म हमें नैतिकता, सामाजिकता, प्यार और संभाव सिखाता है।

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Baljeet Singhvor 2 Jahren

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Kavita Mehrauliavor 2 Jahren

आप जैसे बुद्धिजीवी अगर सही में किसी क़ौम को उदारवादी और modern बनाना चाहे तो कौन रोक सकता है ! कभी इस पर भी बोलिए क्या इंसानियत है ये महिलाओं के लिये ! क्यों इसे normalise किया हुआ है सदियों से !

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aaisha Asadvor 2 Jahren

फर्जी इबादत विडियो वायरल कराना मक़सद सार्वजनिक जगहों पर इबादत का मुजाहिरा करना शो-बाजी है

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Ajju...vor 2 Jahren

इबादत,आराधना,अरदास दोनो ही कर रहे हैं। अपने अपने तरीके से।

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KP Singhvor 2 Jahren

वाह! काश सरदार जी जैसी इंसानियत हम सब में जिंदा हो जाय।🙏

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Arjunvor 2 Jahren

अव्वल अल्लाह नूर उपाया कुदरत के सब बंदे, एक नूर ते सब जग उपजाया कौन भले को मंदे 🙏🏻🙌🏻

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ManuDev Baghelvor 2 Jahren

इसे क्या कहते हैं ?

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MOHAN PATHAKvor 2 Jahren

फिर ये क्या है।

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एक दिन कहानी बनकर रह जाएंगे हम सब, कोशिश रहे कहानी अच्छी हो ! कुछ लोग सिर्फ दूसरों को निशाना बनाने में लगे रहते हैं और कुछ लोग बिना वजह ही मदद करने के लिए हाथ बढ़ा देते हैं l फर्क साफ है ! एक को गालियां मिलती हैं और दूसरे को दुआएं ! यही तो इंसानियत है ! गरीब की मदद करने वाला और गरीब को धर्म के नाम पर सताने वाला कभी बराबर हो ही नहीं सकता l भले ही कोई कितना भी धार्मिक होने का दावा करे, हर वक़्त रब की इबादत (पूजा) करें ,लेकिन रब भी तो उसी से खुश होते हैं जिसकी इंसानियत जिंदा हो ! क्योंकि उसे भी अपनी इबादत से ज़्यादा , इंसान की इंसानियत प्यारी होती है , उसकी मख़लूक़ से की गई मोहब्बत प्यारी होती है l

Shaheen

60,744 Aufrufe • vor 1 Jahr