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इसे कहते हैं सुप्रीम आदेश, समझे के नहीं भक्तों ।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब अब्दुल भाई जान भी पंडित जी नाम रखकर कांवरियों को महा पवित्र खाना आराम से खिला पाएगा

बहन ये सिस्टम आने वाले समय मे आप की पीढ़ी को दो ऑप्सन देगा कलमा पडो या कलम हो जाओ.हिन्दू पूर्वज का मजहबी कीड़ा शादाब चौहान कैसी ज़हरीली बात करता.मोनिका सिंह उस सिस्टम का समर्थन कर रही जो हिन्दू द्रोही है, सुप्रीम दल्लो को हलाल चीज नज़र नहीं आती. जयचंद की वंशज तो नही?

सुप्रीम कोर्ट ने हलाला सर्टिफिकेट पर नहीं रोक लगाया kya

सुप्रीम कोर्ट में समझदार लोग बैठे हुए हैं

वही हुआ जो होना था, चमचों का फिर चूतिया "कट" गया, जिसको अपनी दुकान चलानी है वो बोर्ड लगाकर रखेगा, और जो जहां बोर्ड नहीं होगा, वहां कांवड़ यात्री अब जायेंगे क्या?? सांप छछूंदर वाली बात हो गई अब तो!!! लगाएंगे तो पहचाने जायेंगे, नहीं लगाएंगे तो भी पहचाने जायेंगे🤣 समझे भौकतों 🤣🤣

Wo yogi hai... Suprem court ko apni lole pe rakhta hai 😂 कुछ नहीं बिगड़ पाओगे

सुप्रीम कोर्ट का सही फैसला है

"जब सुप्रीम आदेश समझाने लगें, तो भक्तों का क्या होगा? 😄 ध्यान से पढ़ने पर मजेदार खेल हो सकता है! धन्यवाद डॉक्टर साहिब, हमें हंसी आ गई।"

योगी ने तो अच्छा किया हीं, और, सुप्रीम कोर्ट ने तो उससे भी अच्छा किया😆

यदि सुप्रीम कोर्ट यह भी निर्णय साथ साथ देता की हलाल का भी सर्टिफिवकेट नहीं दिया जायेगा तो निर्णय सुप्रीम होता यह निर्णय कांग्रेसस अनुरूपन्हाई है जो कांग्रेस द्वारा अपॉइंटफ जज ने diya
