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इस बुर्ज खलीफा पे चढ़ने के लिए, लिफ्ट लगेगी या सीडी से ही काम हो जाएगा। 😵‍💫🤯🧐🤥😳🤓🤣🤠🤪🔥🔥

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पशु परिचर VS चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी :- पशु परिचर का वर्तमान में पे लेवल L 1 है जो जल्द ही संशोधित होकर L 2 हो जाएगा जिसकी सक्षम स्तर से सहमति बन गई है दीपावली बाद विभाग प्रक्रियाँ शुरू कर देगा जबकि चतुर्थ श्रेणी पे लेवल भी L 1 सें L 2 हो रही हैं ।। यानी की दोनों भर्तियों का पे लेवल L 2 हो जाएगा क्या कार्य करना है वो जॉब चार्ट में लिखा हुआ है कई साथियों को सरकारी जॉब के नियम नहीं पता अगर आप जॉब चार्ट के अनुसार कार्य नहीं करोगे तो नियम के अनुसार विभाग आप पर एक्शन लेगा और आपके ऊपर का अधिकारी लिखकर शिकायत भेज देगा इसलिए जब तक अन्य जॉब नहीं लग जाती या प्रमोशन नहीं हो जाता अपनी सरकारी जॉब को नियम के अनुसार पूरा करे इस युग में सरकारी जॉब मिलना ही मुश्किल है इसलिए भ्रमित नहीं हो शांति से जॉब के साथ मेहनत करे ( काम इतना नहीं है जितना आप सोच रहें हो थोड़ा बहुत सब को करना पड़ता है आपका ऑफिस आपका घर ही है अब ) ।। विशेष :- प्रमोशन के बाद पे लेवल L 2 से L 3 हो जाएगा ।। पशु परिचर की लगभग प्रत्येक माँग पूरी करवाने में RBU सफल रहा है ।। पे लेवल जल्द आपको L 2 के रूप में संशोधित होकर मिल जाएगा ।। पशु परिचर नाम ( सफ़ाई कर्ता,जलधारी, चरवाहा ) की जगह ही रखा गया है ।। नोट :- कल एक वीडियो शेयर करूँगा जिसमें दूर नियुक्ति , अन्य एग्जाम की तैयारी सहित कई सारे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा करूँगा ।। #हनुमान_किसान #राजस्थान_बेरोजगार_यूनियन Ravindra Choudhary

HANUMAN KISAN

150,991 次观看 • 10 个月前

आज Asaduddin Owaisi के सिपाही अलीगढ़ के MobLynching मामले पे मोर्चा खोलचुके है,🔥मुझे भरोसा है ये सब विदेश से असद साहब के आदेश पे ही हो रहा है, वैसे तो मेरा काम सिर्फ़ सवाल करना था,मुद्दा उठाना और आगे बढ़ना था पर ये पोस्ट कुछ क्लियर करने के लिए और शुक्रिया के लिए भी, AIMIM के चाहने वालों ने मुझपे कई इल्ज़ाम लगाए और कई सवाल पूछे उनसे कहूंगा आप मेरे प्रोफाइल को देखो मैंने हर नेता और हर पार्टी के ख़िलाफ़ और समर्थन में जब जब ज़रूरत पड़ी लिखा हूं,बोला हूं और खबर बनाई है मुद्दे के बुनियाद पे,इसलिए आप जिस पार्टी से मुझे जोड़ रहे हैं वो इल्ज़ाम बेबुनियाद है,ये मेरा काम है सवाल पूछना,दब रहे मुद्दे को उठाना और जिससे उम्मीद हो उसपे दबाव बनना! आप सबको क्लियर कर दूं Asaduddin Owaisi साहब की पॉलिटिक्स का मैं कोई विरोधी नहीं हूं, मैं उनसे एक बार मिला भी हूं उनके घर पे वो बहुत नेक दिल इंसान है ख़ैर MobLynching के मसले पे लिखना बोला मत बंद कीजिए, अगर नहीं लिख सकते तो दूसरे की कॉपी कीजिए या Share कीजिए। #AllEyeOnIndianMuslims

Danish Anzar

17,117 次观看 • 1 年前

यह राजस्थान की सबसे सुंदर तस्वीर है! राजस्थान में अनेक नेता हैं। सदाशयी भी हैं; भले और भोले-भाले भी हैं; लेकिन कुछ मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कोई सानी नहीं। वे एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो बुजुर्गों और बीमारों की सुध लेना कभी नहीं भूलते। चाहे कोई हो। वयोवृद्ध हो या बीमार। नेता हो, पत्रकार हो या पुराना मित्र। काँग्रेस का हो या भाजपा का; गहलोत साहब उनसे मिलने अवश्य जाते हैं। यह उनका स्वभाव है और यह उनकी संवेदनशीलता है। वे मुख्यमंत्री रहते हुए भी यह काम कर लिया करते थे। हो सकता है, किसी को उन्होंने राजनीतिक रूप से बेकल भी किया हो; लेकिन वह भी बीमार पड़ा तो सबसे पहले वे ही पहुँचते हैं। इस काम को वे राज्य की सीमाओं से पार जाकर करते हैं। वे जब तीसरी बार सीएम थे तो उन्होंने एक अप्रत्याशित व्यक्ति के सहयोगी की पुत्रवधू के गंभीर इलाज में बिना किसी के कहे न केवल मदद की, उन्हें सब तरह की सुविधाएं मुहैया करवाईं। गहलोत ऐसे काम करते रहते हैं और उनकी चर्चा भी नहीं करते। आज उन्होंने शतायु पार पंडित रामकिशन जी से मुलाकात की। सौ से भी अधिक वसंत जी चुके इस अनुभवी व्यक्तित्व के साथ उनकी यह भेंट न केवल शिष्टाचार है, बड़ों के प्रति सम्मान की एक जीवंत मिसाल भी है। पंडित रामकिशन हमारे प्रदेश की राजनीति के लिए किसी थाती से कम नहीं हैं। इसलिए गहलोत साहब का यह क़दम उनके क़द को भी बढ़ाता है और दम को भी। लेकिन अफ़सोस कि कॉंग्रेस या भाजपा के किसी नेता में अब यह ख़ूबी नहीं दिखती। यह तस्वीर सुंदर है। यह मुलाक़ात बेहतरीन है। और यह इंसानियत अनमोल है। इस इंसानियत की कुछ कोंपलें हम भी अपने दिलों की मिट्टी में उगाएँ! बाक़ी नेता भी इस राह पर बढ़ें! 🙏

Tribhuvan_Official

18,661 次观看 • 4 个月前

➡️JE अर्थात्‌ जूनियर इंजीनियर 4200 ग्रेड पे की इस नौकरी के लिए #UPSSSC ने परीक्षा लिखाई थी. जिसमें लाखों अभ्यर्थियों ने इस परीक्षा में भाग लिया था. इस भर्ती को शुरू हुए 6 साल से ज्यादा का समय हो गया है और इसके पूरे होने की बात तो छोड़ ही दीजिये अभी इसका परिणाम ही जारी नहीं हो सका है. ➡️विभाग ने पिछले साल अगस्त में इसकी परीक्षा आयोजित की थी. ऑनलाइन फॉर्म लेने के तक़रीबन 4 साल बाद इसकी परीक्षा हुई, पिछले 1 साल पहले इसकी परीक्षा सम्पन्न हुई. कुल 6 साल से इस भर्ती के पूरे होने के इंतजार में बैठे अभ्यर्थियों का धैर्य भी अब जवाब दे रहा है.आज राजधानी में भारी संख्या में इस भर्ती के जुड़े अभ्यर्थियों ने धरना प्रदर्शन किया और सरकार से गुजारिश की.अभ्यर्थियों का परिणाम जारी करें. ➡️वार्षिक कैलेंडर जारी होने चाहिए ताकि समय पर भर्तियों को पूरा किया जा सके. यदि समय से भर्तियां पूरी नहीं हों सकती है तो इन तमाम अभ्यर्थियों के PET के प्रमाणपत्र की वैधता को बढ़ाया जाना चाहिए. ऐसे PET प्रमाणपत्र का क्या काम जब उनके लिए भर्तियां ही नहीं है, जैसे तैसे भर्तियां होती भी हैं तो सालों साल उनके परिणाम ही जारी नहीं होते हैं~ ✍️ प्रवीण कुमार #DECLARE_JE_18_RESULT #INCREASE_PET_VALIDITY #RELEASE_CALENDAR_YEARLY Government of UP Yogi Adityanath CM Office, GoUP

प्रवीण कुमार

15,860 次观看 • 2 年前

अगर तुमने बंदरों को संभोग करते देखा हो तो देखा होगा कि संभोग के बाद वे तुरंत एक—दूसरे से अलग हो जाते हैं। उनके चेहरों को देखो, उनमें प्रसन्नता जरा भी नहीं है, जैसे कि कुछ हुआ ही नहीं। जब ऊर्जा धक्के देती है, जब वह अतिशय होती है तो वे उसे बस फेंक देते हैं। साधारण काम—कृत्य ऐसा ही है। लेकिन नीतिवादी ठीक उलटी बात कहते आ रहे हैं। वे कहते हैं : भोग मत करो, सुख मत लो। वे कहते हैं. यह तो पशुओं जैसा कृत्य है। लेकिन यह बात गलत है। पशु कभी सुख नहीं लेते हैं, केवल मनुष्य सुख ले सकता है। और तुम जितना गहरा सुख लोगे उतनी ही श्रेष्ठु मनुष्यता का उदय होगा। और अगर तुम्हारा संभोग ध्यानपूर्ण हो जाए, समाधि पूर्ण हो जाए तो परम उपलब्ध हो जाए। लेकिन तंत्र की बात स्मरण रखो. यह घाटी— अनुभव है। यह शिखर—अनुभव नहीं है, घाटी— अनुभव है। पश्चिम में अब्राहम मैसलो ने शिखर—अनुभव की बहुत बात की है। तुम उत्तेजना के शिखर पर पहुंचकर नीचे गिरते हो। यही कारण है कि प्रत्येक संभोग के बाद तुम दीन—हीन अनुभव करते हो। और यह स्वाभाविक है, तुम शिखर से नीचे गिरते हो। लेकिन तांत्रिक संभोग के बाद तुम्हें यह गिरावट कभी अनुभव नहीं होगी। उसमें तुम और नीचे नहीं गिर सकते, क्योंकि तुम घाटी में ही हो। वरन तुम ऊपर उठते हुए अनुभव करोगे। तांत्रिक संभोग से लौटने पर तुम गिरते नहीं, ऊपर उठते हो। तुम ऊर्जा से आपूरित होकर ज्यादा शक्तिवान, ज्यादा जीवंत और तेजोमय हो जाते हो। और वह आनंद घंटों बना रह सकता है, दिनों बना रह सकता है। यह इस पर निर्भर है कि तुम कितनी गहराई से उसमें उतरे थे। तांत्रिक संभोग में उतरने पर देर— अबेर तुम्हें पता चलेगा कि स्खलन ऊर्जा का अपव्यय है, उसकी कोई जरूरत नहीं है। अगर बच्चा नहीं पैदा करना है तो स्खलन बिलकुल जरूरी नहीं है। और इस तांत्रिक काम—अनुभव के बाद तुम पूरे दिन विश्राम अनुभव करोगे। एक तांत्रिक काम—अनुभव के बाद तुम कई दिनों तक विश्रांत, शात, अहिंसक, अक्रोधी और सुखी रह सकते हो। और इस तरह का व्यक्ति कभी दूसरों के लिए उपद्रव नहीं खडा करेगा, मुसीबत नहीं पैदा करेगा। हो सकेगा तो वह दूसरों को सुखी बनाने में सहयोग देगा, अन्यथा वह दूसरों को दुख तो कभी नहीं देगा। केवल तंत्र नए मनुष्य का निर्माण कर सकता है। और यह नया मनुष्य—समयातीत और निरहंकार को, अस्तित्व के साथ गहन अद्वैत को जानने वाला मनुष्य—अवश्य विकासमान होगा। एक नया आयाम खुल गया है। वह बहुत दूर नहीं है, वह दिन बहुत दूर नहीं है, जब काम या सेक्स विलीन हो जाएगा। जब काम अनजाने विदा हो जाता है, जब एक दिन अचानक तुम्हें पता चलता है कि काम बिलकुल विदा हो गया, उसकी कोई वासना न रही, तो ब्रह्मचर्य का जन्म होता है। लेकिन यह कठिन है। यह कठिन मालूम पड़ता है, क्योंकि तुम्हें बहुत गलत शिक्षा दी गई है। और तुम इससे भयभीत हो, क्योंकि तुम्हारा मन संस्कारित है। हम दो चीजों से बहुत डरते हैं, हम कामवासना और मृत्यु से बहुत डरते हैं। और वे दोनों ही बुनियादी हैं। धर्म का सच्चा साधक दोनों में प्रवेश करेगा। वह काम को जानने के लिए काम का अनुभव लेगा। क्योंकि काम को जानना जीवन को जानना है। और वह मृत्यु को भी जानना चाहेगा। क्योंकि जब तक तुम मृत्यु को नहीं जानते हो तब तक तुम शाश्वत जीवन को भी नहीं जान सकते। अगर तुम काम में उसके मर्म तक प्रवेश कर सको तो तुम जीवन को जान लोगे। और वैसे ही अगर तुम स्वेच्छा से मृत्यु में उसके केंद्र तक प्रवेश कर जाओ तो तुम अमृत को उपलब्ध हो जाओगे। तब तुम अमर हो, क्योंकि मृत्यु तो केवल परिधि पर घटित होती है। काम और मृत्यु, दोनों एक सच्चे साधक के लिए बुनियादी हैं। लेकिन सामान्य मनुष्यता के लिए दोनों घबड़ाने वाले है। कोई उनकी चर्चा नहीं करता है। और दोनों बुनियादी हैं और दोनों गहन रूप से एक—दूसरे से संबंधित हैं। वे इतने जुड़े हुए हैं कि तुम कामवासना में प्रवेश करो और तुरंत तुम एक प्रकार की मृत्यु में प्रवेश करने लगते हो। क्योंकि काम—अनुभव में तुम मरते हो, तुम्हारा अहंकार विलीन होता है। काम— अनुभव में समय विलीन हो जाता है, तुम्हारा व्यक्तित्व विदा हो जाता है। तब तुम ही मरने लगते हो। संभोग सूक्ष्म मृत्यु है। और अगर तुम्हें बोध हो जाए कि काम सूक्ष्म मृत्यु है तो मृत्यु तुम्हारे लिए बड़ी काम—समाधि का अनुभव बन जाएगी। कोई सुकरात मृत्यु में निर्भय प्रवेश करता है। बल्कि वह मृत्यु को जानने के लिए उत्साह से भरा है, उल्लास और उत्तेजना से भरा है। उसके हृदय में मृत्यु के लिए गहन स्वागत का भाव है। क्यों? क्योंकि अगर तुम संभोग की छोटी मृत्यु को जानते हो, अगर तुमने उससे प्राप्त होने वाला आनंद जाना है, तो तुम बड़ी मृत्यु को भी जानना चाहोगे। तुम उसके पीछे छिपे आनंद को भी भोगना चाहोगे। #तृप्त

तृप्त ...🖤

813,018 次观看 • 1 年前

'लाइफ में कभी ऐसा काम नहीं करुंगी जिससे मां को तकलीफ हो' ❤️✅ दीवार ऊची थी, ऊपर एक बिल्ली और उसका नन्हा बच्चा बैठे थे. बिल्ली नीचे कूद गई, बच्चा ऊपर अकेला रह गया. ऐसा लगा बच्चा ऊपर रह जाएगा या गिरेगा तो चोट लग जाएगी. लेकिन यह भूल गए नीचे मां खड़ी है, और उसके होते हुए बाल भी बाका हो बच्चे का. अगले ही पल, मां बिल्ली ने उछलकर बच्चे को अपने सीने से चिपका लिया उसकी आंखों में जैसे कह रही थी तू गिरे उससे पहले मैं गिर जाऊं, तेरे पैरों में कांटा चुभे उससे पहले मैं दर्द सह लूं उस पल समझ आया मां मां होती है चाहे इंसान की हो या जानवर की. उसके लिए बच्चा ही पूरी दुनिया होता है. सिर्फ इंसानों की मां बच्चे के लिए हर तकलीफ उठती है यह गलत फहमी भी दूर हो गई.

Felza Pathan

39,946 次观看 • 10 个月前

जब किराए में 50% की छूट देनी ही नहीं थी, तो युवा साथियों को ऐसी उम्मीद भी नहीं दिलानी चाहिए थी। ज़रा उस विद्यार्थी के बारे में सोचिए, जिसका कुल किराया 1000 रुपये पड़ने वाला था, लेकिन वह घर से सिर्फ 700 रुपये यह सोचकर लेकर निकला कि 50% छूट मिलने पर आने-जाने का काम 500 में हो जाएगा और बचे हुए पैसों से खाने-पीने तथा अन्य जरूरी खर्च पूरे कर लेगा। साहब, विद्यार्थी जीवन बहुत संघर्षों से भरा होता है। घरवालों से 1000-500 रुपये मांगने के लिए भी एक विद्यार्थी को कितनी बार सोचना पड़ता है, कितना साहस जुटाना पड़ता है, इस बात को परीक्षाओं कि तैयारी करने वाला एक युवा ही समझ सकता है। घोषणाएं करने से पहले यह भी सोचना चाहिए कि उन पर भरोसा करके लाखों विद्यार्थी अपनी योजनाएं बनाते हैं। #uppoliceexam #students

Naveen Sharma Sikandrabad

37,119 次观看 • 2 个月前

भाजपा में फेंकने में मोदी जी को पछाड़ने की होड़ लग गई है! "पटना से किशनगंज एक घंटा में पहुंचने का काम करेंगे! ये रैपिड रेल 3 साल में बनकर तैयार हो जाएगा!" ये मक्कार भाजपाई बिहारवासियों को बस झूठ बोल बोलकर मूर्ख बनाए हुए हैं! विश्व की सबसे तेज ट्रेन, चीन की मैग्लेव ट्रेन की भी औसत गति 318 km/h ही है! भारत में सबसे तेज ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस की औसत गति 95km/h से अधिक नहीं! पटना से किशनगंज की रेलमार्ग से सबसे कम दूरी 400km के लगभग है! भारत में जो बुलेट ट्रेन का रेलवे लाइन मुंबई से अहमदाबाद के बीच बिछाया जा रहा है उस जापानी मैग्लेव तकनीक की भी औसत गति 262km/h ही है! इस रेल खंड पर काम 9 सालों से चल रहा है पर अभी भी मुंबई से अहमदाबाद के बीच कब बुलेट ट्रेन चलाया जा सकेगा इसका अभी कोई अता पता नहीं है! और ये मूर्ख भाजपा नेता एवं मंदबुद्धि मंत्री दिलीप जायसवाल कह रहे हैं कि अगले 3 साल में रैपिड रेल से पटना से किशनगंज पहुंचा जा सकेगा! इन मूर्ख और मंदबुद्धि भाजपा और जदयू के नेताओं की बातों में आकर ही बिहार वासियों ने अपना नुकसान कर लिया है! चाहे ₹10000 के लालच में जाकर वोट दें या इनके झूठ को सच मानकर अपना वोट दें नुकसान तो बिहारवासियों का ही होता है! Tejashwi Yadav #RJD #bihar

Rashtriya Janata Dal

13,681 次观看 • 2 个月前

रिपोर्टर: ग्रामीणों ने CJP के लोगों को गांव से क्यों खदेड़ा? अनु शर्मा: हमने उन्हें शांति से कहा था कि गांव छोड़ दें। यहां के दो स्कूलों की मरम्मत के लिए ₹12 लाख की मंजूरी पहले ही मिल चुकी है और काम इसी हफ्ते शुरू होने वाला है। लेकिन इन्हें समाधान नहीं, कंटेंट चाहिए था। रिपोर्टर: लेकिन वो तो सिर्फ हालात का जायजा लेने आए थे। अनु शर्मा: वो हैं कौन? यहां के DM, MLA या MP? रिपोर्टर: वो एक नागरिक हैं और यह उनका अधिकार है। अनु शर्मा: बिल्कुल, वो एक सामान्य नागरिक हैं। इसलिए उन्हें मेहनत करके कमाना चाहिए, गांव वालों को परेशान करके चंद पैसे और प्रचार नहीं बटोरना चाहिए। एक ही जवाब में अनु शर्मा ने अभिजीत दीपके और गांव वालों की परेशानियों पर राजनीति करने वाले पूरे CJP गैंग की बोलती बंद कर दी। 🔥

Yati Sharma

36,241 次观看 • 3 天前

#UPSI के साथियों राघव भैया 13 अप्रैल 2026 की रात को जेल से रिहा हो चुके है... साथियों 11 अप्रैल 2026 को राघव भैया को लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। घटनाक्रम के अनुसार राघव भैया को बिना ठोस कारण के अनुचित तरीके से 11 अप्रैल की सुबह लगभग 10 बजे चारबाग रेलवे स्टेशन से लखनऊ पुलिस ने डिटेन किया था फिर उसके बाद राघव भैया को हुसैनगंज पुलिस चौकी ले जाया गया फिर कुछ देर बाद वन्हा से लखनऊ पुलिस राघव भैया को जीप के द्वारा हुसैनगंज कोतवाली ले गई जहां राघव भैया को लगभग 02 घंटे रखा गया फिर उसके बाद राघव भैया को एक कार से सादा कपड़े पहने दो लोगों के द्वारा जो खुद को पुलिसकर्मी बता रहे थे उनके द्वारा राघव भैया को हुसैनगंज कोतवाली से गौमती नगर थाने ले जाया गया जहां शाम तक रखा गया और हर जगह राघव भैया को अपनी मुहिम को छोड़ने के लिए अनावश्यक रूप से बार बार कहा गया और फिर बाद में राघव भैया को एक पुलिस थाने से दूसरे पुलिस थाने लगातार घुमाते हुए आखिरकार तीसरे पुलिस थाने गोमती नगर थाने से शाम को चिनहट अस्पताल में मेडिकल के लिए ले जाया गया फिर डालीगंज के ACP कोर्ट में पेश करने के बाद 2 दिन के लिए जेल भेज दिया गया। जहां राघव भैया को बहुत ही बुरी स्थिति में रहना पड़ा। साथियों राघव भैया को किस जुर्म और किस कारण से डिटेन किया गया इसका कारण और जवाब शायद लखनऊ पुलिस के पास नही है? क्योंकि राघव भैया ने 10 अप्रैल 2026 को उत्तर प्रदेश सरकार के कुछ मंत्री और विधायकों को संवैधानिक और शांतिपूर्ण रूप से लिखित रूप में ज्ञापन दिए गए थे जो संबंधित मंत्री और विधायक महोदयों द्वारा ले लिए गए थे। तो फिर क्या अब संवैधानिक और शांतिपूर्ण रूप से ज्ञापन देना भी अपराध या जुर्म है? यदि अपने जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन देना अपराध है तो फिर लखनऊ पुलिस के द्वारा 10 अप्रैल को ज्ञापन देने वाले उन सभी सैकड़ों व्यक्तियों को भी गिरफ्तार करना चाहिए था जिन्होंने उन्हीं मंत्रियों को अपनी अपनी विभिन्न समस्याओं के लिए ज्ञापन दिया था जिन मंत्री और विधायकों को राघव भैया के द्वारा ज्ञापन दिया गया था। राघव भैया अपनी #UPSI की 4543 पदों की भर्ती में 2000 पदों की वृद्धि की माँग, लिखित परीक्षा का स्कोर कार्ड और सार्वजनिक रूप से रैंक लिस्ट जारी करने और अंतिम परिणाम के साथ वेटिंग लिस्ट भी जारी करने की माँग कर रहे थे। इस माँग के लिए राघव भैया अलग अलग जनप्रतिनिधियों से मिल कर ज्ञापन दे रहे थे। ध्यान रहे इस बीच राघव भैया के द्वारा कोई धरना या प्रदर्शन नहीं किया गया था और न ही कोई शांतिभंग की गई थी। फिर भी राघव भैया का चालान BNS की धारा 170/126/135 के अंतर्गत किया गया था और उनको दो दिन के लिए जेल भेजा गया था। सवाल है कि सरकार और प्रशासन को बेरोजगार युवाओं से क्या खतरा है? जो संवैधानिक और शांतिपूर्ण रूप से ज्ञापन देने पर जेल भेज दिया जा रहा है? अब राघव भैया रिहा हो चुके हैं, राघव भैया की रिहाई और हौंसला अफजाई में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले आदरणीय बड़े भाई Govind Mishra भैया, Yuva Halla Bol के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष को राघव राघव भैया की तरफ से धन्यवाद ज्ञापित करता हूं जिन्होंने राघव भैया के संघर्ष और जुल्म के 03 दिन तन और मन से साथ खड़े रहे। साथ ही लखनऊ पुलिस द्वारा राघव भैया के साथ गलत कार्यवाही के खिलाफ और राघव भैया की रिहाई के लिए आवाज उठाने एग्जामपुर के VIVEK KUMAR सर के साथ साथ सभी अध्यापकों जिन्होने राघव भैया के लिए ट्विटर पर ट्वीट या यूट्यूब पर वीडियो बनाकर आवाज उठाई उसके लिए सभी को राघव भैया की तरफ से धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। साथ ही राघव भैया के सभी शुभचिंतकों और #UPSI के हजारों परीक्षार्थियों ने राघव भैया के लिए आवाज उठाई उन सभी का भी राघव भैया की तरफ से धन्यवाद ज्ञापित करता हूं। साथियों राघव भैया जल्दी ही आप लोगों से स्वयं ट्विटर पर ट्वीट के माध्यम से आगे की जानकारी देंगे, अभी राघव भैया की जेल से रिहाई के बाद उनका स्वास्थ्य ठीक नहीं है, उनकी तबियत थोड़ी डाउन है। तब तक आप संवैधानिक और शांतिपूर्ण रूप से X (ट्विटर) के माध्यम एवं अपने अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों को अपने ग्रह जनपद में उनके आवास पर जाकर ज्ञापन देकर अपनी सभी मांगों को उत्तर प्रदेश सरकार और माननीय सीएम Yogi Adityanath महाराज जी तक पहुंचाने का काम करते रहिए। #UPSI परीक्षार्थियों की मुख्य 03 मांगे~ 01. वर्तमान में प्रक्रियाधीन #UPSI भर्ती में कम से कम 02 हजार पदों की वृद्धि की जाए। 02. रिजल्ट के साथ स्कोरकार्ड दिखाएं जाएं और सार्वजनिक रूप से रैंक लिस्ट जारी की जाए। 03. अंतिम चयन परिणाम के बाद खाली पदों को वेटिंग लिस्ट जारी कर भरा जाए। #UPSI_INCREASE_2000_POST #UPSI_GIVE_WAITING_LIST #UPSI_SHOW_MARKS

𝗥𝗔𝗚𝗛𝗔𝗩 𝗧𝗛𝗔𝗞𝗨𝗥

26,230 次观看 • 4 个月前

एक्सप्रेस-वे पर निजता खतरे में....🚨 CCTV बना ब्लैक मेल का हथियार...😳 सड़क सुरक्षा के नाम पर अगर आपकी निजता ही लूट ली जाए तो…🤯 कार में बैठे एक नवविवाहित दंपती के निजी पलों को कथित तौर पर CCTV सिस्टम के ज़रिए रिकॉर्ड कर, डराकर वसूली और वायरल करने की धमकी दी गई मामला सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं बताया जा रहा,कई पीड़ितों ने शिकायत दर्ज कराई है यह सिर्फ अनुशासन या ट्रैफिक मॉनिटरिंग का मामला नहीं…यह निजता,भरोसे और सिस्टम के दुरुपयोग का सवाल है CCTV सुरक्षा के लिए हैं,शोषण के लिए नहीं डिजिटल निगरानी का मतलब ब्लैकमेल की छूट नहीं हर नागरिक की गरिमा और प्राइवेसी की रक्षा ज़रूरी है एक्सप्रेस-वे पर सफर करते हैं तो सतर्क रहिए नवविवाहित दंपती की निजी गतिविधि एक्सप्रेस-वे पर लगे CCTV कैमरों के जरिए रिकॉर्ड की गई बताया जा रहा है कि टोल प्लाजा से पहले वाहन रोके जाने के दौरान यह फुटेज कथित रूप से सिस्टम से एक्सेस की गई संबंधित अधिकारी ने वीडियो दिखाकर दबाव बनाया, धन लेने के बाद वीडियो वायरल कर दी गई और बाद पीड़ितों द्वारा उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत दी गई है और प्रारंभिक जांच की बात सामने आई है यदि ये आरोप सही हैं तो यह मामला केवल एक घटना नहीं,बल्कि निजता,डिजिटल निगरानी और जिम्मेदारी से जुड़ा गंभीर सवाल है जांच के बाद ही सच सामने आएगा,लेकिन सतर्क रहना हम सबकी जिम्मेदारी है,जांच निष्पक्ष हो,दोषी कोई भी हो,कानून सबके लिए समान होना चाहिए (Note) 👇 यह पोस्ट प्राप्त शिकायतों और मीडिया में सामने आई जानकारी के आधार पर तैयार की गई है,इसमें लगाए गए सभी आरोप संबंधित पक्षों के दावे हैं,जिनकी पुष्टि जांच के बाद ही संभव है,हमारा उद्देश्य किसी व्यक्ति या संस्था की छवि धूमिल करना नहीं,बल्कि निजता और सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना है

KUNDAN PATEL

251,145 次观看 • 6 个月前

कोई तो हार को भी आसानी से पचा लेता है लेकिन कोई जीत को भी पचा नहीं पा रहे हैं । लोकतांत्रिक व्यवस्था में हार जीत होती रहती है , हार जीत नहीं होती तो यह चुनाव ही क्यों करवाते हैं ? जिस बोतल को आप लोग खाली कर रहे हो उसी बोतल ने आपके परिवार की राजनीति का खात्मा कर दिया, और यह तय है कि इस बोतल को आप खाली नहीं कर पाओगे , और ऐसी हरकतें आप लोग 70 रुपए वाली बोतल गटकने बाद ही कर सकते हो ! सड़क छाप चवन्ने या उठाईगीरे लोग ऐसी घटिया हरकतें करते तो समझ सकते थे लेकिन ज्योति मिर्धा जैसी जिम्मेदार नेता अगर ऐसी घटिया हरकतें करने लग जाए तो सोचने पर मजबुर कर देता है । यह अपमान एक बोतल का नही है यह राजस्थान के लाखों किसानों जवानों दलितों पिछड़ों गरीबों का अपमान है जिनके हक अधिकार के लिए इसी बोतल के चिन्ह पर लड़ाई लड़ी जा रही है । खैर वक्त सबका आता है इंतजार करेंगे और ऐसे अपमान का बदला भी लिया जाएगा । BJP Rajasthan BJP Jagat Prakash Nadda Bhajanlal Sharma Amit Shah Narendra Modi जी क्या आपके नेताओं का ऐसा घटिया बर्ताव ठीक है इस तरह किसी पार्टी के चुनाव चिन्ह का अपमान करना वो भी एक प्रदेश उपाध्यक्ष के द्वारा उचित है क्या ?

OM Kakar Baytu

82,280 次观看 • 1 年前

हरियाणा में भाजपा के फैलाए घोर जंगलराज में गुंडों और गैंगों ने "रंगदारी के धंधे" और "फ़िरौती के फंदे" से आतंक मचा रखा है ! 🚨 "7 करोड़ रुपए का इंतजाम कर ले, 24 घंटे हैं तेरे पास..." 🚨 अब पानीपत में इंस्टीट्यूट आफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (PIET) के वाईस चेयरमैन राकेश तायल को व्हाट्सएप कॉल और वॉइस नोट भेज ये रंगदारी डिमांड की धमकी दी गई है ! 🚨 यह रंगदारी की रकम विदेशी नंबर से कॉल करके, कुख्यात अपराधी हैरी बॉक्सर के नाम से मांगी गई है...फिरौती की मिली इस धमकी के बाद चेयरमैन और उनका पूरा परिवार दहशत में है ! 🔴 हर दिन फिर फ़िरौती/रंगदारी की डिमांड और जान से मारने की धमकियों ने प्रदेशवासियों का जीना मुश्किल कर रखा है ! ❓ अब तो भाजपाई नकारेपन के कारण जिस तरीके से प्रदेश में ये डर का धंधा "न्यू नॉर्मल" बन चुका है, उसे देखते हुए नाकाम नायब सरकार को बकायदा "फिरौती मंत्रालय" खोल देना चाहिए... ❓ इसके बाद सरकार ही बता दे कि प्रदेश में चैन से सांस लेने के लिए किस गुंडे और किस गिरोह के नाम पर किसको कितनी रंगदारी की रकम चुकानी है... ❌ जिन गुंडों और अपराधियों के दिमाग़ में सरकार और कानून का भय होना चाहिए वो अपराधी अब बेखौफ होकर अपराध को ही किसी तमगे की तरह लगाकर प्रदेश के लोगों को डराने और धमकाने का धंधा चला रहे हैं ! ❌ PIET के चेयरमैन राकेश तायल को दी धमकी में भी यही कहा कि "यदि उन्हें गुंडे की पहचान में कोई शक हो तो यूट्यूब पर जाकर सर्च करके जान लें कि उसने पहले भी किन-किन लोगों को निशाना बनाया है !" 🔴 पूरे प्रदेश में कारोबारी हों, किसान हों, दुकानदार हों या आम लोग.. हर परिवार अब फ़िरौती के डर और अपराध की असुरक्षा के अंधकार में जीने को मजबूर हैं ! 🔴 हरियाणा के लोग अब भाजपा के "शिगूफा सीएम" श्रीमान नायब सैनी से यही पूछ रहे हैं कि- जब आपको सरकार चलाने के नाम पर केवल झूठ, जुमले और चुटकुले से ही काम चलाना है..तो आप भी अपना यूट्यूब चैनल ही क्यों नहीं खोल लेते? आखिर कब तक 'पर्ची सीएम' और भाजपा की निकम्मी सरकार में अपराधियों की ये मनमानी बढ़ती रहेगी और कब तक लोगों की ज़िंदगी से ये खिलवाड़ चलता रहेगा?

Randeep Singh Surjewala

13,376 次观看 • 23 天前

*युद्धविराम के पीछे का सच :-* युद्ध विराम की चर्चा से पहले यह जान लेवें कि भारत और भारत की जनता को कैसे बचाना है ,यह मोदी जी जैसे हर देशभक्त का प्रथम लक्ष्य हैं । स्वयं का घर जलाकर होली मनाना मूर्खता है ।कुछ अज्ञानी लोग कल शाम से प्रधानमंत्री मोदी को गालियां दे रहे हैं , कोस रहे हैं । युद्ध विराम के निर्णय को गलत बता रहे हैं । मोदी को गरियाने वाले अज्ञानियों से निवेदन है कि पिछले 4 दिनों में क्या कुछ घटा है और मोदी जी ने क्या कुछ किया है ,इसका अध्ययन आप एक बार जरूर कीजिए । युद्ध करना जरूरी है लेकिन समझ के साथ युद्ध करना सबसे ज्यादा जरूरी है । आप सिर्फ समाचार पत्रों या वेबसाइट की पिछले 3 दिनों को खबरें पढ़ें । विशेषरूप से 9 मई और 10 मई की अलसुबह की खबरें। आप पढ़ेंगे तो पाएंगे कि पाकिस्तान में लगातार 2 दिन भूकंप आने की खबर है । दोनों दिन रिक्टर पैमाने पर 4.0 के भूकंप का समाचार है । लगातार 2 दिन इस तरह एक ही पैमाने का भूकम्प बहुत कुछ संकेत देता है । मेरे आकलन के अनुसार यह भूकंप नहीं बल्कि पाकिस्तान का वह गुप्त परमाणु परीक्षण था जिसे वह हताशा में अपनी आसन्न हार के मद्देनजर भारत पर आजमाने की पूरी प्लानिंग कर चुका था । केवल 2 दिनों में पाकिस्तान पूरी तरह पस्त हो चुका था । उसका एक भी हमला भारत की जमीन को छू भी नहीं सका था । इसलिए उसके धर्मांध हुक्मरानों , पिटी हुई आर्मी ने चीन और तुर्की की शह पर परमाणु हमले का निर्णय ले लिया था । पाकिस्तान जानता था कि वह पूरी तरह बर्बादी के कगार पर है । इसलिए भारत को भी बर्बाद कर मिट जाना अच्छा लगा पाकिस्तान को, भारत ने पाकिस्तान की न्यूक्लियर रिसर्च लैबोरेट्री के ठीक पड़ोस वाली बिल्डिंग को निशाना बनाकर यह संकेत दिया था कि वह कभी भी इस लैबोरेट्री को नष्ट कर सकता है । पाकिस्तान द्वारा परमाणु हथियार उपयोग में लेने की मंशा ने अमेरिका को भी अलर्ट मोड पर डाल दिया!अब आएं मिसाइल के उपयोग पर 9 मई की देर रात्रि में हरियाणा के सिरसा के ऊपर भारतीय सेना ने जिस मिसाइल को इंटरसेप्ट किया,वह फतेह 2 मिसाइल पाकिस्तान द्वारा विशुद्ध रूप से राजधानी दिल्ली और एनसीआर को लक्ष्य करके सिर्फ इसीलिए दागी गई थी ताकि पता लग सके की परमाणु बम को ले जाने वाली यह मिसाइल कितनी दूर तक जा सकती है पाकिस्तान और भारत के दुश्मनों ने यह तय कर लिया कि इस बार दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्र को परमाणु हमले की जद में लाया जाए,उसके बाद में भले ही हम स्वयं नक्शे से मिट जाए लेकिन भारत में लाखों आदमियों का कत्ल परमाणु हमले से हो । चीन भी इस युद्ध में पूरी तरह उतर जाने की प्लानिंग पर था!इधर मोदी सरकार और भारतीय सेना ने पहले दिन से यह तय कर लिया था कि पहलगाम हमले के बदले आतंकी कैंपों को निशाना बनाना है और उसमें वह सफल भी हुए। यथेष्ट लक्ष्य हासिल भी कर लिया गया!बहावलपुर से लेकर पाकिस्तान कब्जे वाले कश्मीर तक सभी आतंकी कैंपों को नष्ट कर दिया गया और सैकड़ो आतंकी ठिकाने भी लगा दिए गए,अक्ल से अंधे होकर सिर्फ परमाणु युद्ध के लिए उतर जाना, पूरे विश्व को खतरे में डाल देना भी किसी भी तरह से उचित नहीं था । अमेरिका के उपराष्ट्रपति वेंस जो पाकिस्तान के विरोधी भी हैं और जिन्होंने 2 दिन पूर्व ही भारत-पाकिस्तान कनफ्लिक्ट से अलग रहने के अमेरिका के स्टैंड का ऐलान किया था, उन्होंने मजबूत इनपुट के आधार पर ही मोदी से बात कर सीजफायर करने की बात मोदी को कही । मोदी भी इस विश्व व्यापी खतरे को समझ रहे थे । भारत के अंदर और भारत के बाहर के भारत विरोधी तत्वों , दुश्मनों की उस मंशा को भी समझ रहे थे जो विकसित होते भारत को बर्बाद होते देखना चाहते थे और लाखों नागरिकों परमाणु हमले के माध्यम से मारे जाने का सपना देख रहे थे । इसलिए अपनी इमेज की परवाह किए बगैर भारत के लिए क्या उचित है, इस देश की जनता की हिफाजत के लिए क्या उचित है इसका निर्णयपीएम ने लिया और सीजफायर का ऐलान किया! इसे एक कपोल कल्पना पोस्ट मान सकते हैं । लेकिन मेरा इतना कहना है कि आप पिछले 4 दिनों के घटनाक्रम का सिलसिलेवार अध्ययन स्वयं करें। हम न्यूक्लियर वॉर यानी परमाणु युद्ध के मुहाने पर खड़े है, यह बात आप खुद जान पाएंगे । हमारे महान भारत देश को बचाने के संकल्प के साथ ही दुश्मनों को भी खत्म करना है । आगे भी समय आएगा । कई मौके मिलेंगे । उस समय तरीके से दुश्मन को नष्ट भी किया जाएगा । लेकिन आज अंधे होकर निर्णय नहीं लिया जा सकता। मै तो कहती हूं मेरी पोस्ट पर नहीं पर Narendra Modi पर भरोसा रखें।भारत को भी बचाकर दुश्मनों का खात्मा भी किया जाएगा,पाकिस्तान की ओर से न्यूक्लियर वॉर की पूरी रचना की जा चुकी थी। उसके परमाणु बम वाली मिसाइल के निशाने पर भारत की राजधानी दिल्ली थी! #budhdha_purnima #IndiaPakistanWar2025

कविता भारतीय 🇮🇳 एस्ट्रोलोजर

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अगर गाड़ी लेने का मन बना रहे हैं तो महिंद्रा की स्कॉर्पियो N लेने से बचना. ---- यूट्यूब पर "Scorpio N fire" सर्च करेंगे तो ऐसी अनेकों वीडियोज मिलेंगी जिनमें स्कॉर्पियो N सड़क पर धूँ-धूँ जल रही होगी। ऐसा ही एक तजुर्बा अपना बताता हूँ। मेरे एक दोस्त हैं ऋषि श्रीवास्तव, जो अकाउंटेंट का काम करता है। उन्होंने दो साल पहले स्कॉर्पियो N ख़रीदी। लेकिन जैसे ही इस गाड़ी को चलाने लगे, शुरू से ही इसकी AC, क्लच प्लेट, और बैटरी में दिक़्क़त आने लगीं. हालाँकि ये वारंटी में थे तो कंपनी ने सही कर दिये. इस बीच ऋषि भाई ने सर्विस सेंटर से शिकायत की कि स्पीकर के वायरिंग में हमेशा नॉइज़ (साउंड) आती है. कई बार इस समस्या को सर्विस सेंटर ने सही भी किया लेकिन वायरिंग से नॉइज़ आना परमानेंटली बंद नहीं हुआ. इसी बीच 15 अप्रैल 2026 की शाम ऋषि भाई अपनी ऑफिस से घर जा रहे थे. लेकिन सेक्टर 71, नोएडा के पास, उनके बोनट (जहां बैटरी होती है) से अचानक धुआँ निकलने लगा. ऋषि जब तक गाड़ी से बाहर आया, तब तक स्कॉर्पियो गाड़ी ने आग पकड़ ली. बीच शहर में सामान्य स्पीड पर चल रही गाड़ी में आग लग गई. इसके बाद फायर ब्रिगेड आई और जैसे तैसे आग बुझाई। हालाँकि इस घटना में ऋषि को किसी तरह का नुक़सान नहीं पहुँचा। ऋषि ने anand mahindra जी की Mahindra Group कंपनी को ईमेल किए। जिस पर महिंद्रा कंपनी (Mahindra For You) की तरफ़ से 23 अप्रैल को ईमेल आया कि हमें टाइम दीजिए हम इंस्पेक्शन करते हैं। लेकिन तब से अब तक कॉस्ट्यूमर को कोई कम्युनिकेशन नहीं है, ना मैसेज, ना कॉल, ना ईमेल, ना मीटिंग। एक आदमी ज़िंदगी भर की कमाई लगाकर गाड़ी ख़रीदता है, और उसकी सारी कमाई सड़क पर जल जाती है। गाड़ी में फँसकर या जलकर मौत भी हो सकती थी। इसके बाद भी कंपनी की तरफ़ से पीड़ित को कोई मदद नहीं है। जबकि ऐसे मामलों में कॉस्ट्यूमर से माफ़ी माँगनी चाहिए और मदद करनी चाहिए। मैं anand mahindra जी की बड़ी कद्र करता हूँ। और बचपन से उनकी स्कॉर्पियो गाड़ी को भी पसंद करता हूँ। उनसे रिक्वेस्ट है कि अपनी गाड़ी की टेक्निकल कमी पर काम करने के लिए जाँच बिठाएँ, ताकि आए दिन स्कॉर्पियो सड़क पर जलती ना दिखें। और स्कॉर्पियो एन, नेक्स्ट ओला E- स्कूटर बन जाए। कृपया ध्यान दें। Mahindra Scorpio, Anish Shah Rajesh Jejurikar Mohit Kapoor , Lakhan Arjun Rawat , Mahindra Scorpio , Mahindra Group , Mahindra For You, Nitin Gadkari ji.

Shyam Meera Singh

83,242 次观看 • 3 个月前