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ईश्वर पर ओशो का विचार सुनिए....!!!
167,396 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)
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पूर्वजन्म के प्रारब्ध को भुगतना ही होगा। इस जन्म में गो हत्या करोगे, डाका डालोगे, खून पसीने की कमाई किसी का बेईमानी कर जाओगे, स्वार्थ सिद्धि के लिए हत्या कर दोगे, निर्दोष प्राणियों की हत्या कर दोगे और फिर अगले जन्म में भी सुख की आशा रखोगे तो ये सही होगा क्या ? जो करोगे वो भरोगे।

मैडम जब बुरा वक्त आता है तो ईश्वर ही याद आता है, ओशो याद नहीं आता। लगता है आपको जीवन में कभी ईश्वर याद नहीं आया इसलिए अय्याश ओशो को याद कर रही हैं। ओशो आपका भला करे।

Actually sir baat ye hai ki I am an Atheist. अर्थात मैं एक नास्तिक हूं। तो इस दुनियां में किसी भी तरह का ईश्वर हो या न हो मुझे फर्क नहीं पड़ता है।

अतिशय भोग विलास के वजह जब ओशो का दिमाग पुरा बिगड गया तब वह नास्तिक बना तथा ईश्वर ना होने का घोषणा करने लगा।वैसे तो ओशो शुरु से ही पवित्र सन्त नही,बल्कि १ वाक सिध्दि प्राप्त तान्त्रिक थे। तान्त्रिक वाक सिध्दि के कारण ओशो के सारे बेकार के गफ सुनने वाले के लिए बहुत प्रिय होने लगा।😂

I became an atheist when I visited such places in Africa

अगर देखा जाए, 🔸तो गरीब लोग ही भगवान को ज्यादा मानते हैं, लेकिन उसके बदले उनको मिलता क्या ?? 🔸अमीर लोग भगवान को पूजते नहीं, पर भगवान ही अमीर लोगों को पूजता है । 🔸अगर भगवान होता तो ये हत्या, आत्महत्या, बलात्कार, शोषण आदि नहीं होता । 🔸भगवान बस एक कल्पनातीत धंधा है...

क्या लग रहा है... सत्संग यहीं खत्म हो गया होगा या ओशो ने आगे भी कुछ कहा होगा? या इतनी ही बात को निष्कर्ष समझ लिया जाए?

बैठा तो हैं कई बार वह तुम्हें अपने होने का एहसास भी कराता है पर तुम समझ ही नहीं पाते।

अरे कोई होता तो न सुनता

Why did God send You on the earth? For making your own benefits. Shame of you
