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उत्तर प्रदेश में "जातंकवाद" अपने चरम पर है😡 मुख्यमंत्री जी के सजातीय गुंडों ने बलरामपुर में ग्राम सेखुया के ग्राम प्रधान सियानंद वर्मा के घर में घुसकर प्राणघातक हमला किया है। इस घटना के बाद पूरे कुर्मी समाज में रोष व्याप्त है, मैं सत्ता संरक्षित सामंतवादी गुंडों से बस...

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उत्तर प्रदेश के बलरामपुर ज़िले के सेखुईया गाँव में पिछड़े वर्ग से आने वाले ग्राम प्रधान सियानंद वर्मा (कुर्मी) और उनके परिवार पर जातंकवादियों ने दिनदहाड़े धारदार हथियारों और लाठी-डंडों से हमला किया। हमले के दौरान जातंकवादियों ने कहा — “शूद्र, ओबीसी वाले तुम शूद्र हो!” यह कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि सत्ता–पोषित जातंकवाद का असली चेहरा है। जाति–धर्म देखकर सख्त होने वाले मुख्यमंत्री Yogi Adityanath से सवाल है कि पुलिस इस तरह की घटनाओं में अपराधियों की जाति देखकर नरम क्यों पड़ जाती है? कार्रवाई की रफ़्तार धीमी क्यों पड़ जाती है? मैं Government of UP से मांग करता हूँ : तुरंत मुख्य अभियुक्त का नाम FIR में डाला जाए और सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए — अन्यथा मैं बलरामपुर आकर पीड़ित परिवार के साथ सड़क पर उतरूँगा। भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। CM Office, GoUP Yogi Adityanath #UPCasteViolence #SocialJustice #AzadSamajParty

Chandra Shekhar Aazad

17,636 Aufrufe • vor 11 Monaten

सपा आईटी सेल का श्री पंकज चौधरी जी (पटेल) पर यह अशोभनीय कमेंट एक जाति विशेष के अहंकार को प्रदर्शित करता है, और कुर्मी समाज से ताल्लुक रखने वाले श्री पंकज चौधरी जी पर व्यक्तिगत बातों को इंगित करना, उस पर बार -बार टिप्पणी करना सपा का कुर्मी समाज को नीचा दिखाने वाला अहंकारी प्रयास है। यह भलीभांति जान लीजिए श्री पंकज चौधरी जी कुर्मी समाज के गौरव हैं, सात बार के सांसद हैं, केंद्रीय मंत्री हैं और आज सपा के किसी भी नेता से ज़्यादा राजनीतिक अनुभव रखने वाले हैं| कुर्मी समाज अपने नेता का अपमान सहने वालों में से नहीं है। यह वह समाज है जो सम्मान भी देना जानता है और अपमान का जवाब भी देना जानता है। महराजगंज की राजनीति में पिछले साढ़े तीन दसको से अधिक के समय काल में पंकज चौधरी जी की सीधी लड़ाई सपा से रही है और सपा को कभी पनपने नहीं दिया। सपा की सरकार होते हुए भी ज़िला पंचायत अध्यक्ष हमेशा पंकज चौधरी समर्थित व्यक्ति ही बना। और अब, प्रदेश अध्यक्ष होने के बाद पूरे प्रदेश से सपा का सफाया होगा। याद रखिए, कुर्मी समाज इस बार सपा के पूर्ण सफाए की पटकथा लिखेगा।

Prashant Umrao

12,819 Aufrufe • vor 4 Monaten

नालन्दा में पासवानों के 150 घरों को तोड़ा गया! उसके वीडियो बहुत सुंदर तरीके से नीतीश कुमार का कुर्मीवाद सामने आ रहा है — जिस पासवान समाज के व्यक्ति का घर तोड़ा गया उनको सुनिए, वो कह रहे हैं कि — प्लॉट एक ही है! उसी प्लॉट में आधे में कुर्मी का घर है उसी प्लॉट में पासवान का भी घर है। देहाती भाषा में कहें तो गरमजरूआ यानी सरकारी ज़मीन! ये नियम है कि कोई जमीन प्लॉट के हिसाब गरमजरूआ या निजी होता है, जमीन कोई रोटी का टुकड़ा नहीं है कि आधा पकेगा आधा कच्चा होगा, यहां प्लॉट का हिसाब किताब चलता है। अगर कोई जमीन निजी है तो वो पूरा प्लॉट निजी होता है और अगर कोई प्लॉट गरमजरूआ है तो पूरा प्लॉट गरमजरूआ होगा। इस हिसाब से जिस प्लॉट में पासवान समाज के लोग थे उसी प्लॉट में कुर्मी जाति के लोगों का भी घर है, अगर वो प्लॉट गरमजरूआ है तो कुर्मी जाति के लोगों के घर भी गरमजरूआ में ही है! फिर केवल पासवान समाज के लोगों का घर ही क्यों तोड़ा गया ? कुर्मी जाति के लोगों का घर क्यों तोड़ा ? बस इसीलिए कि उनकी जाति का आदमी मुख्यमंत्री है। बस इसलिए कि पासवान समाज का कोई आदमी मुख्यमंत्री नहीं है इसलिए एक ही प्लॉट पर बने पासवानो के घर तोड़ दिए जाएंगे और कुर्मियों के घर सुरक्षित रखे जायेगे ? ये सीधा नीतीश कुमार का जातिवाद है। ये सीधा नीतीश कुमार का कुर्मीवाद है!

Nitesh Kartiken

10,848 Aufrufe • vor 9 Monaten

उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के थाना सुरीर क्षेत्र में हुए गोलीकांड के घायलों का हाल जानने गाँव भगत नगरिया पहुचने के रास्ते में, मुझ पर और हमारे साथियों पर पथराव व हमला किया गया। इस हमले की भयावहता का अंदाजा वीडियो से लगाया जा सकता है, जो दर्शाता है कि जातिवादी आतंकियों ने किस तरह से सुनियोजित तरीके से इस हमले की तैयारी की गई थी। यह हमला केवल हम पर नहीं, बल्कि संविधान, बाबा साहब के विचारों और बहुजन समाज के स्वाभिमान पर हमला है। उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज पर हो रहे निरंतर हमलों को देखते हुए यह स्पष्ट है कि जातिवादी गुंडों को सत्ता का संरक्षण प्राप्त है। प्रशासन अगर निष्पक्ष होता तो न गोलीकांड होता, न आज हम पर पुलिस की मौजूदगी में यह हमला होता। उत्तर प्रदेश में बहुजन समाज के खिलाफ हो रहे हमले कोई संयोग नहीं, बल्कि एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा हैं। हमारी बारातों को रोका जाता है, हमारे बेटों को मारा जाता है, हमारी बेटियों पर अत्याचार होते हैं, और जब हम न्याय मांगते हैं तो हम पर ही हमले होते हैं। लेकिन अब बहुत हो चुका! Government of UP से मांग करते हैं कि:- 1. मामले की न्यायिक जाँच हो और दोषी पाये जाने वाले लोगों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाये। 2. पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए। 3. उत्तर प्रदेश सरकार जातिगत हिंसा पर अपनी चुप्पी तोड़े और अपराधियों को संरक्षण देना बंद करे। अगर सरकार न्याय देने में नाकाम रहती है, तो याद रखे—हम अपने हक और सम्मान के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। हम संविधान में विश्वास रखते हैं, लेकिन अगर अन्याय और अत्याचार यूँ ही जारी रहा, तो हम अपना न्याय खुद लेना जानते हैं। जिनको लगता है कि इस तरह के कायराना हमले से हमारी न्याय के लिये लड़ने की हिम्मत टूट जाएगी तो वो गलतफहमी में है। हम न डरेंगे, न झुकेंगे, न रुकेंगे! यह लड़ाई सिर्फ मथुरा की नहीं, यह लड़ाई पूरे बहुजन समाज के भविष्य की है। हम बाबा साहब के सिपाही हैं, अगर कोई हमें रोकने की कोशिश करेगा, तो वह खुद मिट जाएगा - लेकिन बहुजन समाज रुकेगा नहीं! इंकलाब होगा! न्याय होगा! और सत्ता की कुर्सियाँ हिलेंगी!

Chandra Shekhar Aazad

70,937 Aufrufe • vor 1 Jahr

मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के सुभाषपुरा थाना क्षेत्र के इंदरगढ़ गांव में दलित युवक नारद की बर्बर हत्या ने पूरे बहुजन समाज को झकझोर कर रख दिया है। नारद, जो अपने मामा के घर आया हुआ था, ने सरपंच के बोरवेल से पानी भरने की "हिम्मत" की, और इसी "जुर्म" में उसे लाठी-डंडों से इतना बेरहमी से पीटा गया कि उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह घटना न केवल दलित समाज पर बढ़ते अत्याचारों को उजागर करती है, बल्कि यह भी दिखाती है कि भाजपा सरकारों के "एक है तो सेफ है" जैसे दावे, दलितों को "सेफ" करने में पूरी तरह विफल हैं। DGP MP इस जघन्य अपराध के सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार कर सख्त से सख्त कार्यवाही करें।

Chandra Shekhar Aazad

426,869 Aufrufe • vor 1 Jahr

जानकारी मिली है की यूपी के जनपद अलीगढ़ के ग्राम इब्राहिमपुर भीमपुर गोंडा रोड़ वहाँ ग्राम समाज की ज़मीन पर एक समाज के पक्ष के द्वारा मंदिर वगेरह का काम शुरू किया गया और पहले से भी वहाँ अन्य धार्मिक स्थल बने हुए हैं जो ग्राम समाज की ज़मीन पर बिना पुलिस परमिशन के बने हुए हैं, तो डॉ बाबा साहब अम्बेडकर जी को मानने वाले लोगों के द्वारा भी गाँव में ही दूसरी जगह ग्राम समाज की ज़मीन पर बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा लगा दी गई, वो भी गाँव के वर्तमान प्रधान की रजामंदी से। तो गाँव के ही दूसरे पक्ष के लोगों के द्वारा विरोध किया गया और फिर पुलिस प्रशासन प्रतिमा को वहाँ से हटाने आ गया है तो मेरा ALIGARH POLICE DM ALIGARH Government of UP और तमाम अधिकारियों से कहना है कि प्रशासन बाबा साहब की प्रतिमा तो हटाने पहुँच गया और पूरा दवाब बना रहा है लेकिन जिन दूसरे पक्ष के लोगो के द्वारा ग्राम समाज की और जमीनों पर जो भी धार्मिक स्थल बनायें गयें हैं क्या प्रशासन उन्हें भी वहाँ से हटाएगा? जब डॉ अम्बेडकर के मानने वाले लोगो के द्वारा ग्राम समाज की ज़मीन पर बने धार्मिक स्थलों का विरोध नहीं किया गया तो आख़िर बाबा साहब का विरोध करने वालों के साथ पुलिस ढाल की तरह क्यों खड़ी हैं। क्या ग्राम समाज की ज़मीन पर केवल एक ही पक्ष का अधिकार हैं की वे धार्मिक स्थल बना सके क्या बाबा साहब के मानने वाले लोगो का ग्राम समाज की ज़मीन पर कोई अधिकार नहीं है। जबकि सबकी संख्या सामाजिक आधार पर गाँव में लगभग बराबर है। मेरा प्रशासन से निवेदन है की बाबा साहब की प्रतिमा हटाने से पहले अन्य धार्मिक स्थलों को भी हटाया जायें तो वरना ये पक्षपाती रवैया बिल्कुल बर्दाश्त योग्य नहीं है। प्रशासन का ये रवैया हमें मजबूर करेगा अलीगढ़ कूच करने पर।

Abhishek Kumar Jatav ( बहुजन शायर )

23,010 Aufrufe • vor 1 Jahr