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उत्तराखंड बहुत ही dynamic state है। उत्तराखंड में किसी चीज की कमी नहीं है। यहां टूरिज्म है, इसलिए रोजगार होना चाहिए, MSMEs बढ़नी चाहिए। मगर देश में फायदा सिर्फ अडानी-अंबानी को हो रहा है। आज पोर्ट, एयरपोर्ट, डिफेंस समेत हर सेक्टर अडानी के हवाले किया रहा है, जो कि...

30,648 просмотров • 2 месяцев назад •via X (Twitter)

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हमें समझ नहीं आता कि आखिर नरेंद्र मोदी ने अडानी के आगे सरेंडर क्यों कर दिया है? अडानी के लिए नरेंद्र मोदी ने देश को खतरे में क्यों डाल दिया है? नरेंद्र मोदी का पूरा सरकारी तंत्र ये सुनिश्चित करता है कि अडानी का बिजनेस बढ़ता रहे। केन्या की सरकार ने अडानी का कॉन्ट्रैक्ट कैंसिल कर दिया था और अडानी को गिरफ्तार करने की तैयारी कर ली थी, लेकिन भारत के किसी अखबार में इस बात की कोई चर्चा नहीं की गई। हमें बाहरी अखबारों से पढ़कर अडानी की डील के बारे में पता चल रहा है, लेकिन हमारे देश की मीडिया में कोई बात नहीं कर रहा। देश के सम्मान को ठोस पहुंच रही है, लेकिन कोई कुछ नहीं बोल रहा, क्योंकि 'नरेंदर ने सरेंडर' कर दिया है। : Dr. Ajoy Kumar जी

Congress

29,619 просмотров • 1 год назад

नरेंद्र मोदी ने नारा दिया: एक हैं तो सेफ़ हैं भारत में नरेंद्र मोदी और अडानी एक हैं तो सेफ़ हैं। हिंदुस्तान में अडानी का कुछ नहीं किया जा सकता है। यहां मुख्यमंत्री को जेल भेज दिया जाता है और अडानी 2,000 करोड़ का घोटाला कर के बाहर घूम रहे हैं। क्योंकि नरेंद्र मोदी उनकी रक्षा कर रहे हैं। अमेरिका की जांच में कहा गया है कि अडानी ने हिंदुस्तान और अमेरिका में क्राइम किया है। मगर हिंदुस्तान में अडानी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। हमारी मांग है कि: • अडानी को गिरफ्तार किया जाना चाहिए • माधबी बुच को पद से हटाया जाए और उनकी जांच होनी चाहिए : नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi

Congress

50,365 просмотров • 1 год назад

देश का पूरा धन चुनिंदा लोगों के हाथ में सौंपा जा रहा है। चारों तरफ बस दो-तीन लोग दिखते हैं, जैसे इनके अलावा देश में कोई और बिजनेसमैन हैं ही नहीं। अमेरिका में अडानी पर केस चल रहा है, लेकिन हिंदुस्तान में ये कुछ भी कर सकते हैं, क्योंकि ये नरेंद्र मोदी के दोस्त हैं। यानी- देश के 90% लोगों को परे करके सारा पैसा चुने हुए लोगों को सौंपा जा रहा है। अडानी-अंबानी चीन का माल भारत में बेचते हैं, खुद कमाई करते हैं और रोजगार चीन के युवाओं को मिलता है, जबकि यहां के युवा बेरोजगार घूम रहे हैं। ये हिंदुस्तान की सच्चाई है। इस देश के युवा को रोजगार नहीं मिल रहा है और इसे छिपाया नहीं जा सकता है। जातिगत जनगणना से पता चल जाएगा कि किसको फायदा मिल रहा है और किसके साथ अन्याय हो रहा है। : नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi 📍 मध्य प्रदेश

Congress

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अडानी का दुनिया में डंका बज रहा है, देखिए कैसे👇 • फ्रांस की कंपनी टोटाल एनर्जी ने फैसला किया है कि वे भविष्य में अडानी ग्रुप में कोई निवेश नहीं करेंगे • अमेरिकी एजेंसी रिव्यू कर रही है कि वो अडानी समर्थित श्रीलंकाई पोर्ट के लिए फाइनेंस रिलीज करें या नहीं • श्रीलंका खुद अडानी पॉवर की डील को रिव्यू कर रहा है • इजराइल के हाइफा पोर्ट पर अडानी के खिलाफ श्रमिक विरोध कर रहे हैं • केन्या की सरकार ने अडानी की पॉवर और एयरपोर्ट डील रद्द कर दी • बांग्लादेश के कोर्ट ने अडानी पॉवर डील की जांच के आदेश दिए हैं • ऑस्ट्रेलिया में पहले से ही अडानी के खिलाफ जबरदस्त विरोध प्रदर्शन हो रहा है • स्विट्जरलैंड ने मनी लॉन्ड्रिंग और जालसाजी की जांच के तहत अडानी से जुड़े कई स्विस बैंक खातों में 2,617 करोड़ रुपए फ्रीज कर दिए • अमेरिका ने अडानी पर धोखाधड़ी और घूस देने के लिए वारंट निकाले हैं हर ओर से घिरे अडानी सिर्फ भारत में ही सेफ हैं, क्योंकि यहां नरेंद्र मोदी के चलते कोई उनका कुछ नहीं कर सकता देश की जांच एजेंसियां मूक-दर्शक बनी बैठी हैं, वरना इन आरोपों के आधार पर तो अभी तक उनकी गिरफ़्तारी हो जानी चाहिए थी

Supriya Shrinate

48,363 просмотров • 1 год назад

चार महीने से अमेरिका के साथ ट्रेड डील रुकी हुई थी। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिर्फ दो कारणों की वजह से इसे साइन कर दिया। ⦿ पहला कारण- अमेरिका में लाखों Epstein फाइलें बंद पड़ी हैं। लाखों फाइलों के ईमेल, मैसेज, वीडियो अभी तक रिलीज नहीं किए गए हैं। अमेरिका ने मोदी सरकार को धमकाने के लिए हरदीप पुरी का नाम रिलीज कर दिया है। मैसेज साफ था कि अगर हमारी बात नहीं सुनी तो फाइलों में से सबूत निकलेगा। ⦿ दूसरा कारण- अडानी पर अमेरिका में क्रिमिनल केस है, वो अमेरिका नहीं जा सकते। अडानी, BJP और नरेंद्र मोदी का फाइनेंशियल स्ट्रक्चर हैं- ऐसे में ये केस अडानी पर नहीं- नरेंद्र मोदी और BJP पर है। : 'कांग्रेस किसान महाचौपाल' में नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi 📍 भोपाल, मध्य प्रदेश

Congress

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नरेंद्र मोदी जी ने अमेरिका के सामने घुटने टेक दिए हैं, ये देख किसी भी भारतीय को अच्छा नहीं लगेगा। उन्होंने भारत की अर्थव्यवस्था, किसानी और हमारे हितों को हमारी ही थाली में परोसकर ट्रंप को दे दिया है। जो भारत हमेशा अमेरिका के शीर्ष नेताओं से आंखों में आंखें डालकर एक व्यावहारिक रिश्ते निभाता था, वो भारत कहां है? नरेंद्र मोदी ने अडानी-अंबानी के हितों के लिए भारत के आम नागरिकों के हितों को कुर्बान कर दिया है। ये साफतौर पर भारत के आत्मसम्मान का समझौता है। जो लोग इस मातम की घड़ी को ढोल-नगाड़ा बजाकर जश्न जैसा दिखा रहे हैं- वे जानते हैं कि यहां 'सरेंडर' किया गया है। नेता विपक्ष राहुल गांधी जी को संसद में बोलने से रोका जाता है, क्योंकि नरेंद्र मोदी को मालूम है कि नेता विपक्ष और विपक्ष को पता है कि सरेंडर क्यों किया गया है। अब आप कयास लगा सकते हैं कि ये डील क्यों की गई? ● अडानी को बचाने के लिए ● अंबानी के हितों के लिए ● Epstein फाइल में अपना नाम दबाने के लिए : AICC मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन Pawan Khera 🇮🇳 जी 📍 दिल्ली

Congress

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