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उत्तराखंड में राजनीति शुरू हो चुकी है उत्तराखंड मैं निहंगों ने जिस तरह से गुरुद्वारे पर कब्जा , तोड़फोड़, पुलिस पर पथराव, 2 लोगों को बंधक बनाया पुलिस को धमकी और फिर छोड़ दिया बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ! मौका तो BJP ने खुद दिया है और जाते...

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मैं पिछले 6-7 वर्षों से इस प्लेटफॉर्म पर लगातार लिखते आया हूँ कि उत्तराखंड के सीमावर्ती जिले चमोली में कुकुरमुत्तों की तरह उग आए धर्मस्थल एक दिन चिंता का सबब बनेंगे। खबर है कि हालिया मारपीट विवाद के बाद कुछ निहंगों ने रुद्रप्रयाग के एक गुरुद्वारे पर कब्जा कर दिया है और पुलिस के अलावा आईटीबीपी भी मोर्चे पर उतर गई है। सवाल यही है कि राज्य का माहौल खराब करने की ये साजिश के तहत इन उपद्रवियों को यहाँ कौन भेज रहा है? क्या ये उत्तराखंड सरकार के ख़िलाफ़ षड्यंत्र किया जा रहा है? देश की संप्रभुता और सुरक्षा को चुनौती देने वाले इन एलिमेंट्स पर तुरंत UAPA लगा देना चाहिए। लेकिन एक तथ्य तो यही है कि इन्हें शुरुआत से ज़मीन स्थानीय लोगों ने ही प्रोवाइड करवाई है, अब भुगत रहे हैं।खैर, समाधान तो यही है 👇🏻

ABHISHEK SEMWAL

26,102 Aufrufe • vor 2 Monaten

उत्तराखंड के कर्णप्रयाग और नगरासू में निहंग सिखों से जुड़ा विवाद बढ़ ही रहा है। पंजाब से आया निहंग सिखों का एक बड़ा जत्था देहरादून की ओर जाने की कोशिश कर रहा है। इसे देखते हुए उत्तराखंड-हिमाचल सीमा पर कुल्हाल-विकासनगर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।पुलिस बैरिकेड लगाकर जत्थे को आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की। लेकिन निहंग सिखों का कहना है कि वे तब तक वापस नहीं लौटेंगे, जब तक गिरफ्तार किए गए चार निहंग सिखों को रिहा नहीं किया जाता। इसी के चलते उत्तराखंड हिमाचल बोर्डर पर निहंग सीखों ने बवाल किया। पूरा विवाद कर्णप्रयाग में हुई एक घटना से जुड़ा है। आरोप है कि चार निहंग सिखों ने स्थानीय लोगों के एक समूह के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद शनिवार को सात लोगों के एक समूह ने नगरासू गुरुद्वारे के प्रबंधन के साथ विवाद के बाद गुरुद्वारे की छत पर कब्जा कर लिया। पुलिस के अनुसार, इन लोगों ने गिरफ्तार निहंग सिखों की रिहाई की मांग की, गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिल पर कब्जा किया और वहां से पथराव तथा तोड़फोड़ भी की।

Ankit Kumar Avasthi

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लोकतंत्र में चुनाव आयोग से निष्पक्षता और पारदर्शिता की उम्मीद रखी जाती है। जैसे महाराष्ट्र और बिहार सहित कई राज्यों में BJP ने 'वोट चोरी' कर सत्ता हासिल की, वैसा ही वो उत्तराखंड में भी करना चाहती है। ऐसे में हम सभी SIR के नाम पर हो रही धांधली को चुनाव आयोग के संज्ञान में लाना चाहते थे, लेकिन हमें मिलने का समय नहीं दिया गया। हालात इतने बुरे हैं कि उत्तराखंड में हजारों नाम वोटर लिस्ट से निरस्त करने का आवेदन दिया जा रहा है और चुनाव आयोग उस पर संज्ञान ले रहा है। वहीं, नाम काटने का आवेदन देने वाले शिकायतकर्ताओं को इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं है। इससे साफ होता है कि ये BJP के द्वारा कांग्रेस के वोटरों को काटने की एक साजिश है। हम BJP को साफ संदेश देना चाहते हैं कि उत्तराखंड में कांग्रेस मजबूत है। हम सभी मिलकर उनका सामना करेंगे। : उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष Ganesh Godiyal जी और CLP नेता Yashpal Arya जी का वक्तव्य-

Congress

24,430 Aufrufe • vor 8 Tagen

देखिए आवाज बंद कर दी जाती है या कम कर दी जाती है जब विपक्ष का प्रवक्ता अपनी बात करता है आवाज़ नहीं जाती है और नैरेटिव बदल दिया जाता है मैं बोल रहा था जो बंगाल में ३-४ लोगों की मौत हो गई बुलडोजर ले जा कर टीएमसी का ऑफिस तोड़ दिया कहीं जला दिया क्या ये गुंडागर्दी है या नहीं। लेकिन आवाज बंद है और मेरी व्यंग वाली हंसी को संदेशखाली से जोड़ दिया मैं आज की हिंसा पर सवाल उठा रहा था और व्यंग्यात्मक हंसी दी की ये मुद्दा बदल रही हैं मैं बोल रहा था बंगाल की बेटी के साथ अन्याय हुआ था गलत हुआ था उसी तरह यूपी में हाथरस उन्नाव गाजीपुर BHU की घटनl उत्तराखण्ड में अंकिता भंडारी की घटना भी ग़लत है । लेकिन आवाज़ बंद और महिला विरोधी साबित करना शुरू और बोलना हंस रहे हो बात को कहाँ से कहाँ जोड़ दिया ।।बंगाल की बेटी भी देश की बेटी है और यूपी बिहार उत्तराखंड की बेटी भी देश की बेटी है । कमाल है!! कहाँ से कहाँ आ गये .

Dr Anurag bhadouria

13,814 Aufrufe • vor 3 Monaten