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उप्र के ऊर्जा निगमों में शत प्रतिशत हड़ताल शुरू AIPEF INDIA

66,076 просмотров • 3 лет назад •via X (Twitter)

Комментарии: 10

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Anil Kumar Gautam3 лет назад

@AipefIndia ऊर्जा क्षेत्र के शीर्ष प्रबंधन के हठवादी रवैये के कारण आम उपभोक्ताओं को तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। ऊर्जा क्षेत्र का शीर्ष प्रबंधन माननीय ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते को मानने से इंकार कर बिजली कर्मियों पर जबरन हड़ताल थोप रहा है।

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Prem Sagar3 лет назад

@AipefIndia दोगले तो ऊर्जा मंत्री जी है, जिन्होंने 3 दिसंबर को हर हर महादेव के उद्घोष के साथ लिखित समझौता किया था, और अब वो विद्युत कर्मचारियों को ही हठधर्मी बता रहे है। शर्म करो शर्म करो, ऊर्जामंत्री शर्म करो

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Jyoti Patel3 лет назад

@AipefIndia ऊर्जा क्षेत्र के शीर्ष प्रबंधन के हठवादी रवैये के कारण आम उपभोक्ताओं को तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। ऊर्जा क्षेत्र का शीर्ष प्रबंधन माननीय ऊर्जा मंत्री के साथ हुए समझौते को मानने से इंकार कर बिजली कर्मियों पर जबरन हड़ताल थोप रहा है। @CMOfficeUP @EMofficeUP @PMOIndia @UPPCLLKO

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shweta Agarwal3 лет назад

@AipefIndia हड़ताल के जिम्मेदार खुद ऊर्जा मंत्री जी हैं 3 दिसंबर को समझौते पर जब सिग्नेचर किए गए थे उस पर काम अब तक क्यों नहीं हुआ बता सकते हैं आप?

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CHOB SINGH3 лет назад

@AipefIndia इस हड़ताल के लिए ऊर्जा मंत्री और सरकार स्वम उत्तरदायी है जो 3 दिसंबर 2022 के अपने खुद के समझौते को लागू नहीं कर रहे हैं। इंकलाब जिंदाबाद

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Dilmani Thapliyal3 лет назад

@AipefIndia हड़ताल की जिम्मेदारी ऊर्जा मंत्री जी की है,समझोता उनके द्वारा कराया गया, पालन नहीं करा सकते तो,स्वयं इस्तीफा दें,उपभोक्ताओं को हड़ताल के कारणवश कोई परेशानी होती है तो जिम्मेदारी ऊर्जा मंत्री जी की है।इंकलाब जिंदाबाद।

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Kamal Singh3 лет назад

@AipefIndia मुख्यमंत्री महोदय को आगे आकर विद्युत कर्मचारियों की बात सुननी चाहिए उनको गलत रिपोर्ट दी जा रही है हड़ताल से सरकार और बिजली विभाग दोनो का नुकसान है ऊर्जा मंत्री समझोता ना करते किया तो निभाओ @myogiadityanath @myogioffice

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laxmi shankar tiwari3 лет назад

@AipefIndia सरकार से मोटी सैलरी पाने वाले अफसर मजदूरों को उकसा रहे हैं, जो जनहित के अत्यंत विरुद्ध है,बिजली बंद होगी तो जनता में भी उबाल आएगा तब इन हराम खोर अफसरों को जनता दौड़ाकर पिटेगी जितना भ्रष्टाचार बिजली विभाग में है उतना कहीं नहीं

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उ॰प्र०रा०वि०प०अभियंता संघ3 лет назад

@AipefIndia असुविधा के लिए खेद है।हमने सूचना हड़ताल की पूर्व में दी है।इसके लिए शीर्ष ऊर्जा प्रबन्धन ज़िम्मेदार है।

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Er. Sandeep singh3 лет назад

@AipefIndia जायज मांगों/दिसंबर में हुए समझौतों को लागू न करा पाने के कारण विद्युत कर्मियों को हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर किया गया है इंकलाब जिंदाबाद हमारी एकता जिंदाबाद

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