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एकलव्य में मेरिट की कोई कमी नहीं है पर द्रोणाचार्य की नीयत पर डाउट है।
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राजस्थान विश्वविद्यालय के पीएचडी प्रवेश में धाँधली को लेकर हम संघर्ष करते हैं ! @1K_Nazar @8PMnoCM @LokBhavanJaipur @BasavanIndia @nethrapal @DrLaxman_Yadav @DrJaihind @INCRajasthan @INCIndia

द्रोणाचार्य बैठा है फिर भी इतने अयोग्य शिक्षक, डाक्टर, इंजीनियर सब भर्ती हो रहे हैं। अबे चूतिये द्रोणाचार्य को मरे हजारों साल हो गए कब तक उनके नाम पर सरकार से भीख मांगता रहेगा। वैसाखी की आदत पड गयी है अपाहिजो ये बताओ।

भारत में 1947 से पहले ज़ब ब्राह्मणवाद था और आरक्षण नहीं था तब वराहमिहिर, C.V. रमन, जगदीश चंद्र बोस, श्रीनिवास रामानुजन, होमी जहांगीर भाभा, सत्येंद्र नाथ बोस, आर्यभट्ट जैसे महान वैज्ञानिक हुए. लेकिन 1947 के बाद भारत में भीमटावाद की वजह से आरक्षण लागू हो गया और वैज्ञानिक बनने बंद हो गए. मेडिकल विभाग में क्लोनिंग के जनक हरगोविंद खुराना हुए लेकिन भीमटों ने आंदोलन करके उन्हें भारत से भागने पर मजबूर कर दिया और उन्हें अमेरिकन नागरिकता लेनी पड़ी. इसलिए भारत को बचाना है तो भीमटावाद खत्म करना पड़ेगा.

द्रौणाचार्य से ही क्यों पढ़ना है ? 90% हो 80 साल के आरक्षण में एक भी अपना द्रोणाचार्य नहीं बना पाए?

दुनिया में सब कुछ बदल सकता है लेकिन इन लोगो की सोच और नियत कभी नहीं बदल सकती।

जब 10 प्रतिशत सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जा सकता है तब 80 प्रतिशत पिछडो को 15 से 27 प्रतिशत क्यों दिया जा रहा है। पिछडो को भी अपनी जनसँख्या के बराबर दिया जाए

द्रोणाचार्य हर जगह अंगूठा काट रहा है..!!✍️

ये द्रोणा नही हरामzaदा है ये लोग

तभी खड़गे का नाम कभी प्रधानमंत्री के लिए नही दिया

Aapki की नीयत पर डाउट है।

आज के कलयुगी द्रोणाचार्यो में अपनी जाति के शिष्यो के अलावा किसी दूसरी जाति के शिष्यो में सुपर मेरिट नहीं दिखाई देती है। इसलिए साक्षात्कार के नाम पर अपने ही जाति के शिष्यो को उच्चतम मेरिट बनाकर चयनित कर रहे हैं।

भारत में इतिहास तो निरंतर लिखा गया, दो बूंद पानी को समुन्दर लिखा गया एकलव्य का अंगूठा जबरदस्ती काटकर अर्जुन को सर्वश्रेष्ठ धनुर्धर लिखा गया! इन्हीं हरामखोरो के कारण आरक्षण 80 वर्ष नहीं 8000 वर्ष लगे तो भी होना चाहिए जातिगत आरक्षण ही होना चाहिए!

Om bhai ji sabse jyada Universities me hi baithe hai

Eklavya was kshatriya not dalit

तू एकलव्य से तुलना मत कर, उसका झाट भी नहीं है आरक्षण वाला भिखारी। एकलव्य चोरी से सही, मेहनत तो करता था, तुमलोग जैसा मुफ्तखोर थोड़े था ?

इस बुड्ढे के बच्चे मर जायें दूसरों का हक़ मारता है 🤬🤬🤬सत्यानाश हो जाये सारे ऐसे द्रोणाचार्य का

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कर्ज बढ़ा 56 से 240 लाख करोड़। डालर बढ़ा 62 से 97 रू। तेल बढ़ा 65 से 113 रू लीटर। सिलेंडर बढ़ा 400 से 1200. बाइक हुई 38 हजार से लाख पार चीनी बढ़ी 32 से 70 पार। सरकारी कंपनीया बेच डाली। दुनिया में हमारे वि.वि का कोई स्थान नहीं। वैश्विक इंडेक्स देख लिजिए। रेत और रोजगार देंगे।

Subha uto kaan choda bheek mango
