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ऐ काश कहीं ऐसा होता कि दो दो दिल दिल होते होते सीने मे 🤔🫡🥰

110,558 次观看 • 2 年前 •via X (Twitter)

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आशिकों के दिल मे एक आखिरी मलाल ताउम्र रह जाता है कि काश उस रोज आखिरी मुलाकात मे कुछ पल और उनके साथ गूजर गए होते काश की ये वक़्त आज ठहर जाता समय की गति रुक जाती काश ये पल कभी खत्म ना हो इन आखिरी पलों को वो अपने दिल मे कैद कर लेना चाहते है वो जानते है आखिर मुलाकात का दर्द उन्हें पता होता है ये पल जीवन मे आखिरी बार मिला है इसके बाद तो ना महबूब होगी ना उसका साथ होगा ना उसकी बातें होगी ना उसका चेहरा होगा ना उसके बाँहों का आलिंगन होगा ना उसका कंधा होगा जिस पर सर रख कर सके और अंततः ये वक़्त नहीं रुकता वो उस रोज जल्दी गुजर जाता है और अपने साथ एक ताउम्र का मलाल और ना जाने अपने साथ कितने काश छोड़ जाता "कि काश उस रोज वक़्त ठहर जाता सुबह ना होती शाम ना होती काश हम एक दूसरे से उस दिन अलग ही नहीं हुए होते ..❤️🌼

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भाजपा आज इतनी सफल क्यों है….?? और कांग्रेस कहाँ मात खा रही है….?? इन दोनों सवालों के साफ़ सटीक जवाब आपको 30 सेकेंड के इस विडियो मे मिल जाएँगे….!!! भाजपा आलाकमान ने प्रदेश की सबसे ताकतवर नेता को हटाकर पहली बार के विधायक को मुख्यमंत्री बनाया…. और आज दो साल बाद वही ताकतवर नेता अपने मुख्यमंत्री के हाथ मज़बूत करने के लिए तत्पर हैं…. इसी तरह यदि कांग्रेस आलाकमान अशोक गहलोत को दरकिनार करके किसी पहली बार के विधायक को मुख्यमंत्री बना देता तो…?? दो महीने के अंदर अंदर… अशोक गहलोत अपने विधायकों के साथ जैसलमेर की होटलों में बैठे होते… पायलट अपने विधायकों के साथ मानेसर बैठे होते… और भी दो तीन स्वयंभू मुख्यमंत्री दो-दो, चार-चार विधायकों के साथ कहीं अंडरग्राउंड हो गए होते… ये फ़र्क़ हैं दोनों दलों मे…

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