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ऐसा नहीं है कि प्रदर्शनकारियों की भीड़ सिर्फ़ कोई संख्या थी।

20,695 просмотров • 2 месяцев назад •via X (Twitter)

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रोहिणी घावरी आज विदेश से अपने देश भारत लौट आई है !! BRICS की वजह से रोहिणी ने कोई प्रदर्शन या ज़्यादा भीड़ नहीं बुलाई थी , ना ही कोई नारे लगाए गए !! रोहिणी जब मीडिया से बात करने की कोशिश कर रही थी तभी पुलिस वालो ने कहा यहाँ भीड़ मत लगाइए !! पुलिस का काम अपनी जगह है पुलिस ग़लत नहीं है ब्रिक्स चल रहा है संभवतः पुलिस अपना काम कर रही थी .. सवाल ये है एक रोहिणी घावरी के लिए इतनी बड़ी संख्या में पुलिसबल किसने भेजा रोहिणी भी इस बात को समझ रही थी और नारेबाज़ी नहीं होने दिया सिर्फ़ बाल्मीकि मंदिर में दर्शन किया मीडिया से बात की और चली गई लेकिन सवाल यही है की रोहिणी घावरी को बोलने से कौन रोकना चाहता है ?? Dr Rohini Ghavari ( रोहिणी )

Piyush Tiwari

23,101 просмотров • 10 дней назад

बहुत जरूरी बातें.....दिल्ली हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एन.हरिहरन ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ हुई हिंसा पर कोर्ट के सामने रखी हैं. -प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग से पहले पर्याप्त चेतावनी देना पुलिस की कानूनी जिम्मेदारी है. -अब तक ऐसा एक भी मामला सामने नहीं आया है, जिसमें पुलिस यह दिखा सके कि उसने प्रदर्शनकारियों को साफ तौर पर कोई चेतावनी दी थी कि वे वहां से हट जाएं, नहीं तो उनके खिलाफ बल प्रयोग किया जाएगा. -पुलिस ने न तो कोई सार्वजनिक घोषणा की गई, न ही सायरन या व्हिसल बजाई कि अब लाठीचार्ज होने वाला है. -यहां तक कि अंग्रेजों के जमाने में भी जब धारा 144 लागू लगती थी तो भी इन बेसिक चीजों का पालन किया जाता था. -केवल यह कहकर कि पुलिस को ड्यूटी निभाने में कठिनाई हो रही थी तो वह छात्रों पर बदले की कार्रवाई नहीं कर सकती. जंतर-मंतर पर ऐसा ही दिखाई दिया है. - छात्रों के पास किसी प्रकार के हथियार नहीं थे. ऐसे में उनके खिलाफ इस तरह से लाठीचार्ज ठीक नहीं है. Credit- Bar and Bench

Mandeep Punia

19,375 просмотров • 2 месяцев назад