正在加载视频...
视频加载失败
ऐसे लोगों को सेवा से बर्खास्त कर देना चाहिए,
351,847 次观看 • 1 个月前 •via X (Twitter)
34 条评论

इस प्रकरण में न्याय बहुत आशान है, तत्काल श्रमिक की न्युक्ति का आदेश दर्शक कर्मचारी का वर्खास्तगी आदेश l

क्यों भाई इसने एक व्यक्ति को रोजगार दिया इसमें गलत क्या किया, सरकार ने एक को रोजगार दिया और इस भले आदमी ने अपने पैसे में से एक गरीब का भी भला सोचा। धन्य है ऐसे लोग।

यही हाल हमारे यहां है कहने को एक ग्राम पंचायत में 7 सफाई कर्मी है लेकिन आते एक भी नहीं सफाई करने कभी 6 महीने एक बार किसी को 400 रूपए देकर खाना पूर्ति हो जाती है और एक सफाई कर्मी 48000 लेता है और इस ईसब से 7 सफाई कर्मी का 336000 होता है एक ग्राम पंचायत में सरकार को ध्यान देने हो

जिनको आरक्षण से तकलीफ है उन्हें तत्काल और पोस्ट श्रजित करके न्युन्तम मजदूरी प्रदान करें l

@myogioffice @myogiadityanath @theupindex @aajtak @TheLallantop @PMOIndia @HMOIndia जो सफाई कर्मचारी काम नहीं कर रहे हैं उनसे इस्तीफा लिखवाओ और काम कर रहे हैं उनको नौकरी ऑफर नियुक्ति दे

ये तो युपी में हर जगह होता है। उच्च जाति के लोग सफाईकर्मी की नौकरी ले तो लेते हैं लेकिन काम खुद नहीं कर पाते एक बार अखिलेश सरकार ने नियुक्ति प्रक्रिया के दौरान खुद नाले में उतरकर सफाई करने का प्रैक्टिकल रखा था तो आधे से ज्यादा नालायक भाग लिए थे या कम गंदा नाला मांग रहे थे

किसको किसको बर्खास्त करे यहाँ तो पूरे कुएँ में ही भंग पड़ी है

भाई ज्यादातर सफाईकर्मी दलित ही मिलेंगे मेरे एरिया में तो लगभग सभी दलित है और हराम की खा रहे है। सुबह हाज़री भर कर अपने घर मे आराम करते है सारा दिन क्योंकि सब वही आसपास के है। और उनको बोलो तो झगड़ा ओर बदतमीज़ी करेंगे। एक्ट लगवाने की धमकी देंगे। पैर की जूती ही ठीक थे ये

अबे यदमुल्ला ये सब जाति सर्टिफिकेट का कमाल है लोग कहते है दलित पर अत्याचार होता है लेकिन ये दलित ही होगा जो किसी गरीब से काम करवा रहा है

लटकन इस लाठी चार्ज पर दो शब्द बोलना चाहोगे

ये गाँव में जो भी सफाई कर्मचारी नियुक्त हुए है, ये ज्यादातर उच्च जाति के लोग हैं, नौकरी तो ले लिए, काम करवाएंगे दूसरे लोगों से जो वास्तव में हकदार है उन्हें नौकरी मिली ही नहीं।

कितने होंगे बर्खास्त, 90% सफाईकर्मी ऐसा काम कर रहे हैं।

कई जगह ब्राह्मण ठाकुर भी सफाई कर्मी हैं ! जा टव भी है सब लोग एक एक नौकर रखे हैं काम के लिए, 300 देकर दूसरे से काम करवाते हैं ।

जब सफ़ाईकर्मी और चपरासी का सैलरी 80000 करोगे तो वो साफ़ करेगा या गिलास धोएगा ? भाई मस्त एडिडास का जुत्ता पहन कर बाल सरिया कर बेल्ट बांधकर स्टाइल में रहता है और जो संविदा पर चपरासी है, उसे ऑर्डर देता है - चाय लाने को - सरकारी चपरासी अफ़सर से भी बड़ा होता है !

सीधा-सीधा अधिकारों का हनन है। इस आदमी ने शादी की होगी तो हनीमून के लिए भी कोई लेबर लेकर आया होगा। काम कोई और करता है और वेतन कुछ कोई और उठता है। भारत में क्या न्याय हो रहा है।

देखो है तो गलत लेकिन आरे यार एक नौकरी में दो लोगो को रोज़गार मिल रहा है

कितने लोगों को बर्खास्त करेंगे जब पूरी व्यवस्था ही खोखली है। अंततः मुख्यमंत्री को ही बर्खास्त होना पड़ेगा

ऐसे बहुते है गांव में जो 1000,1500 में नाला सफाई और झाड़ू लगा लात साहब की नौकरी कर रहे हैं लोग जो हकदार है उसको तो मिला भी नहीं है

Lekin ek payment se 2 aadami Ka Ghar chal raha hai .regular Safai honi chahie aur kya chahie Janata ko

तुम्हारे पेट मे दर्द क्यों हो रहा है

Bilkul sahi kaha hai

सही कहा आपने इन्हें नही रहना चाहिए

लगता है इसको आरछण की नौकरी मिली है

पूरे देश में यह नंबर वन ही चल रहा हैकाम

गाँव क्षेत्र में अधिकांश सफाई कर्मी उच्च जाति के हैं जो नौकरी पर कब्जा करके काम नहीं कर रहे हैं और यदाकदा लेबर को लगाकर सफाई करवा देने का काम करते हैं जो सेवा नियमावली के विरुद्ध है। जांच होनी चाहिए और जितने उच्च जाति के गैर सफाई कर्मी नियुक्त हैं उनको बर्खास्त किया जाना चाहिए

ये खेल खूब चल रहा है। अधिकतर गांवों में यही हो रहा है।

" कौन है ये भैया??😬😬😬😬😬

उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत में सफाई कर्मचारी ऐसे दिहाड़ी पर मजदूर रख के काम कराते हैं।

जांच पड़ताल करके ऐसे पदस्थापित कर्मियों को बर्खास्त करके उन्होंने अब तक जो भी वेतन और भत्ते आहरण किया हो उसकी वसूली होनी चाहिए और जो वास्तविक पात्र हो उसे सफाई का काम देना चाहिए।

श्रमिक ही चुटिया है। अगर कोई जबरदस्ती काम करवा रहा हो तब उसे बर्ख़ास्त किया जाएगा।

कितनो को बर्खास्त करेगी सरकारी अभी जाँच की जाये तो, 100 में 70 ऐसे ही करते मिलेंगे।

पहले यह बताओ गंदगी किसने फैलायी?प्लास्टिक के थैले, प्लास्टिक के बोतल सड़क पर फेंकना बंद करो।

अनिल भैया ऐसे तो होता है खास कर गांव अंचल क्षेत्रों में जिनको सफाईकर्मी की नौकरी मिली है वो तो राजा बाबू बने घूमते है चौराहे बजी करते है ऐसे दिहाड़ी पे मजदूर पकड़ कर उनसे सफाई करवाते है वो भी कितना गुजारिश करना पड़ता है कि गांव में सफाई करवा दीजिए मगर तब भी नहीं सुनते है गांव मे

इन्हीं लोगों के कारण सरकार संविदा पर नौकरी निकालती जब 300 में काम हो जाएगा तब 50000 देने की क्या जरूरत l
相关视频
Sensitive content
जिस उम्र में लोगों को अच्छी सीख देना चाहिए उस उम्र में इतनी घटिया मानसिकता है !*** यह आदमी बाजार में महिलाओं के साथ कैसे छेड़छाड़ कर रहा है?? बाजार में इस तरह की घटिया लोग हर जगह मिल जाएंगे मैंने खुद भी ऐसे लोगों को देखा है ,,!! जो बाजार में जाकर महिलाओं को गलत तरीके से छूते हैं
Journalist Fatima ✍️
389,925 次观看 • 1 个月前
