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कोई आडंबर, दिखावा , प्रोटोकॉल, तामझाम नहीं चाहते तो शाम तक सारे देश के CM, केंद्रीय मंत्री, राष्ट्रपति , लाखों की भीड़ वहाँ होती लेकिन एक साधारण परिवार की तरह अति साधारण अंतिम संस्कार और फिर कर्म योग में लीन नमन Narendra Modi जी

930,587 просмотров • 3 лет назад •via X (Twitter)

Комментарии: 10

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Dhruva Jain🇮🇳3 лет назад

@narendramodi 3:30 AM - आखिरी साँस माँं की 6 AM - मीडिया में खबर, जनता को जानकारी 9.30 AM - आम इंसान की तरह अंतिम संस्कार। कोई वीआईपी नहीं, कोई ट्रैफिक जाम नहीं, कोई भीड़ नहीं, कोई किलोमीटर लंबा प्रोसेशन नहीं 11 AM - प्रधान सेवक वापिस अपनी ड्यूटी पर। सारा काम अपने शेड्यूल से। राष्ट्र प्रथम

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Amit Sharma3 лет назад

@narendramodi 3:30 AM - Death of Hira ba confirmed by the hospital 6:00 AM - News of mother's death in public. 9.30 AM - Antim Sanskaar done like a commoner. No VIP visits. No traffic jams. No fans screaming slogans. No acres of land for samadhi. 11 AM - PM back to duties Actions speak louder

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SS.....3 лет назад

@narendramodi

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प्रणव कुमार झा3 лет назад

@narendramodi थोड़ी देर के लिए राजनीतिक बयानबाजी से किनारा कर लीजिए । सादगी और तामझाम नही है ये सही बात है मगर अब इसको ढिंढोरा पीट कर सबको बोलते जाना ये उचित नहीं । प्रधानमंत्री जी की सादगी और संत जीवन पूरे देश के लिए प्रेरणा स्रोत है और विश्व में इनका डंका बजा है । ।।विनम्र श्रद्धांजलि।।

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Guru Samy3 лет назад

@Rajendrap1078 @narendramodi No chappals even So much simplicity

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Vikas Mahur3 лет назад

@narendramodi

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Dinesh Shetty3 лет назад

@narendramodi 30th January, 1992: The day after Modi returned from the Ekta Yatra, a grand civic felicitation was held in Ahmedabad in honor of all Ekta Yatris. It was one of the first times his mother Heera Ben Modi appeared in public. She applied a Tilak to his forehead.

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Bharat Singh3 лет назад

@narendramodi देश के प्रति समर्पण भाव और प्रतिबद्धता.. सर्दी में टीशर्ट पहने से आदमी तपस्वी नहीं बनता , जिसके लिए कर्म प्रधान है तपस्वी वो कहलाता है ....🙏

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सचिन जैन🇮🇳3 лет назад

@narendramodi माँ हीरा बा को श्रद्धांजलि । #SaveShikharji जिस प्रकार हमारी माँ की अर्थी को हम जूते पहन कर उठाना पसन्द नही करते है क्योंकि माँ के प्रति आस्था है । सर वैसे ही *सम्मेद शिखर जी* हम जैनियों की आस्था है , वहां पर पर्यटकों को जूते पहने हुए कैसे देख ले सर ?

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Rishi Kant TPS(मोदी का परिवार)3 лет назад

@RitaSinghal6 @narendramodi

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वडनगर की गलियों से विश्व पटल तक: एक असाधारण यात्रा! 🇮🇳 वडनगर की साधारण गलियों से भारत के प्रधानमंत्री बनने तक का सफर कोई आम कहानी नहीं है। यह कहानी है अटूट संकल्प, सादगी और राष्ट्र के प्रति निस्वार्थ सेवा की। हिमालय और रामकृष्ण मिशन में आत्म-खोज से शुरू हुई यह यात्रा, श्री नरेन्द्र मोदी को 2001 में गुजरात के मुख्यमंत्री और 2014 में देश के प्रधान सेवक के पद तक ले आई। स्वच्छ भारत, डिजिटल इंडिया और G20 की सफलता तक, उनका 25 वर्षों का सफर देश को अपना परिवार मानकर जीने की प्रेरणादायक गाथा है। हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं! 🙏 #HappyBdayPMModi

BJP

63,144 просмотров • 19 дней назад

इतिहास के पन्नों में कुछ ऐसे विरले व्यक्तित्व जन्म लेते हैं, जो केवल सत्ता चलाने के लिए नहीं, बल्कि अपने कर्म, तप और अदम्य संकल्प से एक पूरे राष्ट्र की नियति बदलने के लिए आते हैं आज हम भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी का जन्मदिवस मना रहे हैं, माँ भारती के एक ऐसे सच्चे सपूत का वंदन , जिसने अपना कण-कण और क्षण-क्षण केवल देश की सेवा में समर्पित कर दिया है वडनगर के एक साधारण बालक से लेकर विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के 'प्रधान सेवक' बनने तक की उनकी यात्रा, करोड़ों भारतीयों के लिए एक जीवित प्रेरणा है यह यात्रा बताती है कि यदि हृदय में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला हो, तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है, उन्होंने केवल नीतियां नहीं बनाईं, बल्कि पंक्ति के अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की आंखों के आंसू पोंछने का भगीरथ प्रयास किया है उनकी दूरदर्शिता ने भारत के बुनियादी ढांचे और गरीब कल्याण को एक नई परिभाषा दी है प्रधानमंत्री श्री Narendra Modi जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं

Kapil Mishra

33,904 просмотров • 20 дней назад

हेडलाइट की रोशनी में अंतिम संस्कार आपने स्ट्रीट लाइट की रोशनी में बच्चों को पढ़ते देखा होगा और ऑपरेशन थिएटर्स में मोमबत्ती और टाॅर्च की रोशनी में ऑपरेशन होते देखे होंगे। भरतपुर में कार की हेडलाइट की रोशनी में अंतिम संस्कार किया जा रहा है। दरअसल, सोमवार को मोरी चार बाग निवासी 70 वर्षीय अशोक का निधन हो गया। शाम करीब 7 बजे परिजन अंतिम संस्कार के लिए बी-नारायण गेट स्थित श्मशान पहुंचे। वहां पहुंचते ही परिजनों को गहरा झटका लगा। पूरे श्मशान परिसर में घना अंधेरा पसरा हुआ था। न रोशनी की कोई व्यवस्था थी और न ही कोई कर्मचारी मौजूद था। अंधेरे के बीच परिजनों और रिश्तेदारों ने मोबाइल फोन की रोशनी में अंतिम संस्कार की तैयारियां शुरू कीं, लेकिन यह रोशनी नाकाफी साबित हुई। मजबूरी में वाहनों की हेडलाइट जलाकर रोशनी की गई। कारों की रोशनी में किसी तरह अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। ये हाल तब हैं जब राजस्थान पत्रिका के अभियान के बाद नगर निगम आयुक्त ने हाल ही में श्मशान का निरीक्षण भी किया था और व्यवस्थाएं सुधारने के निर्देश भी दिए थे। लेकिन हुआ कुछ भी नहीं।

Arvind Chotia

15,387 просмотров • 9 месяцев назад

बयाना विधायक श्रीमती ऋतु बनावत जी के साथ नगर पालिका ईओ द्वारा किया गया व्यवहार अत्यंत निंदनीय है। भाजपा राज में अफसरशाही इतनी बेलगाम हो चुकी है कि जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधियों के सम्मान और प्रोटोकॉल की भी खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। इस घटना से सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जब अधिकारी एक निर्वाचित विधायक की बात सुनने को तैयार नहीं हैं, तो आम जनता की समस्याओं की सुनवाई किस भरोसे होगी। मुख्यमंत्री जी, यह कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि आपके शासन में बेलगाम होती अफसरशाही का एक और प्रमाण है। यह एक निर्वाचित विधायक की लोकतांत्रिक गरिमा, प्रोटोकॉल और जनता के जनादेश काअपमान है। मामले में संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जाए l Dr. Ritu Banawat CMO Rajasthan Bhajanlal Sharma

Tika Ram Jully

24,985 просмотров • 3 месяцев назад