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कोई बांग्लादेशी-पाकिस्तानी नहीं बचेगा जो जहां से आया हे वहां भेजा जाएगा दिल्ली डिप्टी सीएम प्रवेश वर्मा 🔥🔥
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मैंने कभी नहीं सोचा था कि अपने महंगे शौक को पूरा करने के लिए कोई लड़की ऐसा भी कर सकती है... दरअसल जब मैं रात घर लौट रहा था, सुनसान जगह पर सड़क किनारे एक लड़की खड़ी हुई थी... जो मेरी गाड़ी को देखते ही हाथ से इशारा करते हुए गाड़ी के सामने आ जाती है... उसे देखकर मजबूरन मुझे ब्रेक लगाने पड़ गए, गाड़ी रुकते ही वो गाड़ी के पास आई तो मैंने उसे डांटते हुए कहा कि कोई और गाड़ी नहीं मिली क्या मरने के लिए... लेकिन मेरी बात सुनने के बाद भी उसके चेहरे पर एक कामुक मुस्कान थी, और खुद को आगे एक होटल तक छोड़ने के लिए वो रिक्वेस्ट करने लगी... मुझे लगा की अगर इसे वहीं छोड़ दिया तो इसके साथ कोई दुर्घटना ना हो जाए, इसलिए उसे गाड़ी में बैठा लिया... मेरे पूछने पर उसने रास्ते में अपने बारे में बताया कि वो यहां जॉब करने आई थी, लेकिन जहां भी जॉब के लिए जाती तो वहां उसे कॉम्प्रोमाइज करने के लिए बोला जाता... फिर उसने सोचा कि जब कॉम्प्रोमाइज ही करना है तो क्यों ना देह व्यापार का ही धंधा कर लिया जाए... समय के साथ अब महंगे शौक के कारण इस धंधे से वो चाहकर भी नहीं निकल पा रही है... थोड़ा आगे चलने के बाद जब एक होटल आया, तो उसने गाड़ी रोकने के कहा, लेकिन गाड़ी से उतरने पर उसकी हरकत देखकर मैं हैरान रह गया...
Amit Tomar
180,644 Aufrufe • vor 21 Stunden
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😍 यह भविष्यवाणी करता हूँ, पचास साल में घूंघट वापस लौट आएगा। क्योंकि स्त्री-पुरुष इतनी अनाकर्षक हालत में जी न सकेंगे। वे आकर्षण फिर पैदा करना चाहेंगे। आने वाले पचास वर्षों में स्त्रियों के वस्त्र फिर बड़े होंगे, फिर उनका शरीर ढकेगा। बर्ट्रेंड रसेल ने लिखा है कि जब वह बच्चा था, तो विक्टोरियन युग समाप्त हो रहा था। और स्त्रियों के पैर का अंगूठा भी देखना मुश्किल था। घाघरा ऐसा होता था, जो जमीन छूता था। तो बर्ट्रेंड रसेल ने लिखा है कि अगर किसी स्त्री के पैर का अंगूठा भी दिख जाता था, तो चित्त में बिजली कौंध जाती थी। और उसने लिखा है कि अब कल्पना करने को भी कुछ नहीं बचा है। स्त्री पूरी दिखाई पड़ जाती है और चित्त में कोई बिजली नहीं कौंधती। नग्न स्त्री उतनी आकर्षक नहीं है, नग्न पुरुष उतना आकर्षक नहीं है। और स्त्रियां पुरुषों से ज्यादा होशियार हैं, इसलिए कोई स्त्री नग्न पुरुष में कभी उत्सुकता नहीं लेती। गहरे से गहरे प्रेम के क्षण में स्त्रियां आंख बंद कर लेती हैं कि पुरुष दिखाई ही न पड़े। स्त्रियां ज्यादा होशियार हैं, शायद इंसटिंक्टिवली वे प्रकृति के ज्यादा करीब हैं और राजों से परिचित हैं। कृष्ण कहते हैं, क्रोध से मोह पैदा होता है। क्योंकि क्रोध से बाधा पैदा होती है। जहां भी बाधा है, वहां आकर्षण खड़ा हो जाता है। अब यह बड़े मजे की बात है कि जिन लोगों ने बाधाएं खड़ी की हैं, वे ही आकर्षण के लिए जिम्मेदार हैं। ईसाइयत ने पाप को इतना आकर्षक बना दिया, क्योंकि पाप के लिए इतनी बाधाएं खड़ी कीं। धर्मों ने सेक्स को बहुत आकर्षक बना दिया, क्योंकि उसके लिए बहुत बाधाएं खड़ी कीं। आमतौर से लोग समझते हैं कि फिल्में हैं, नग्न-चित्र हैं, नग्न-अश्लील तस्वीरें हैं--ये लोगों को कामुक बना रही हैं। कृष्ण यह नहीं कह सकते कि कामुक बना रही हैं। कृष्ण कहेंगे कि यह लोगों का तो सारा मोह खराब कर देंगी। क्योंकि लोगों के लिए अनाकर्षक हो जाएगी, जो चीज परिचित हो जाती है। जिसमें बाधा नहीं है, वह अनाकर्षक हो जाती है...🌹
तृप्त ...🖤
232,420 Aufrufe • vor 2 Jahren
