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कांग्रेस ने कर्नाटक में गणपति को भी सलाखों के पीछे डाल दिया।

83,731 просмотров • 2 лет назад •via X (Twitter)

Комментарии: 10

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Surbhi2 лет назад

Tum papiyon ko bhagwan maaf nahi karenge .

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DreamerFoodie2 лет назад

अबे मूर्ख पहले ये पढ़ ले

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তন্ময় l T͞anmoy l2 лет назад

Don't spread the fake news

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Murugan 2.0🗨️2 лет назад

Bhagwan ko salakhon k peeche kon daal sakta hai mandbuddhi Patra . Jo log Ganesh murti ko samandar k kinare daal aate hain to kya wo bhagwan hote hain kya ? Bilkul nhi ! Sirf pathhar ki murti hoti hai wo. Bhagwan to kan kan me virajman hai use kisi rup ya akaar ki zarurat nhi

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Hari Ram Ranwa2 лет назад

दुखद

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Angry buddha2 лет назад

संबित तू अभी तक जिंदा है बे

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ηєнα2 лет назад

shameless congress

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Nationalist Diaries2 лет назад

Jhoot bolta hai ye pui pui expert.. sharm aani chiye aise logon ko @zoo_bear @SupriyaShrinate

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Syed Hasan Imam Zaidi2 лет назад

Inko khn dala ja rha h

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Soumit.2 лет назад

Narendra Modi jaise nikamma Pradhan Mantri desh pehli baar dekh raha hai. Dharm ki rajneeti ke ilawa inko aur kuchh nahi aata hai.

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कर्नाटक की राजनीति में सुप्रीम कोर्ट के एक फ़ैसले ने सियासी भूचाल ला दिया। दरअसल सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक विधान परिषद के नतीजों को पलटते हुए बीजेपी को सबसे बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने बीजेपी के नेता एवं विधान परिषद के उप सभापति एमके प्राणेश के चुनाव को पूरी तरह रद्द कर दिया है। उसके बाद कोर्ट ने इस सीट पर कांग्रेस की महिला उम्मीदवार एवी गायत्रा शांतगौड़े को विजेता भी घोषित कर दिया है। विवाद दरअसल 2021 में कर्नाटक के चिकमंगलूर के स्थानीय निकाय चुनाव के निर्वाचित एमएलसी चुनाव से जुड़ी हुई है। इस चुनाव में स्थानीय ग्राम पंचायतों और नगर पालिकाओं के प्रतिनिधियों ने वोट डाला था लेकिन जब नतीजे आए तो बीजेपी के एमके प्राणेश को विजेता घोषित कर दिया गया। इस चुनाव में बीजेपी मात्र 6 वोटों से जीत हासिल की थी लेकिन कांग्रेस प्रत्याशी ने नतीजे में फेरबदल की शिकायत कोर्ट में कर दी। उनकी शिकायत थी कि टाउन पंचायत के कुछ ऐसे मनोनीत सदस्यों को भी अवैध तरीके से वोट डालने दिया गया , जिन्हें क़ानूनी तौर पर उसका अधिकार ही नहीं था। इसके साथ ही कांग्रेस के कुछ सदस्यों के वोटों को जानबूझ कर रद्द किया गया ताकि बीजेपी जीत हासिल कर सके। इसी पर सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया है।

I.N.D.I.A गठबन्धन

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