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✅ कांग्रेस है तो भरोसा है

47,717 Aufrufe • vor 1 Jahr •via X (Twitter)

7 Kommentare

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PallaviCTvor 1 Jahr

✅CONग्रेस है तो हारने का भरोसा हैं

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Meenakshi gargvor 1 Jahr

हा सही बात, सोरोस को बहुत भरोसा है कांग्रेस पे

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Narad ki bolivor 1 Jahr

नारायण नारायण काँग्रेस है तो भरोसा है ये ठीक है पर काँग्रेस और जनता को इस पे भरोसा नहीं है 😂😂😂

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Satyendravor 1 Jahr

राहुल गाँधी शतक से सिर्फ 11 हार दूर!

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Meenakshi gargvor 1 Jahr

हा भरोसा तो है लेकिन आतंकवादियों और मुसलमानों को

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Vijayvor 1 Jahr

मुंबई से सटे वसई विरार और नालासोपारा में हितेंद्र ठाकुर और क्षितिज ठाकुर पिता पुत्र हैं। यहां वसई विरार नगरपालिका है, जिसमें इसकी स्थापना के बाद से ही बहुजन विकास आघाड़ी की सरकार है। इस समय बहुजन विकास आघाड़ी के 101 पार्षद हैं। कांग्रेस के 5 और भाजपा के 1 क्षेत्र में कई ग्राम पंचायत हैं, जिनमें 90% से अधिक इसी पार्टी का कब्जा है। ये वही हितेंद्र ठाकुर है जिसने चुनाव के दो दिन पहले भाजपा के महासचिव विनोद तावड़े को पकड़ा था। बीजेपी के उम्मीदवार को ठाकुर के साधारण कार्यकर्ता जमीन पर गिरा कर पीट रहे थे। अब वो जीत गया है। इस क्षेत्र में बहुजन विकास आघाड़ी का उम्मीदवार अगर प्लास्टिक की कुर्सी भी हो तो जीत जाए। ये रिजल्ट पूरे राज्य की हालत बता रहा है। आम जनता किसी को रिजल्ट हजम नहीं हो रहा है। अगर इंडिया गठबंधन बहुमत से 20 से 30 सीट भी दूर रहती तो भी इस रिजल्ट को लोग पचा लेते। इसका इलाज क्या है? पूर्ण बहिष्कार। 1972 में बंगाल में चुनावों में cpi बुरी तरह हारी थी।कांग्रेस पर धांधली का आरोप लगा। शायद 10 या 20 विधायक थे। Cpi के विधायकों ने विधानसभा में घुसते ही त्यागपत्र से दिया। सड़क पर आ गए। 5 साल विपक्ष विहीन विधानसभा रही। Cpi ने ज्योति बसु के साथ सड़कों पर लाठी खाई। आंदोलन किए। जेल गए। नतीजा, आज 1977 के बाद से कांग्रेस वहां तीसरे चौथे नंबर पर आ गई है। 2 सीट जीतने वाली बीजेपी अब देश की सत्ता अपनी मुट्ठी में रख लेते हैं, एक evm की बदौलत। कांग्रेस को देश भर में अपने सभी सांसदों,विधायकों, सरकारों, पार्षदों का इस्तीफा देकर रामलीला मैदान में बैठ कर evm हटाने का आंदोलन करना होगा। रामलीला मैदान में 50000 लोगों की भीड़ ने कांग्रेस को सत्ता से हटा दिया। किसानों के आंदोलन ने घंटेश की तपस्या में विघ्न डाल दिया। इस सरकार को हटाने और बेईमानी भरे चुनावों को खत्म करने का एक ही उपाय है, गांधी का रस्ता ही काम आएगा। पूर्ण बहिष्कार। और कोई रास्ता नहीं है। #VijayShukla

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Together We Canvor 1 Jahr

Congress kisi kaam ka nahi. Dum hai toh #BanEVM aur Jeet jao. Jo Jeeta Wahi Sikandar..... baki sab Bandar.

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कांग्रेस पार्टी कहती है कि उसे चुनाव आयोग पर भरोसा नहीं है, इनको मीडिया पर भरोसा नहीं है। सर्जिकल स्ट्राइक पर सवाल उठाकर इन्हें सेना पर भरोसा नहीं है। इन्हें एयर फोर्स पर भरोसा नहीं है, इन्होंने बालाकोट को लेकर सवाल उठाए। अभी जब ऑपरेशन सिंदूर हुआ, तो भारत के विदेश मंत्रालय पर भरोसा नहीं है। जिस समय हिंडनबर्ग का मुद्दा आया, तो इन्होंने कहा कि SEBI पर भरोसा नहीं है। इन्होंने कहा कि LIC बिक गई, लेकिन LIC ने ऑल टाइम हाई प्रॉफिट गेन किया। इन्होंने कहा कि स्टेट बैंक ऑफ इंडिया बिक गया, जबकि SBI का पिछले क्वार्टर का प्रॉफिट पूरे भारत में प्राइवेट और सरकारी बैंकों में सबसे ज्यादा है। जब कोविड वैक्सीन आई, तो इन्होंने कहा कि वैक्सीन पर भरोसा नहीं है। क्या यह कोई शक-ओ-शुब्हा है या फिर आपके अंदर कोई षड्यंत्रकारी मनोवृत्ति बैठी हुई है, जो भारत की हर चीज के बारे में संदेह पैदा करना चाहती है? वैक्सीन से लेकर इलेक्शन कमीशन तक, सेना से मीडिया तक, सेबी से एलआईसी तक आखिर आपको भरोसा किस पर है? और तो और, कांग्रेस को भारत का पक्ष रखने विदेश गये अपने सांसदों / नेताओं पर भी भरोसा नहीं है।

Dr. Sudhanshu Trivedi

35,306 Aufrufe • vor 11 Monaten

कांग्रेस को किसी की भी बात पर भरोसा ही नहीं है। ये वो लोग हैं जिनको 2016 में भरोसा ही नहीं था, कह रहे थे सर्जिकल स्ट्राइक का सबूत दो। 2019 एयर स्ट्राइक हुई तो एयरफोर्स पर इनको भरोसा नहीं था। जब कोविड वैक्सीन आई तो इनको भरोसा नहीं था, यहां तक कि जब कोविड का टीका लगने की बात आई तो कहने लगे कि सैंपल का स्टैटिस्टिकल डाटा दीजिए हमें उसपर भरोसा नहीं है। चुनाव आयोग पर इनको भरोसा नहीं था, मीडिया पर इनको भरोसा नहीं था। इनके नेता जो इनके द्वारा नामित होकर संसदीय मामलों की विदेश संबंधी समिति के अध्यक्ष हैं यदि वो विदेश संबंधी मामले में भारत का पक्ष रखने गए तो उसपर भरोसा नहीं है। अरे भाई तो भरोसा है किस पर? हकीकत में आपका खुद पर भरोसा खत्म हो गया है इसीलिए आपको किसी भी बयान को लेकर भरोसा दिलाना संभव ही नहीं है। क्योंकि सोते हुए व्यक्ति को तो जगाया जा सकता है, लेकिन जो व्यक्ति जागते हुए सोने का नाटक कर रहा हो, उसे कितना भी हिलाइए-डुलाइए, वो आंख नहीं खोलता। कहता है मुझे कुछ नहीं दिख रहा, मुझे सिर्फ अंधेरा दिख रहा है।

Dr. Sudhanshu Trivedi

28,235 Aufrufe • vor 1 Jahr