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कुछ नही लुंगा आम आदमी कि तरहा रहुंगा कंजरवाल 🥵🐷

60,960 views • 2 years ago •via X (Twitter)

9 Comments

Kumar 🇮🇳's profile picture
Kumar 🇮🇳2 years ago

केजरीवाल भ्रष्टाचार चैंपियन जनता के टैक्स का पैसा अपने ऊपर बर्बाद करने बाला दिल्ली का चोर केजरीवाल गैंग 😭😭

GeeKay☀️🌻's profile picture
GeeKay☀️🌻2 years ago

इस मादरजात ने शीला दीक्षित के AC गिनवाए थे !

Ft Amit's profile picture
Ft Amit2 years ago

ये आम आदमी को चूतिया आदमी समझता है

Bharati Khosla🇮🇳( Modi ka Parivar)'s profile picture
Bharati Khosla🇮🇳( Modi ka Parivar)2 years ago

Tana shahi yeh khud hain aur Modi ji ko kehe tey then . Jo dusaron ko kehetah hain woh khudh hi waise hota hain 🙏

Senu Chaubey(Hindu)'s profile picture
Senu Chaubey(Hindu)2 years ago

धूर्त केजरी और उनकी गैंग।।

Sunshine Letters's profile picture
Sunshine Letters1 year ago

Give your beautiful wife a gift she can cherish forever.

Bharat A Patel's profile picture
Bharat A Patel2 years ago

केजरीवाल से यह खर्च इससे वसूल करना चाहिए। उसे लात मारकर मुख्यमंत्री पदसे हटा देना अत्यंत आवश्यक और अनिवार्य है। बहुत बड़ा चोर, नौटंकीबाज, जुठ्ठा और ठग है। केजरीवाल गद्दार और देशद्रोह हमारे देश (राष्ट्र) के लिए बहुत बड़ा खतरा है।

Ravi Sharma's profile picture
Ravi Sharma2 years ago

Yeh kejriwal nhi farjiwal hai delhi ki maa bahan ek kar rkhi hai is natwarlal ne

Kusum Rana Khatri's profile picture
Kusum Rana Khatri2 years ago

बहुत मोटी रकम लेकर टिकट देता है केजरीवाल उफ घुँघरू सेठ

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रेड कार्पेट से रेड बत्ती तक छटपटाता लोकतंत्र. एक आम आदमी अक्सर जल्दबाज़ी में यह भूल जाता है कि वह “केवल एक मतदाता” है वही मतदाता, जो अपने एक वोट से किसी साधारण व्यक्ति को वीआईपी बना देता है। विडंबना यह है कि वीआईपी शब्द में इतना दंभ भर जाता है कि वही व्यक्ति समय-समय पर आम आदमी को उसकी औकात याद दिलाने लगता है। अब कहा जा रहा है कि एक आम आदमी को अपने घर या किसी ज़रूरी काम के लिए जल्दी है, लेकिन उसी दौरान उन्हीं के वोट से वीआईपी बने किसी नेता का काफिला गुजर रहा है। नतीजतन, आम आदमी छटपटा रहा है, झुंझला रहा है। आम आदमी को यह समझना चाहिए कि बड़े लोगों के पास ट्रैफिक में गंवाने के लिए समय नहीं होता। उन्हें तो अपना कीमती समय बचाकर आप लोगों के विकास में लगाना होता है। ऐसे में यदि आम आदमी अपने हित में कुछ देर का यह दर्द सहन नहीं कर सकता, तो इसमें गलती व्यवस्था की नहीं, बल्कि उसी आम आदमी की मानी जाएगी।

Dinesh Bohra

59,145 views • 6 months ago