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कितनी खूबसूरत और सोचने वाली बात कही थी टॉम आल्टर ने
4 条评论

Zaid Ali1 年前
बहुत बड़ी बात कही है.. पाकिस्तानी शायरा फहमीदा रियाज़ की एक ग़ज़ल भी है जो आज के माहौल पर सही ही लगती है "तुम तो हम जैसे ही निकले भाई " कट्टरवाद पाकिस्तान की पहचान थी हमारी कभी नहीं रही.

Democracy Ki Dawat (DKD)1 年前
ऐसे लोगों की बहुत कमी है इस देश में 🙏

नरेंद्र कुमार सिंह1 年前
भाई ज़ब लेफ्ट लोग हिन्दुओ में जाती के आधार पर अपर कस्ट को गाली देते थे क्या वो तब ठीक ज़ब जातिवाद ठीक हो सकता है तब ये सम्प्रदाय वाद भी ठीक है समाजवाद के नाम पर बिहार में कितने अपारकास्ट को मारा गया 70. और 80 के दशक में क्या वो ठीक था

kumar satpriya1 年前
Ye india mein hi possible hai because of its majority hindu population.
