Loading video...
Video Failed to Load
क्या आप यकीन करेंगे कि आज भी कुछ लोग मजबूरी में चूहा खाते हैं।
10,688 views • 7 days ago •via X (Twitter)
28 Comments

Isliye SC me categorization , subcategorization jaruri ha. Lekin tu aarakshan ki saari malai khud khana chhata ha. Ab samaj jaag gaya ha. Tere muh ke andar haath daala ke mahadalit ab apna hak nikalenge. #furry #SCcategorization

Yes because of our corrupt mindset and societal norms they are bound to eat Rats We collectively are responsible for this We made them to live like this We’re sorry we failed as a human

@BJP4Bihar आदरणीय CM साहब, ये आदमी @dromsudhaa विपक्ष के पैसों पर पलकर प्रोपेगंडा चला रहा है और झूठ फैला रहा है कि आपके राज्य के मुंगेर जिले के बरियारपुर प्रखंड (ब्लॉक) में स्थित खड़िया पिपरा गांव के बच्चे इतने गरीब हैँ कि उन्हें चूहे पकड़कर खाने पड़ रहे हैँ. ये अत्यंत दुःखद है, आपसे निवेदन है कि इस बात की जाँच की जाये और यदि ये झूठ है तो इस आदमी के ऊपर अफवाह फैलाने, झूठ बोलकर राज्य को बदनाम करने आदि के केस में मुकदमा चलाया जाये.🙏🙏

ये मुसहर जाति के लोग हैं और अभी तक अति पिछड़े हुए हैं..!जानते हैं क्यों..? क्योंकि ड्रोम सुधा जैसे लोग इनके अधिकारों पर कुंडली मार के बैठे हुए हैं सरकार से मिली सारी सुविधाएं ये "तथाकथित निलचट्टे" भकोस रहे हैं लेकिन असली वर्ग अभी भी वंचित ही है।

जब इनका सारा आरक्षण तुम लोग खाये बैठे हो तो ये बेचारे क्या खायें। जिनको प्रतिनिधित्व मिल गया उन्हें आरक्षण से बाहर करो आरक्षण रिफॉर्म करो क्रीमी लेयर लागू करो वर्गीकरण लागू करो तुम लोग बेचारे गरीब दलित आदिवासी का हिस्सा खा खा के प्रोपेगेंडा कर रहे हो

अब इनका प्रतिनिधित्व और आरक्षण तुम्हारे जैसे रईस दलित खा ले रहे हैं तो इन्हें बदहाली से मुक्ति कैसे मिलेगी। इन बच्चों और तुम्हारे बच्चों की स्टार्टिंग लाइन को बराबर करने की दलील देने वाले के पास भी तुम्हारे जितना कलेजा चाहिए।

Yes Ambedkarites are eating their share of Reservation becoming FAT RAT by taking all cream with milk and refusing to apply creamy layer in SC/ST quota. They are doomed to eat Rat for life.

जब ब्राह्मण अपने घरों से इनको मक्खन मलाई नहीं खाने देगा तो ये बेचारे चूहा ही खायेंगे, इन ब्राह्मणों के घरों में खाने में आरक्षण लागू करो, अगर ब्राह्मण के घर 3 टाइम का खाना बनेगा तो 2 टाइम इन गरीब मुसहर जाती को खाना दिया जाना चाहिए

देश का आधा बजट तो आरक्षण पर बर्बाद होता है , आरक्षण समाज में जिन जरूरतमंदों को मिलना चाहिए उनको नहीं मिलता सुधा जैसे नालायक कामचोर फ़रेबी इन गरीबों का हिस्सा खा जाते हैं

मजबूरी में चिकन मटन अंडे खाते है तो चूहे खाने में।मजबूरी कैसी? अफ्रीकी देशों में आज भी चूहे और मॉस्किटो चटनी बनाकर खाते है उन्होंने तो कभी नही कहा कि मजबूरी में खाना पड़ रहा है वे लोग तो चाव से खाते है।

🐷👈😅🤣 तुम्हारे बिरादरी के लोग शौक़िया खाते हैं bc 😅🤣दो@m M०००&@#₹ तुम्हारी जाति के अम्मा

चीन में पैसे वाले लोग चूहा सांप कीड़े मकोड़े खाते हैं!

नट मुसहर जातियां अभी भी खाती है लेकिन उनका ये अपना चॉइस है मजबूरी नहीं हा ये बात जरूर है कि बहुत पिछड़े हुए है इनका आरक्षण भी अन्य पिछड़ी जातियों डकार रहिहैं इसलिए सरकार को एकबार इन्सान के बारे में विचार करना चाहिए और इन जातियों का विकाश हो सके

भीमटा इनकी 5-10 लाख की मदद कर,बनता है बड़ा दलित चिंतक?

क्या आप यकीन करेंगे कि इन चूहा खाने वालों का आरक्षण उन्हीं के गुट वाले दलित खा ज़ाते है?

Mehnat nahi karege to gandagi hi khayenge

सच है आज भी दलित समाज हालात नरकीय है इसका जिम्मेदार खुद भी है और इसका नेता जैसे चिराग , मांझी, आज तक एक काम समाज के लिए नहीं किया, बिहार का बहुजन समाज का लड़का लॉर्ड लालू यादव को गाली देता है और बीजेपी जैसे सवर्ण पार्टी को वोट देता है जो कभी बहुजन का हितैषी रहा ही नहीं

भाजपा नेताओं के घर ये पकवान पहुंचाना चाहिए।

@dromsudhaa tu guh khaake unke jagah fir... ♥️de

मजबूरी नहीं गवार

Modi Ji Ki Guarantee Hai Yeh Kya?

Kyuki tere jaise unka Resvertion kha rhe h.. Sc ek do jati chhodkr kisi ko fayda ni phucha h abhi tk.. Kb hoga unko fayda kyuki tum unka no ni aane de rhe ho

इन बच्चों के हिस्से का आरक्षण तेरे जैसे खा गए चट्टे खा गए🤬🤬

हां, उनके हिस्से का आरक्षण तो तुम खा गए न । तो उन्हें तो वही खाना पड़ेगा ।

आपकी बातों से भरोसा कम होता जा रहा है क्योंकि आप अब बात का बतंगड़ बनाने में सिद्ध हो गए हो आपके अनुसार अंग्रेजी में PROPAGANDIST

और इन मुशहर लोगो के आरक्षण का हिस्सा तुम पासवान, पासी, चमार जाति के ही लोग 85% खा जा रहे हो,

जब तू गू खा सकता है तो वो भी पॉसिबल है

अगर कोई गू खाये तो भी उसे कौन रोक सकता है,भारत में लोकतंत्र है सब आजाद हैं
