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क्या कहेंगे….
83,048 views • 3 years ago •via X (Twitter)
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@DrSatishPoonia जी ने पिछले 35 वर्षों में संगठन के लिए लाखों किमी प्रवास किये है। प्रवासी संघनिष्ठ कार्यकर्ताओ की जीवनशैली अनुकरणीय है। वीर दुर्गादास भी घोड़े पर ही भोजन कर लेते थे।

कहना यही है जो पीछे बैठे हैं उनको भी खाना खिला दो उनके भी मुंह में पानी आ रहा है खाना देख कर पूनिया जी अकेले-अकेले ही खा रहे 🤤🤤🤤☺️☺️🤤

देश का हर नागरिक भोजन करता है लेकिन वीडियो सोशल मीडिया पर नहीं डालता है।

चरैवेति-चरैवेति, यही तो मंत्र है अपना । नहीं रुकना, नहीं थकना, सतत चलना सतत चलना । यही तो मंत्र है अपना, शुभंकर मंत्र है अपना ॥

फ़िलहाल मैं कुछ कहने के मूड में नहीं

सब नाटक बाजी है।

बाबा किरोड़ी को कॉपी कर रहे पार्टी ने मौका दिया तब तो गहलोत की बी टीम बने हुए थे पेपर लीक जैसे मसले पर कोई आंदोलन कोई अनशन नही किया । न किसी करने वाले का साथ दिया । अयोग्य आदमी है ये कभी सफल नेता नही बन सकते।

ये वीर दुर्गादास राठौड़ जी की तस्वीर है जो मुगलों से संघर्ष करते थे और समय के अभाव में घोड़े पर ही खाना खाते थे और शायद @DrSatishPoonia भी वहीं संघर्ष कर रहे हैं....

रुकना नहीं थकना नहीं

श्रीमान जी बाकी जो पीछे तीन लोग बैठे हैं उनके लिए खाने का क्या इंतजाम किया यह भी जरा बताना चाहिए था

एक कुशल नेतृत्व कर्ता कर्मठ संघर्षशील धीर गंभीर व्यक्ति को बीजेपी की आंतरिक कमजोरी ने हताश कर दिया अगर इनके नेतृत्व में भाजपा चुनाव लड़ती तो 150+ पार करती!!

हां हम मानते हैं कि सतीश पूनिया साहब अपनी पार्टी के लिए बहुत मेहनत कर रहे हैं पर यह बस एक दिखावा है

Publicity के लिए कुछ भी करेगा साला

कुछ नहीं कहेंगे, पुरा नाटक को देखेगे

Rajasthan ki roads achhi hain...😃

अकेले अकेले ही

यही की राजस्थान सरकार ने इतनी अच्छी सड़क बनवा रखी है कि कटोरी भी नहीं हिल रही।

नेताओं को दिखावा ज्यादा पसंद है वैसे नेताजी बिना सीट बेल्ट लगाए बैठे है , पुलिस चालान काटेगी या ....🤔

Drama 🎭

जाट को दही का भरा प्याला मिल गया... अब क्या ही कहना...👍 @DrSatishPoonia

समय की कमी की नजाकत को समझो🤣🤣🤣🤣🤣🤣🤣

क्या शानदार सड़के बनवा दी गहलोत जी ने चलती गाड़ी में भी कटोरी से कढ़ी तक नहीं गिर रही 🤔

और कुछ पीछे वाले बेचारे भूखे देख रहे है की अकेला ही गटकता जा रहा लब लब मनुहार तो कर दे भाई । और इतनी शानदार गाड़ी में तो बड़े लोग ही खाना खा सकते हमारे तो बैठने का सपना पूरा नहीं हुआ।

यह सब दिखावा है गाड़ी में कोई थाली और कटोरी लेकर चलता है क्या

अकेले खा रहें है, राजस्थान की तो यह पंरपरा नहीं है।

kisi din po**y ke sath na dal de photo ☺☺☺

Kya hi kahe

दिखवाट का पन इनमें कार्यकर्ता के बीच समन्वय ही नही ह

Nice

हम क्या कहे 🙆

नाटक आप बैठकर भी भोजन कर सकतें हैं, दिखने का क्या काम,

नेताजी ऐसे ही होने चाहिए कि अकेले ही खा जाएं ! पीछे भी कोई बैठे हैं ?

Bhuk lgi h to khana hi khayenge Jo sb khate h vohi ye Q Natk kro

ड्रामेबाजी
