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क्या मेरी आँखों में तुम्हें डर दिखाई देता है - रामजीलाल सुमन
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Комментарии: 23

दलित वोट लेने का मास्टरस्ट्रोक

- Come Around

धारदार सवाल पे, जवाब उससे भी धारदार 🔥

साफ साफ दिखाई देता है। बस एक बार अगल बगल से सुरक्षा बल हट जाए तो।😂

इनके तो नहीं

डर के आगे जीत है जय समाजवाद

डर नहीं लग रहा है तो, सुरक्षा क्यों मांग रहा है....??🙄 #बाबरवंशी

इलाहाबाद कोर्ट में सुरक्षा तो पिछवाड़े का डर दूर करने के लिए मांग रहा था - गद्दार यदमुल्ला सुमन

सुमन जी का बकत्ब्य उचित प्रतीत हो रहा है 🙏🙏जय समाजवाद

डर के आगे जीत ह

क्या बात है सुमन जी!!!👏👏👏👏

वक्त सबका हिसाब करता है इस हरामी लाल का भी करेगा... बस उस वक्त रोना मत।

बस ऐसे ही अहंकार इंसान को जल्दी पतन में ले जाता है, वीरों का अपमान करने वालों को चाहे हिन्दू हो या मुस्लिम सबक जरूर सिखायेगा

वाह अनिल जी जहां ख़बर वहां आप

यह तो दिलेर आदमी निकले समाजवादी किसी से डरते नहीं है

मुगलों ने लूटा क्षत्रियों ने उनसे लड़ाई लड़ी तो तुम भीमटे और यादमुल्ले कहां थे उस टाइम चोंचन में

Humto bas sun rahe the talaffuz shandar h sansad g ka....

डरना भी नहीं चाहिए, सच कभी नहीं डरता है।

आपके शब्दों में जो तेवर है, वो किसी मजबूत इरादों वाले सेनानी के हैं। "क्या मेरी आँखों में तुम्हें डर दिखाई देता है?" – रामजीलाल सुमन जी का ये कथन न केवल विरोधियों को चुनौती है, बल्कि यह उन सभी दलित, वंचित और उत्पीड़ित आवाज़ों की दृढ़ता का प्रतीक है, जो अन्याय के सामने झुकने को तैयार नहीं।

भाई सुमन जी ने धागा खोल दिया है नकली सेना का।।

डर आगे से नहीं पिछले हिस्से में लग रही है

बस रोने की देर है

आँखों मे तो किसी के भी नही दिखाई देता पर अंदर का कोई नही जानता

