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कोर्ट में भाषा के नाम पर हो रही तानाशाही
303,874 görüntüleme • 2 yıl önce •via X (Twitter)
10 Yorum

यही हो रहा है आजकल ,शिक्षा में मातृभाषा का स्थान कम होता जा रहा है सभी शायद भूल गए है की हमारे देश में ENGLISH IS JUST A SECOND LANGUAGE 👍

कटु सत्य है लेकिन जरुरी है। रिगार्ड्स

इसका एक ही समाधान है, हिंदी राष्ट्रभाषा बने🙏

100% कटु सत्य। खाली कोर्ट में ही नहीं हर जगह तानाशाही का ही माहोल है। मेरा साथ 9अक्टूबर का एक प्रकरण है, जिसमें पीड़ित में हुआ और दूसरी तरफ 13 अक्टूबर को दूसरे पक्ष से कंप्लेंट लिखवाई जाती है और 8तारीख में डेट से झूठी FIR करा दी जाती है। ऐसा क्यों हुआ सिर्फ एक पोर्टल से पता चला

कटु सत्य है हिंदी हमारी मात्र भाषा है, इसका उपयोग देश के प्रत्येक कार्यालय व संस्थान में अनिवार्य होना चाहिए।

@vandanakalra554 सही है कितने गरीब अपना पक्ष रख ही नही पाते, फुरसत किसे है गरीबों की सुनने को?

ମୁଁ ପୂର୍ଣ୍ଣ ସମର୍ଥନ ଜଣାଉଛି ଆପଣ ଙ୍କ ଚିନ୍ତାଧାରା ରେ

Belkul Sahi Hain Sir ....100%...

संविधान जब लीखा गया तब कितने % लोगो का अग्रेजी आती होगी संविधान तो हिंदी मे लिखणा चाहिए था

Sahi kaha hai gunegahar ko samje too ki saja mili hai kya mere sath kya nirnaya liya hai
