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करोड़ों रुपये की जमीन खरीद के आरोपों के बाद भी यदि मुख्यमंत्री Dr Mohan Yadav मौन हैं, तो इसका स्पष्ट मतलब है कि सारे आरोप सच हैं। मोहन यादव को मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने का कोई हक नहीं है। उन्हें तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

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#WATCH लखनऊ: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार पर ज़मीन से जुड़े आरोप पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा, "मोहन यादव को बदनाम करने के लिए भाजपा ने साजिश की है। अगर मोहन यादव पर ये आरोप है तो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तो 300-600 एकड़ जमीन ली है। ये कोई नई बात नहीं है। वे पहले रियल स्टेट का काम करते थे। क्या भाजपा ये नहीं जानती? ये आरोप इसलिए लग रहा है कि भाजपा रास्ता ढूंढ रही है कि 3 मुख्यमंत्री कैसे बदलें। वे मुख्यमंत्री बदलना चाहते हैं इसलिए आरोप लगवा रहे हैं... इन्हें मध्य-प्रदेश, राजस्थान के मुख्यमंत्री को हटाना है। इन दो को इसलिए हटा रहे हैं कि उन्हें उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को हटाना है। ये हटाने की साजिश चल रही है...उत्तर प्रदेश की जनता जानती है कि इस बार साइकिल इतनी तेज चलेगी कि अपने आप मुख्यमंत्री हट जाएंगे।"

ANI_HindiNews

268,774 次观看 • 3 个月前

उज्जैन में 500 करोड़ रुपये की जमीन एक ट्रस्ट को 1 रुपए में दे दी गई। उसके ट्रस्टी श्री राम जी नाम के व्यक्ति हैं, जो मोहन यादव के सांस्कृतिक सलाहकार हैं। हमारे सवाल: • आखिर 500 करोड़ रुपये की जमीन 1 रुपये में क्यों दी गई? • यदि इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट झूठी है, तो FIR क्यों नहीं हुई? • BJP के प्रदेश अध्यक्ष से सवाल जमीन पर पूछा गया, तो जवाब जाति पर दिया गया। क्या यही इनकी सोच है? • मुख्यमंत्री बनने के बाद, मोहन यादव के परिवार द्वारा तेजी से जो जमीन खरीदी गई, उसके लिए पैसे कहां से आए? • क्या मुख्यमंत्री के परिवार द्वारा खरीदी गई जमीनों का पूरा विवरण जनता के सामने नहीं आना चाहिए? : मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitendra (Jitu) Patwari जी 📍 दिल्ली

Congress

208,762 次观看 • 3 个月前

अरविंद केजरीवाल जी, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान जी से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद भी उन्हें कुर्सी से क्यों नहीं हटाया गया? अकाल तख्त साहिब का निर्णय आने और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट मिलने के बाद भी कार्रवाई न करना अपराधियों का साथ देना है। यह धर्म और मर्यादा के पूरी तरह खिलाफ है। आखिर आपकी ऐसी क्या मजबूरी या कमजोरी है कि आप उन्हें हटा नहीं पा रहे हैं? जिस व्यक्ति के माथे पर इतना बड़ा कलंक लगा हो, वह पंजाब का मुख्यमंत्री रहने के लायक नहीं है। भगवंत मान जी को खुद आगे आकर तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। पंजाब की कमान किसी ऐसे व्यक्ति के हाथ में हो जो समाज और धर्म की मर्यादा का पालन करता हो।

Kapil Mishra

31,989 次观看 • 3 个月前

सवाल: मुख्यमंत्री जी की चौपाल के संबंध में आपका क्या कहना है? जवाब: मैंने पहले भी कहा है कि असली 'चौपाल' का मतलब होता है कि पहले गाँव में बाकायदा सूचना दी जाए कि आज इतने बजे मुख्यमंत्री जी की चौपाल होने वाली है। गाँव के सभी लोग, जिनकी परेशानियाँ हैं, तकलीफ़ें हैं, समस्याएँ हैं, वे सब वहाँ खुलकर आएँ। कोई ज्ञापन दे रहा हो, कोई अपनी बात बता रहा हो और मुख्यमंत्री वहीं अधिकारियों को समाधान के निर्देश दे रहे हों; इसे कहते हैं असली चौपाल। लेकिन वहाँ तो चुनिंदा (Selected) लोगों को बुलाया जा रहा है, जो न तो कोई सवाल पूछ सकते हैं, न कोई ज्ञापन दे सकते हैं, न अपनी समस्याओं पर चर्चा कर सकते हैं और न ही कोई ज़मीनी फीडबैक दे सकते हैं। असली चौपाल का मकसद ही यह होता है कि गाँव के लोग सरकार और नीतियों के बारे में क्या सोचते हैं, उनकी क्या समस्याएँ हैं और उन्हें कैसे दूर किया जा सकता है, इसका पता चले। अगर मुख्यमंत्री के पास सीधे जनता से ऐसा फीडबैक आता है, तभी प्रदेश और गाँव का भला हो सकता है। ग्रामीण जनता को यह भरोसा होना चाहिए कि 'हमने मुख्यमंत्री से बात की, उन्होंने तुरंत आदेश दिया और हमारा काम हो गया।' आज धरातल पर वैसी चौपालें नहीं हो रही हैं, यही मेरी मुख्य शिकायत है।

Ashok Gehlot

33,503 次观看 • 3 个月前

उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में एक दलित समाज के व्यक्ति की जमीन पर दबंगों ने कब्जा कर लिया। वे अपनी जमीन वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे थे। लेकिन दबंगों ने उन्हें बहुत अपमानित किया, उनके साथ मार-पिटाई की और जूते में पेशाब पिलाया। उत्तर प्रदेश में आए दिन दलितों, आदिवासियों, महिलाओं को प्रताड़ित किया जा रहा है, उन्हें अपमानित किया जा रहा है। प्रदेश की कानून व्यवस्था ठप हो चुकी है। ऐसे में बहुत बड़ा सवाल है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कर क्या रहे हैं, उन्हें मुख्यमंत्री पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। आपको इन घटनाओं की जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। : AICC-SC विभाग के चेयरमैन (समण) Rajendra Pal Gautam जी

Congress

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