Загрузка видео...

Не удалось загрузить видео

На главную

‘कर्तव्यपथ’ पर सदैव अडिग…

1,070,840 просмотров • 3 лет назад •via X (Twitter)

Комментарии: 10

Фото профиля Sumit 🏹
Sumit 🏹3 лет назад

रेलवे मिनिस्टर अगर हरी झंडी दिखा देते तो ट्रेन स्टार्ट ही नही होता.... है न गोबर पात्रा???

Фото профиля Hemendra Malviya 🇮🇳 INC
Hemendra Malviya 🇮🇳 INC3 лет назад

तो फिर कैमरा लेकर माँ के साथ फोटो खिंचवाना, माँ को नोटबन्दी की लाईन में लगाना नोटंकी थी? सनातन धर्म की दुहाई देने वालो हीरा बा कि पंचतत्व की राख भी ठंडी नही हुई। क्या देश मे रेल मंत्री नही है?

Фото профиля Aryan
Aryan3 лет назад

ये सरकार की लाचारी की पराकाष्ठा है! सरकार में रेलमंत्री इस योग्य भी नहीं कि नई ट्रेन को झंडी दिखा सके। उद्घाटन करने लायक़ भी नहीं। मातृशोक में डूबे प्रधानमंत्री को यदि ऐसे रूटीन काम ही करके कर्मयोगी कहलाना पड़े तो मंत्री की ज़रूरत क्या है? क्या रेलमंत्री ‘कर्तव्यपथ’ पर नहीं हैं?

Фото профиля Vijay Pal Singh Tariyal🇮🇳
Vijay Pal Singh Tariyal🇮🇳3 лет назад

पात्रा जी कहने को बहुत कुछ है मगर आपको यह ट्वीट नहीं करना चाहिए मां और पुत्र की मर्यादा होती है प्रधानमंत्री की भी गरिमा होती है उसका सम्मान होना चाहिए|

Фото профиля sachin masih
sachin masih3 лет назад

ये कर्तव्य नहीं है लालच है । आपकी माता का निधन हुआ है आप उनके लिये अगर एक दिन नहीं निकाल सकते वो भी तब जब आपके काम कोई और भी कर सकता है तो ऐसा काम किसी काम का नहीं है aur ना ऐसी सफलता ।

Фото профиля Vishal Sharma
Vishal Sharma3 лет назад

You should be ashamed of yourself, marketing the death of Mother. These emotions are personal and not to be shown off. But you won't understand. Deep condolences to the PM for the loss

Фото профиля ANIL SRIVASTAVA
ANIL SRIVASTAVA3 лет назад

इस असीम दुख की घड़ी में भी आत्मप्रचार की भूख मरी नही । ट्रेन का उदघाटन तो रेलमंत्री, राज्यपाल, रेलवे बोर्ड का चेयरमैन वँहा के डीआरएम कोई भी कर सकता था।

Фото профиля Sunil Sharma
Sunil Sharma3 лет назад

सनातन में अंतिम संस्कार की प्रक्रिया क्या है?? बाप को बड़ा बेटा और माँ को छोटा बेटा मुखाग्नि देता है। मुखाग्नि से पहले और बाद में स्नान किया जाता है। मुखाग्नि देने वाले को हजामत जरूरी है। मुखाग्नि देने के समय रोजमर्रा के कपड़े नहीं पहनते हैं। क्या मोदी जी ये सब क्या था?

Фото профиля Avishek Goyal
Avishek Goyal3 лет назад

अपनी जननी माँ की मृत्यु के दिन भी इसने शोक मनाने के बजाय इवेंट करना ही उचित समझा। क्या ऐसे समय में रेल मंत्री झंडा दिखा कर ट्रेन रवाना नहीं कर सकते थे??ऐसा तो नहीं है ना की प्रधान मंत्री झंडा दिखाएगा तभी ट्रेन का इंजन स्टार्ट होगा ??🤦🏻‍♂️🤦🏻‍♂️

Фото профиля S.Shaurya
S.Shaurya3 лет назад

माता जी की मौत पर तो राजनीति न कर कुपात्रा, कितना गलीच इंसान है तू।

Похожие видео