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कल एक एक वोट मोदी के ख़िलाफ़ संविधान बचाने के लिए डालना है : RT करें
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9 Kommentare

चल बे गैंडे

गोली बेटा छत पे मस्ती नहीं😡

मत सुने जो पैसे लेकर बोलता है। ये इनकी सच्चाई है

थोड़ा सा और पानी में नीचे उतर कर पोस्ट कर चिरकुट। तेरा वोट का एक-एक बटन दिख रहा है बेटा गौतम! 👇😎

संविधान तो congrs ने कई बार बदला था तब कहा थे तुम चैन से सोना है तो जाग जाओ, वोट डालकर अपना भविष्य बचाओ #LokSabhaElection2024

तुम लोग लगे रहो परिवार बचाने में.. हम तो चले हैं देश बचाने ... #फिर_एक_बार_मोदी_सरकार

Koi bhi gadhe ka sunta hai kya ?

आज एक वोट सविंधान में कुछ बदलाव के लिये, कांग्रेस मुक्त भारत के लिये

कल हम सभी ने भगवान राम की मुर्ति के ललाट पर वैज्ञानिकों की मदद लेकर अप्राकृतिक तौर से डाली गयी सूर्य किरणों के स्पर्श को देखा, जिसे देखकर मोदी जी अभिभूत हो गये.. वैसे एक दिन पहले जब परीक्षण के तौर पर इसी मंदिर मे सूर्य किरणों का स्पर्श हुआ तब मोदी जी अभिभूत नही हुए.. दरअसल रामनवमी वाले दिन उन्हें अभिभूत होना ठीक लगा क्योकि उन्हें लोगों से वोट जो लेना है 😁 खैर जब विज्ञान ईश्वर के किसी वजूद की पुष्टि नही करता तो क्या इस तरह अप्राकृतिक तौर पर सूर्य किरणों का स्पर्श ठीक है ? क्या इससे मुर्ति की पवित्रता को बनाये रख पायेंगे ? क्या इस अप्राकृतिक तरीके से मुर्ति खंडित नही होगी ? राम मंदिर ट्रस्ट और मंदिर के पुजारियों का समझ आता है कि वे मोदी योगी के आगे बेबस होंगे, लेकिन हैरानी की बात ये है कि इस घटनाक्रम पर बुद्धिजीवी वर्ग अभी तक चुप्पी साध के बैठा है.. शायद अब हमारे आराध्य राम श्रद्धा और पूजा के नही, वोट बैंक की राजनीति के प्रतीक बनकर रह गये है, राम के नाम पर भरपूर नफरत की राजनीति की जायेगी और वोट मांगे जायेंगे.. 😕 वैसे भारत मे सिर्फ एक नीलकंठेश्वर ही ऐसा मंदिर है जहाँ प्राकृतिक सूर्य किरणें सबसे पहले शिवलिंग को स्पर्श करती है.. एक बार जाकर इस प्राकृतिक दृश्य को अवश्य देखिये, आप सचमुच अभिभूत हो जायेंगे..

