Loading video...
Video Failed to Load
कवि की सोच। कवि का परिवार।
12 Comments

कवि बोलकर क्यों कवियों की बेज़्ज़ती कर रहे हो ये ढोंगी है

सही बात है सर वैसे कुछ भी ओरिजनल बचा नहीं है अब ढोंग ही कर रहा 🙏 स्टेज़ 56 का पागलपन भी है 😂

Fake poet ki beti... sanskaari

pehle lagta thaa kisi k bacho ko le kar kuch nai bolna chahiye par is aadmi ko sabk seekhane k liye is k pariwar ko bolna hi chahiye ab.

👍

#KumarVishwas आप को ऐसा नहीं बोलना चाहिए था। जब खुद के घर शीशे के हो तो दुसरों के घर पर पत्थर नहीं मारा करतें।

ये छिपा हुआ चाचा है जिससे अपना घर नहीं दिखता दूसरों की माँ बेटी बहन दिखती बस|सही किया केजरीवाल जी ने निक|ल दिया

ये ठरकी अपनी बेटी को भी छेड़ देता होगा

this song feels like a journey

दुआँ करता हूँ इसको भी मुस्लिम दामाद मिले!

कवि जी के पास कविता बची नहीं है अब पेट का सवाल है तो कुछ भी बोल देते हैं

Tm ik side rho bhai galat bat h
