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काश ये पल किसी के जिंदगी में ना आए..

199,056 görüntüleme • 7 ay önce •via X (Twitter)

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"बिहार में मेरे पिताजी की मृत्यु हो चुकी है और मैं अभी ट्रेन में हूँ" ~ एक बिहारी जब भी डिबेट्स में जेडीयू, भाजपा या किसी और सत्ताधारी दल के प्रवक्ता कहते हैं “बिहार में reverse migration हो रहा है, तकलीफ़ होती है। जब तक माइग्रेशन को स्वीकारेंगे ही नहीं ,20 सालों में जो बिहार की दशा हुई है उसको सुधारेंगे कैसे? सोचिए, किसी के पिता की या किसी करीबी की मृत्यु हो गई और वह अंतिम बार देख उन्हें देख तक ना पायें!इंसान को अपने अंतिम सांस तक वो पीड़ा रहती है। काश बिहार में परिवर्तन होता और अपने ही राज्य में काम के तरीके और रोटी रोज़गार का साधन विकसित होता। काश किसी को अपने माता पिता को छोड़ कर जाना ना होता। काश कोई बच्चा अपने माँ बाप से अलग नहीं होता । काश युवा अपने ही राज्य में पढ़ते और काम करते । काश कोई पत्नी अपने पति के इंतज़ार में असहाय महसूस ना करती! काश!

Priyanka Bharti

36,433 görüntüleme • 6 ay önce

आशिकों के दिल मे एक आखिरी मलाल ताउम्र रह जाता है कि काश उस रोज आखिरी मुलाकात मे कुछ पल और उनके साथ गूजर गए होते काश की ये वक़्त आज ठहर जाता समय की गति रुक जाती काश ये पल कभी खत्म ना हो इन आखिरी पलों को वो अपने दिल मे कैद कर लेना चाहते है वो जानते है आखिर मुलाकात का दर्द उन्हें पता होता है ये पल जीवन मे आखिरी बार मिला है इसके बाद तो ना महबूब होगी ना उसका साथ होगा ना उसकी बातें होगी ना उसका चेहरा होगा ना उसके बाँहों का आलिंगन होगा ना उसका कंधा होगा जिस पर सर रख कर सके और अंततः ये वक़्त नहीं रुकता वो उस रोज जल्दी गुजर जाता है और अपने साथ एक ताउम्र का मलाल और ना जाने अपने साथ कितने काश छोड़ जाता "कि काश उस रोज वक़्त ठहर जाता सुबह ना होती शाम ना होती काश हम एक दूसरे से उस दिन अलग ही नहीं हुए होते ..❤️🌼

रद्दी डायरी

526,031 görüntüleme • 1 yıl önce