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किस्मत होगी तो खुद चलकर Chu*दने आएगी। 👍🤩

22,904 просмотров • 7 месяцев назад •via X (Twitter)

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राजनीतिक और मानसिक स्थिति की गिरावट देखिए — अमित शाह दिल्ली से आते हैं तो मुख्यमंत्री आवास नहीं जाते बल्कि मुख्यमंत्री खुद चलकर होटल जाते हैं शीश नवाने! Once upon a time there was Nitish Kumar,who has his own stand. Now where is Nitish Kumar? जिसे 2014 से 2017 और कुछ महीने पहले तक तड़ीपार कहा उसी के सामने शीश नवाने पहुंच गए! जिसने बिहार के DNA को गाली दिया उसी के सामने मात्र चंद सीटों की सिफारिश के लिए शीश नवा लिया! आज पूरा बिहार शर्मिंदा है, की जिसे हमने अपने बाल और नाखुन भेजे थे DNA का प्रमाण के लिए , उसी के सामने हमारा मुख्यमंत्री दाँप निपोड़कर हाथ जोड़े झुक गया! काश! इतनी गिरावट महंगाई में होती तो बिहार संवर गया होता!

Shakti Singh Yadav

71,255 просмотров • 10 месяцев назад

क्या मुसलमानों के नरसंहार का आह्वान अब सामान्य बात हो गयी है? मध्य प्रदेश के इंदौर में कथित तौर पर खुद को हिन्दू धर्म का ठेकेदार बताने वाले चरमपंथियों ने खुलेआम मुसलमानों के खिलाफ हिंसा का आह्वान किया है। "अब हिंदू समाज बहुत अलग मूड में है। बहुत बड़े बड़े पत्थर बरसेंगे। अपनी शैली में जवाब देंगे। अभी हमने प्रशासन को एक घंटे का समय दिया है यदि एक घंटे में हमारे तरीके से करवाई होगी तो ठीक है वरना हिंदू समाज प्रतिकार करना जानता है अपने तरीके से।" हैरानी की बात तो ये है कि जिस प्रशासन को ऐसे अराजक तत्वों पर करवाई करनी चाहिए उल्टा उसी तथाकथित निष्पक्ष प्रशासन को ये गुंडे धमकी देते हुए एक घंटे का समय दे रहे है। इन जॉम्बी रूपी गुंडों की भाषा देखिये कि बोल रहे है कि प्रशासन मुसलमानों के खिलाफ हमारी मर्जी अर्थात बुलडोज़र और एनकाउंटर वाली करवाई करे वरना हम खुद हिंसा करेंगे। बाकि रही बात पथराव और थूकने वाली थ्योरी की बात तो ऐसी कहानियां पहले भी राइट विंग ने बहुत बनाई है मगर इसी मध्य प्रदेश में उज्जैन में जिन तीन मुस्लिम युवकों के घरों को इल्जाम लगने से ही बुलडोज़र से ध्वस्त कर दिया गया था वो 5 महीने बाद कोर्ट से बा इज्ज़त बरी हो गए थे। दक्षिणपंथ का पूरा किला ही झूठ और अफवाह अपर टिका हुआ है जिसमें मुसलमानों को विलेन बनाये बिना सफलता हासिल करना नामुमकिन है।

Ansar Imran SR

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क्लासरूम में दो-दो इम्तिहान दे रही है ये बहन एक तरफ ब्लैकबोर्ड पर सवाल दूसरी तरफ गोद में 7 महीने का भाई। मां चली गई। पिता मजबूर हैं। घर में कोई नहीं जो भाई को संभाल ले। तो ये बेटी क्या करे। पढ़ाई छोड़ दे क्या नहीं भाई को ही स्कूल ले आई। सोचो जरा जिस उम्र में हम टिफिन भूल जाते थे, ये अपनी कॉपी के साथ भाई का दूध भी याद रखती है। जिस उम्र में हमारा ध्यान सिर्फ खेल में होता था, इसका ध्यान हर 2 मिनट में भाई पर जाता है कहीं रो तो नहीं रहा। ये स्कूल बैग नहीं उठा रही ये जिम्मेदारियों का पहाड़ उठा रही है। ये छात्र नहीं ये हालात की मारी एक "छोटी मां" है। हम छोटी-छोटी बातों पर किस्मत को कोसते हैं। इस बच्ची को देखो आंख में आंसू नहीं, हिम्मत है। शिकायत नहीं, फर्ज है। इस बेटी को सलाम 🙏 मां के जाने के बाद घर नहीं टूटने दिया। खुद टूट गई, पर भाई को बिखरने नहीं दिया। अगर ये वीडियो देखकर आपकी आंख नम हो गई तो शेयर जरूर करना। क्योंकि दुनिया को ऐसी "बड़ी बहनों की कहानी पता चलनी चाहिए। बचपन छूट गया, पर बहन ने भाई का हाथ नहीं छोड़ा।❤️

Majid Khan

15,767 просмотров • 1 месяц назад

नशे में होश खोया… और सड़क बन गई स्टेज। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बीच सड़क उस वक्त हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला जब एक युवती ने शराब के नशे में जमकर हंगामा कर दिया। रात को राजीव गांधी चौक पर पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। तभी स्कूटी से आ रही युवती पुलिस को देखकर भागने लगी, लेकिन कुछ दूर जाकर संतुलन बिगड़ने से गिर पड़ी। पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो वह बहस पर उतर आई। इतना ही नहीं, उसने पुलिसकर्मी का हाथ पकड़कर खुद ही थाने ले चलने की बात कह दी। यहां तक कि उसने कहा ज्यादा से ज्यादा फांसी होगी, और क्या होगा? इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है।

KUMAR RANJAN

19,827 просмотров • 3 месяцев назад

#मेरठ #उत्तरप्रदेश वीडियो गंगानगर मेरठ के होटल सैफरॉन का है, जहां पुलिस की छापेमारी में ये सारी लड़कियां पकड़ी जाती हैं, सबके साथ स्कूली बैग है, मुमकिन है कि ये घर से स्कूल के बहाने सीधे होटल गईं हों, इसमें एक हिजाबी मोहतरमा भी हैं, सोचिए अगर इन्हें कोई कुछ बोल दे तो इनके मां बाप फौरन उसके खिलाफ पुलिस केस करने पहुंच जाते हैं, आजकल मां बाप खुद अपनी बच्चियों को इस रास्ते पर जाने केलिए खामोश इजाज़त देते हैं, क्यूंकि रोकटोक न करना, सही गलत की तालीम न देना किसी के बताने और फिर इनके कारनामें सुनने के बाद उसकी तहकीक न करना सीधा साहबजादी को क्लीनचिट देकर सामने वाले को ही बुरा बना देना ही खामोश हिमायत है, आज स्कूल कॉलेज के नाम पर निकलने वाली लड़कियां होटल के कमरों में जाकर एंजॉय कर रही हैं मां बाप को लगता है कि लाडली पढ़ लिखकर कामयाब होकर वापस आएगी, और इधर इनकी एक्स्ट्रा क्लास चालू रहती है, किसी भी शहर के किसी भी होटल में आप जाकर देख लें सारे कमरे फुल रहते हैं, और हर होटल में मुस्लिम लड़कियां ज़रूर मिलेंगी, क्या हम वाकई अपने घरों में बच्चियों पर ध्यान देते हैं ? अगर हां तो फिर ये किस घर की लड़कियां हैं ?

AmjadASR 🌍

97,017 просмотров • 11 месяцев назад