正在加载视频...

视频加载失败

कहाँ है जातिवाद? अब तो सभी एक खटिया पर बैठते हैं एक थाली में खाते हैं जातिवाद तो ख़त्म हो चुका है. लेकिन इस बात में कितनी सच्चाई है? देखिए BBC की इस रिपोर्ट को-

353,298 次观看 • 2 年前 •via X (Twitter)

10 条评论

अवनीश 的头像
अवनीश2 年前

लठैतवाद अभी भी जिन्दा है।

Ashish yadav 的头像
Ashish yadav2 年前

भारत में यह कोढ़ जल्दी खत्म नहीं होने वाला है! भारत की सामाजिक स्थिति बहुत गंभीर हो चुकी है और जब तक जाति जनगणना और आर्थिक गणना करके लोगों को मुख्य धारा से नहीं जोड़ा जाएगा तबतक इस स्थिति का कोई उपाय नहीं है! लोगों से शिक्षा इसीलिए तो छीनी जा रहीं हैं कि वे जागरूक ना होने पाए

vijay shankar ,Modi Parivar 的头像
vijay shankar ,Modi Parivar2 年前

बीबीसी ने अंग्रेजों के शासन व्यवस्था का गुणगान किया है । उसे महान बताया है । महात्मा गांधी को ट्रेन से धकेल दिया गया था , क्योकि वह काले थे । इण्डियन ब्लैक । भारत में बड़े होटल , क्लब में कोई भी भारतीय नहीं जा सकता था । वहाँ पर लिखा होता था , इण्डियन एंड डॉग नोट अलाउड । उस दौर में मुलायम सिंह यादव होते तो उनको भी धकेल देता अंग्रेज । थोड़े समझता कि वे और उनका बेटा अखिलेश कभी भारत के एक राज्य में सीएम बनेगा ।

Diwakar Pandey 的头像
Diwakar Pandey2 年前

सही कह रहे है ये लोग गांव में आज भी यादव लोग दलितों से इतना नफरत करते है और उनका छोटा जमीन का टुकड़ा कब्जा लेते है और तो और घोड़ी पर भी चढ़ने से रोकते है और उनके बारात पर पथराव करते है | भारत को यादववाद से खतरा है

Ajaykumar Mishra 的头像
Ajaykumar Mishra2 年前

मुगलों का राज था। मुग़लों का संस्कार था। गुलामी के दौर में सब अपने आपको बादशाह समझता था।। सब अपने आपको बचाने के लिए भेष बदलते गया और पाखंड करते गया। बस गरीब अपने आपको बचाने के लिए गुलामी कबुल करता ही गया।। प्रकृति के नियम बहुत विचित्र हैं। विवेकहीन देखता केवल चित्र हैं।। शैतानों के माहौल में सब इंसान शैतान बनते हैं। फरिश्तों के आते ही, हर शैतान फिर इंसान बनते हैं।। देश आजाद हुआ, लेकिन विवेकहीन के हाथ हुआ। तभी तो कुरीतियों को और दूरियाँ मिटाने में असफल हुआ।। जातिवादी तो मुग़लों और अंग्रेजों की देन हैं! हिंदुस्तानियों की संस्कृति तो केवल प्रेम हैं।।

Ⓢ.Ⓟ 的头像
Ⓢ.Ⓟ2 年前

यहां है भारत में!🤷

कलुआ क्रांतिकारी 的头像
कलुआ क्रांतिकारी2 年前

yahan pr wo vishwa hindu parishan ..rss ..hindu yuva vahini wale nhi dikhenge ..kyuki unke liye hindu mtlb brahmin thakur hai bss .. yahan wo "saare hindu ek hain" wale marr gye ab

Galaxy 的头像
Galaxy2 年前

आप जाति वाद खत्म करना नहीं चाहते, जब सुप्रीम कोर्ट ने SC St me क्रीमी लेयर श्रेणी लागू करने की बात कही तो समस्या क्यों हुई की समाज के सीमित लोग ही आरक्षण का फायदा ले बाकी वाले रोते रहे

Dhammamitta, 𑀩𑀼𑀥 𑀲𑀸𑀲𑀦 𑀤𑀼𑀢𑀻𑀬☸️🚩 的头像
Dhammamitta, 𑀩𑀼𑀥 𑀲𑀸𑀲𑀦 𑀤𑀼𑀢𑀻𑀬☸️🚩2 年前

जातिवाद उसे भी कहते हैं जब कोई OBC intellectuals शूद्रों द्वारा SC पर किए गए अत्याचारों को acknowledge नहीं करता है!

Chandrajeet Singh 的头像
Chandrajeet Singh2 年前

@jafarali333 जातिवाद तो दूर की कौड़ी है अभी वर्गवाद ही खत्म नहीं हुआ है? आरक्षण दिया गया था ताकि वर्ग के बीच फर्क खत्म हो? पर खत्म होना तो दूर की बात SC, ST, OBC को खाट या कुर्सी पर बैठने भी नहीं दिया जाता स्वर्णों द्वारा?

相关视频

यह बठिंडा का अजीत रोड है। विदेश भेजने की फ़ैक्ट्री। इस एक इलाक़े में सैंकड़ों की संख्या में कोचिंग संस्थान IELTS की परीक्षा की तैयारी कराते हैं। गुजरात और आंध्र प्रदेश में भी ऐसी फ़ैक्ट्री है। भारत की नागरिकता छोड़ने की अजीब होड़ है। मौक़ा मिले तो लगता है सारे एयरपोर्ट पहुँच जाएँगे। अच्छे अवसरों की तलाश में ज़रूर विदेश जाना चाहिए और मौक़ा मिले तो बस जाना चाहिए इसमें ग़लत नहीं। लेकिन यह पलायन इसलिए हो रहा है क्योंकि यहाँ के कॉलेज ख़त्म हो रहे हैं। अच्छी सैलरी की नौकरियों की उम्मीद नारायण नारायण हो चुकी है। मूर्ति बनने से अच्छा है कनाडा चलो। अब तो भारत सरकार भी विदेशों में मज़दूर भेजने जा रही है। पलायन को पिछड़ापन बताने वाले भी पलायन करवाने में लगे हैं। सही है। बाक़ी इस रिपोर्ट में है। 1. 2.

ravish kumar

379,305 次观看 • 2 年前

नेपाल और तिब्बत में विनाशकारी बाढ़ को आए एक हफ़्ता बीत चुका है. काठमांडू में प्रशासन के मुताबिक़- मरने वालों की संख्या 1100 से ज़्यादा हो चुकी है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं. एक तरफ़ राहत और खोज-बचाव का काम जारी है, तो दूसरी तरफ़ एक और अहम कोशिश भी चल रही है, जिस पर कम चर्चा होती है. अस्पताल और स्वास्थ्यकर्मी घायल लोगों का इलाज कर रहे हैं और मृतकों की पहचान करने में जुटे हैं. बीबीसी के जुगल पुरोहित (Jugal / जुगल 🎤) और प्रभात कुमार (Prabhat Kumar) को इस काम को करीब से देखने और रिपोर्ट करने की विशेष अनुमति मिली. उनकी रिपोर्ट बताती है कि इस मुश्किल समय में स्वास्थ्यकर्मी किस तरह योगदान दे रहे हैं.

BBC News Hindi

29,988 次观看 • 1 个月前