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खाटूश्याम राक्षस थे.....धर्म के ठेकेदारों देखो....खैर राक्षस ही राक्षस की पूजा करेगा ना 🤣

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34 Comments

parmod's profile picture
parmod1 month ago

बिटिया रानी! ये कोई BRA साहब का संविधान नहीं है जहां बस एक बार किसी जाति में पैदा हो गए तो फ्री का खाने को सारी उम्र नी*च ही बने रहेंगे चाहे IAS, PM,CM कुछ भी हो जाओ। ये मनुवाद है, यहां अच्छे कर्म करने से राक्षस भी पूजनीय हो जाते हैं। प्रहलाद,बलि, विभीषण, इनका नाम सुना है?

Adv Atul Bhardwaj ⚫'s profile picture
Adv Atul Bhardwaj ⚫1 month ago

जब दिमाग़ में वामपंथी कचरा भरा हुआ हो तो फिर काम कैसे करेगा, मेरी सभ्यता में वर्ण या कुल पूजनीय नहीं है चरित्र पूजनीय है ये व्यक्ति के कर्म या त्याग ही उसको भगवान का दर्जा दिलवाते है यही कारण है कि रावण ब्राह्मण होने पर भी वन्दनीय नहीं है जबकि बर्बरीक राक्षस कुल से होने के बाद भी

Desi AI Labs's profile picture
Desi AI Labs1 month ago

प्रह्लाद भी राक्षस था पर बनी भक्ति और सत्कर्म से स्वयं भगवान की गोद में बैठा । खाटू श्याम जी की शीरी कृष्ण के प्रति श्रद्धा और भक्ति ने उन्हें पूजनीय बनाया । भगवान राम ने भी स्वयं राक्षस कुल के विभीषण का राज तिलक किया था । कर्मयोगी बनो 🙂

Ravindra Singh's profile picture
Ravindra Singh1 month ago

ये तुमसे किसने कहा कि हमें ये पता नहीं कि खाटू श्याम जी राक्षस कुल से है हमे ओर जो भी श्याम बाबा के भक ह उन्हें सब पता है शीश दान के समय भगवान ने अपने एक नाम श्याम से जाना जायेगा! राक्षस कुल में जन्म लेने के कारण क्या उनका त्याग कम हो गया!

Bharat Singh Gurjar's profile picture
Bharat Singh Gurjar1 month ago

अंधभक्ति नही है, इतना बताया तो इससे आगे का भी बताओ फिर। बर्बरीक का 3 बाण लेकर महाभारत युद्ध के लिए जाना, भगवान श्रीकृष्ण का उनसे मिलना। उनकी परीक्षा लेना, शीश का दान मांगना। बर्बरीक को वरदान देना और भगवान का श्याम नाम बर्बरीक को देना। आधी अधूरी बाते बताकर लोगों को भ्रमित मत करो।

Pollution Busters's profile picture
Pollution Busters1 month ago

बर्बरीक भीम का पुत्र था। हाँ वह राक्षस जाति से आता था। अब पूरी कहानी भी बताया जाए, अधूरा ज्ञान न परोसा जाए। हम राक्षस की पूजा करते है। भगवान को मांस भी चढ़ाते है। बकड़े का बलि भी देते है।

Shubham Gupta's profile picture
Shubham Gupta1 month ago

Let me clarify Bhim sen married to hidimba(rakshas) son born Ghatotkach married ahilawati Son born Barbarik, he got Siddhis He could’ve finished Mahabharat yudh with three arrows, Shree Krishna did his Leela and named him khatushyam ji !

Salman's profile picture
Salman1 month ago

बर्बरीक महाभारत के एक अत्यंत शक्तिशाली और महान योद्धा थे। वे पांडव पुत्र भीम के पौत्र और घटोत्कच तथा नागकन्या अहिलावती (मौरवी) के पुत्र थे। उन्हें भगवान श्री कृष्ण द्वारा कलियुग में खाटू श्याम के रूप में पूजे जाने का वरदान प्राप्त हुआ था।बर्बरीक से जुड़ी मुख्य बातेंदिव्य शक्ति:

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Dev1 month ago

इटालियन बार बाला के गुलामो को यह नही पता की राजा बलि भी राक्षस राजा थे,और विभीषण भी

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राजनैतिक विशलेषक (enrolled)1 month ago

भीम का बेटा था.... उसने कहा था जो भी हार रहा होगा उसकी मदद करेगा| ये कोई इतनी गहरी जानकारी नहीं है| इसीलिए इनको *हारे का सहारा बाबा श्याम* कहा जाता है

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Ankit1 month ago

ये अलग ही नमूना है। भीम ने हिडिम्बा से शादी की थी वो राक्षसी थी ये सबको पता है, बर्बरीक भीम और हिडिंबा के बेटे का बेटा था तो आधा राक्षस और आधा मानव भी हुआ। अब कृष्ण जी ने उसकी भक्ति और त्याग को देखते हुए उसे आशीर्वाद दिया था। इसे ये नहीं पता। आजकल कोई भी चल देता है ज्ञान बांटने

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vijay kumar1 month ago

Abe gade pura padlena dyan se. Jis samaye bhagwan shree krishan ko unhone apna shish kat kar diya tha tab shri krishan ne unko apna naam de kar pujan kar var diya tha.

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alok sen1 month ago

Alka ji.barbarik gatochlak ke bete the gatochkach beem ke bete the ..means wo pote the ..bheem.ne rakshas putri hidimba se vivah kiya tha ..kishn bhagwan ne sacrifice manga tha as he is suppose to support weaker side.

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Neeraj Sharma1 month ago

बर्बरीक को स्वयं कृष्ण भगवान ने आशीर्वाद दिया था कि तू आज से मेरे नाम से जाना जाएगा और कलियुग में पूजा जाएगा l वो राक्षस कुल में होकर भी अच्छे कर्म किया था और आज मनुष्य बनकर भी लोग राक्षस से भी बुरा काम कर रहे है l

jitendra singh's profile picture
jitendra singh1 month ago

ये नीले भीमटे खुद सुपर्णखा और होलिका को अपना बुआ मानता है और रावण को अपना बाप अगले बार से दहन नहीं होने देगा मीम बालों का कहना, राक्षस कुल में जन्म लेकर भी धर्म के मार्ग पे चला और कुछ धर्म कुल में जन्म लेकर अधर्म किए जा रहा, धूर्त को समझना चाहिए कर्म के अनुसार पूजा जाता है,

Sinister's profile picture
Sinister1 month ago

Krishna has given his name to Barbarik. So his worship is also valid and bonafide as long as material benediction is concerned. He was 'Rakshas' by birth but every 'Rakshas' is not bad. He was grandchild of Bhima, so essentially there is no any problem in his worship.

हिंदुस्तानी बेटा's profile picture
हिंदुस्तानी बेटा1 month ago

देख ले हिंदू धर्म की खैसियत राक्षस भी अच्छा काम करे तो पूजा जाता है और ब्रहण (रावण)भी बुरा काम करे तो नही पूजा जाता हिंदू में जाति पाती से मतलब नहीं कर्म अच्छा होना चाहिए

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nav1 month ago

श्याम बाबा सदा पूजनीय थे और पूजनीय रहेंगे कल पिता के गोत्र से चलता है ना की माता के गोत्र से रावण के पिता ब्राह्मण थे और श्याम बाबा के पिता क्षत्रिय थे अब तू जस्टिफाई करके बता दियो मुझे

GK's profile picture
GK1 month ago

हे! मूर्खों में श्रेष्ठ, जाकर पहले खुद पूरी बात को जानो, ऐसे तो विभीषण जी भी राक्षस थे, और भगवान के परम भक्त प्रहलाद भी राक्षस थे, महादानी राजा बलि भी राक्षस थे, जिनका जिक्र कलावा बांधते समय पंडित जी मंत्र में करते हैं, "दानवेन्द्रो बलि राजा" समझे बेअक्ल इंसान ।

Ravi chavda's profile picture
Ravi chavda1 month ago

गुजरात में भी खाटू श्याम बबर्रीक को बलिया देव कहते है, और कई मंदिर भी है गुजरात भर में बलिया देव के, और कही जगह शंकर भगवान का मंदिर है वहा भी बलिया देव के मंदिर है.जो कही सालों से है, और वो मंदिर भी सनातनी कहे जाने वाले लोगों ने ही बनाए है।

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Rahul 🇮🇳1 month ago

बरबरीक ने भगबान विष्णु के अवतार श्री कृष्ण को अपना सर काट कर दे दिया था श्री कृष्ण ने उसको बरदान दिया था की कलयुग मे मेरे नाम से तुम्हारी भी पूजा होगी वीडियो सिर्फ अधूरा ज्ञान पेलने को बनते है कभी सतसंग मे जाओ कशी ज्ञानी पे पूछ लो सायद सुधार आ जाए

Gulshan🇮🇳's profile picture
Gulshan🇮🇳1 month ago

Problem arise with half knowledge.. जब कोई भगवान का भक्त होता है तो उसकी कुल या जाती नहीं देखी जाती , जैसे प्रहलाद ( राक्षस कुल से थे ) विभीषण, राजा बलि, वैसे ही बर्बरीक को स्वयं भगवान ने वो जगह दी है

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Samar1 month ago

भगवान वाले खुद ही मुजरा करवाते हैं भगवान का खुद ही मुजरा देखते भगवान का दूसरों पर इल्जाम लगाते हैं ..

LOGIC XD's profile picture
LOGIC XD1 month ago

Chal re nalayak gyan baant rha rakshas kul se the lkin jab bhagwan ko apna sar diya tab bhagwan ne unhe vardaan swaroop baba khatu shyam ji ki upaadhi di ab jab bhagwaan ko koi problem nahi hai hume koi problem nahi hai to tu faltu ka aadha pauna gyan pel k kyu hero banrha.

Satvik Patel's profile picture
Satvik Patel1 month ago

अबे मंदबुद्धि सुन, बर्बरीक राक्षस कुल के थे, फिर भी वो हमारे लिए पूजनीय है क्युकी : श्लोक 67 "तथास्त्विति तदा प्रोक्तं केशवेन सुरासभाम् । पूजितं ते शिरः लोके देवीनां च भविष्यति ॥" अर्थ: "श्रीकेशव ने कहा ‘ऐसा ही हो।’ तुम्हारा मस्तक संसार में पूजित होगा और देवियों द्वारा भी तुम्हारी पूजा की जाएगी।” राजस्थान में खाटू श्याम से पूजे जाते है और गुजरात में बलियादेव के नाम से पूजे जाते है | भटके हुई प्रजाति हमें ज्ञान ना दे| जय श्री श्याम, जय बलियादेव |🕉️

विकास श्रीवास्ताव's profile picture
विकास श्रीवास्ताव1 month ago

महाभारत काल में वीर बर्बरीक ने भगवान श्रीकृष्ण को अपना शीश दान दिया था। उनकी इस महान दानवीरता और भक्ति से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें वरदान दिया था कि कलियुग में उनकी पूजा उनके अपने नाम 'श्याम' (खाटू श्याम जी) के रूप में होगी और वे हारे हुओं का सहारा बनेंगे।

The Pankaj Ashiya's profile picture
The Pankaj Ashiya1 month ago

बस ये सब ही 2 कोड़ी के लोग आते है और आधी अधूरी जानकारी दे के सनातन धर्म को तोड़ने का काम करते है। पूरी जानकारी ये बतायेंगे नहीं वरना इनका धन्धा बंद हो जायेगा।

Rahul Pundir's profile picture
Rahul Pundir1 month ago

अबे राक्षसनी, उनको भगवान कृष्ण का वरदान मिला था की कलयुग मे आपकी पूजा होंगी l जन्म उनका हुआ था ही राक्षस कुल मे तुम्हारी ही तरह पर अपनी असीम शक्ति से वो पूजनीय हुए l ओर ज्ञान मत पेल सबको पता है कृष्ण जी के वरदान के बारे मे भी l

PRESHU(DHANUK)... AMBEDKAR's profile picture
PRESHU(DHANUK)... AMBEDKAR1 month ago

Yeh sun kar andhbhakto ke pichhwade me aag lag jayegi 😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂😂AI BHI NARAJ HO GAYA

Uttam Jhunjhunwala's profile picture
Uttam Jhunjhunwala1 month ago

वह संस्कृति, जहाँ जन्म से कोई धर्मपरायण नहीं बनता; बल्कि समाज के प्रति आपके आचरण और कर्म आपको देवत्व का दर्जा देते हैं। सनातन में अच्छे कर्म करने वाले राक्षसकुल की भी पूजा हो सकती है। बर्बरीक/खाटू श्याम जी इसका उदाहरण हैं—जो हारने वाले का साथ देने के वचन के कारण पूजनीय हैं।

Emma Bun 🍞's profile picture
Emma Bun 🍞1 month ago

Abe behan ke laure Rampal ka dahina aanad , madarchodo tum log to khud ke kitab me to mullo ki laar chatte ho Hindu ke kitab me mullah ki Tarif karte ho ,, Aur hamare kitab ko ulta kharab batate ho madarchodo.. dikh mat jana kahi Larpal ke tent me wahi maa chod dunga Bc

𝗖RIMINAL 𝗟AW 🆑️'s profile picture
𝗖RIMINAL 𝗟AW 🆑️1 month ago

He was Asura, not Rakshasha. There is difference between the two. Prahlad was also Asura by birth. Being Asura doesn't mean being Rakshash.

Advocate tiwwari Neeraj's profile picture
Advocate tiwwari Neeraj1 month ago

अरे मूर्ख। बर्बरीक की परमभक्ति से प्रभावित होकर,भगवान कृष्ण ने उन्हें वरदान दिया कि वे कृष्ण के नाम (श्याम) से जाने जाएँगे और कलियुग में उनकी व्यापक रूप से पूजा की जाएगी। बाद में उनका सिर राजस्थान के खाटू गाँव में धरती में प्रकट हुआ, जिससे प्रसिद्ध पूजा स्थल की स्थापना हुई।

Sunderam Sharma's profile picture
Sunderam Sharma1 month ago

Are bhai badhe likhe anpadh , ye hame pta hai ye Bhim ke puter Ghatotkach ka puter hai , or Ghatotkach ek Rakshas tha to ye bhi vhi hoga , lekin Bhagwan Sri Krishan ne jo aasirwad diya tha ? Use bhool kar logo ko bahka relhe ho. Nirlajjj

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