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Ana Sayfaya Dön

खूबसूरत कार होने से ज़्यादा ज़रूरी है बड़ा दिल होना… शायद यही वजह है कि भाई के पास इतनी महंगी कार है.. ❤️

46,661 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

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दिल्ली ब्लास्ट में इस्तेमाल कार के ड्राइवर को देखिए.. कार जब दिल्ली-फरीदाबाद के बदरपुर बॉर्डर पहुंची तो टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज में ड्राइवर की तस्वीर कैप्चर हो गई.. ड्राइवर की पहचान मोहम्मद उमर के रूप में की जा रही है.. वही डॉक्टर उमर मोहम्मद, जो फरीदाबाद में आतंकी मॉड्यूल के भंडाफोड़ के बाद से फरार है.. आशंका है कि कार उमर ही चला रहा है. अगली सीट खाली है लेकिन पीछे शायद दो लोग और बैठे हैं.. कार दोपहर 3.20 बजे के करीब पार्किंग में आकर खड़ी हुई और शाम को 6.48 बजे वहां से निकली. धीमी रफ्तार से चलती कार ट्रैफिक सिग्नल के पास पहुंची तभी धमाका हो गया. पुलवामा के डॉक्टर उमर मोहम्मद के जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी नेटवर्क का भंडाफोड़ हो चुका है.. उसके पास से 2900 किलो संभावित अमोनियम नाइट्रेट विस्फोटक, टाइमर, वॉकी टॉकी और अन्य सामान बरामद हुआ था.. #RedFort #LalQila #Delhi #DelhiBlast #DelhiCapitals #DelhiNews #redfort #HighAlert #redfortdelhi #Blasts #DelhiPolice #Police

Vivek K. Tripathi

38,091 görüntüleme • 10 ay önce

जैसलमेर…. महीपाल सिंह नामक युवक एयरफ़ोर्स की परीक्षा देने जैसलमेर आता है… परीक्षा देकर बस से वापस अपने घर रामदेवरा लौटने के लिए निकलता है… जैसलमेर से मात्र दस किलोमीटर दूर पहुँचते ही अचानक बस में आग लगती है, बस धू धू कर के जलने लगती है… बस में सवार 30 से ज़्यादा लोग आग से झुलस जाते हैं… तीस में से दस लोग वहीं दम तोड़ देते हैं… दस लोग 90% तक जलकर आख़िरी साँसें ले रहे होते हैं… महीपाल सिंह भी 35% तक जल जाता है… अफ़रातफ़री मची देखकर महीपाल सिंह दौड़कर एक कार वाले के पास जाकर मदद माँगता है… कार मालिक उसे कार से नीचे उतार देता है… वो बदहवास सा दौड़कर दूसरी कार के पास जाता है… वो कार मालिक दरवाज़ा तक नहीं खोलता… महीपाल सिंद दर्जनों कारों की तरफ़ उम्मीद भरी नज़रों से देखता है…. लेकिन सभी कार मालिक मानो ये कह रहे हो कि, हम तो यहाँ तमाशा देखने आए हैं… आधा घंटा चिलचिलाती धूप और जले हुए शरीर का दर्द सहने के बाद… एक मोटरसाइकिल वाला महीपाल सिंह को जैसलमेर पहुँचाता है… वहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उसे जोधपुर रेफर कर दिया जाता है…. पाँच घंटे का सफ़र तय करके महीपाल जोधपुर पहुँचता है…. इलाज शुरू होता है… लेकिन इंसानों के रूप में इतने हैवान देखने के बाद शायद महीपाल की जीने की इच्छा ही ख़त्म हो जाती है… और बीती रात महीपाल ये दुनिया छोड़कर चला जाता है…. तमाशबीनों की दुनिया….!!!

kapil bishnoi

275,833 görüntüleme • 11 ay önce