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खुलासा-खुलासा-खुलासा-खुलासा……उत्तराखंड के हल्द्वानी में “शुद्धिकरण यज्ञ” मामले पर अब तक का सबसे बड़ा खुलासा हल्द्वानी में मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हुए हवन कार्यक्रम पर सदन के अंदर से बाहर तक जिस तरह से जातिवाद का झूठा नैरेटिव सेट किया गया उसका सच ये है:- - हवन करने...

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जानकारी मिली है की यूपी के जनपद अलीगढ़ के ग्राम इब्राहिमपुर भीमपुर गोंडा रोड़ वहाँ ग्राम समाज की ज़मीन पर एक समाज के पक्ष के द्वारा मंदिर वगेरह का काम शुरू किया गया और पहले से भी वहाँ अन्य धार्मिक स्थल बने हुए हैं जो ग्राम समाज की ज़मीन पर बिना पुलिस परमिशन के बने हुए हैं, तो डॉ बाबा साहब अम्बेडकर जी को मानने वाले लोगों के द्वारा भी गाँव में ही दूसरी जगह ग्राम समाज की ज़मीन पर बाबा साहब अम्बेडकर की प्रतिमा लगा दी गई, वो भी गाँव के वर्तमान प्रधान की रजामंदी से। तो गाँव के ही दूसरे पक्ष के लोगों के द्वारा विरोध किया गया और फिर पुलिस प्रशासन प्रतिमा को वहाँ से हटाने आ गया है तो मेरा ALIGARH POLICE DM ALIGARH Government of UP और तमाम अधिकारियों से कहना है कि प्रशासन बाबा साहब की प्रतिमा तो हटाने पहुँच गया और पूरा दवाब बना रहा है लेकिन जिन दूसरे पक्ष के लोगो के द्वारा ग्राम समाज की और जमीनों पर जो भी धार्मिक स्थल बनायें गयें हैं क्या प्रशासन उन्हें भी वहाँ से हटाएगा? जब डॉ अम्बेडकर के मानने वाले लोगो के द्वारा ग्राम समाज की ज़मीन पर बने धार्मिक स्थलों का विरोध नहीं किया गया तो आख़िर बाबा साहब का विरोध करने वालों के साथ पुलिस ढाल की तरह क्यों खड़ी हैं। क्या ग्राम समाज की ज़मीन पर केवल एक ही पक्ष का अधिकार हैं की वे धार्मिक स्थल बना सके क्या बाबा साहब के मानने वाले लोगो का ग्राम समाज की ज़मीन पर कोई अधिकार नहीं है। जबकि सबकी संख्या सामाजिक आधार पर गाँव में लगभग बराबर है। मेरा प्रशासन से निवेदन है की बाबा साहब की प्रतिमा हटाने से पहले अन्य धार्मिक स्थलों को भी हटाया जायें तो वरना ये पक्षपाती रवैया बिल्कुल बर्दाश्त योग्य नहीं है। प्रशासन का ये रवैया हमें मजबूर करेगा अलीगढ़ कूच करने पर।

Abhishek Kumar Jatav ( बहुजन शायर )

23,010 次观看 • 1 年前

नमाजियों ने गुरुकुल में चल रहे रामनवमी के कार्यक्रम में माइक साउंड को बंद करने के लिए बुलाया प्रशासन। कन्याओं ने कहा कि पहले नमाज के साउंड बंद कराओ फिर हम बंद करेंगे। आर्य समाज झुकेगा नहीं। आचार्य कौटिल्य कन्या गुरुकुल हजारीबाग ( झारखंड) का वार्षिक यज्ञ -सत्संग चल रहा है। उसमें नमाजियों के एतराज से वेद मंत्रोच्चार को माइक प्रशासन ने रोकने का प्रयास किया है। जो पूर्णतः सरकार इस्लामिक एजेंडों को समर्थन दे रही है। उसे बहुसंख्यक समाज की कोई परवाह नहीं है।सभी सनातन संस्कृति रक्षकोंको प्रदर्शन विरोध करना चाहिए। इस घटना को संज्ञान में जल्द से जल्द लेने की आवश्यकता है। आर्य समाज के जितने भी बड़े पदों पर बैठे हुए उनके तक ये वीडियो जल्द से जल्द प्रसार करें आर्य निर्मात्री सभा,आर्य महासंघ आर्य वीर दल और आर्य समाज की सभी संस्थान एक जुटता दिखाते हुए झारखंड सरकार को औकात दिखाई जाएं मेरा निवेदन है।

VINI 💞

51,205 次观看 • 1 年前

हैलो Sakshi Joshi जी इसी गुंडागर्दी और दबंगई के ख़िलाफ़ बोल रहा था मैं। फर्जी का गिल्ट फैक्टर छोड़िए। सच स्वीकारिए। ब्राह्मण आज इस देश में सबसे बड़ा पीड़ित है। जातीय कुंठा और जातीय नफरत का सबसे बड़ा शिकार है। चंद लोगों को ख़ुश करने के लिए उस आग में घी मत डालिए। आप कितनी भी बड़ी दलित चिंतक बन जाएं, शम्भू पटेल जैसे लठैत सिर्फ आपके सरनेम के कारण आपका रास्ता रोकेंगे, आपके साथ जातीय अभद्रता करेंगे। क्योंकि आप ब्राह्मण हैं। और ब्राह्मणों के ख़िलाफ़ ऐसे लोगों की नफरत जग-जाहिर है। शम्भू पटेल दलित नहीं हैं। जिस समाज से ये है उस समाज पर ब्राह्मणों से कई गुना अधिक SC-ST एक्ट लगते हैं। अब ईमानदारी से सोचिए और बताइए क्या आपके पूर्वजों ने शम्भु पटेल के पूर्वजों का भी शोषण किया होगा? क्या उनके साथ भी भेदभाव किया होगा? पेंडुलम की तरह लटकते शोषण-शोषक की परिभाषा को ही लेकर हमारी लड़ाई है। आपसे नहीं।

Shubham Shukla

29,926 次观看 • 6 个月前

BJP का दलित विरोधी चेहरा एक बार फिर सामने आया है। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीका राम जूली जी दलित समाज से आते हैं। वे रामनवमी के दिन राम मंदिर में दर्शन के लिए गए। इसके बाद, BJP के पूर्व विधायक और नरेंद्र मोदी के चहेते ज्ञानदेव आहूजा ने राम मंदिर को गंगाजल से धोया। आहूजा का कहना है कि दलित अपवित्र होते हैं। अपवित्र लोग मंदिर में आ गए थे, इसलिए हमने राम मंदिर को गंगाजल से धो दिया। ये पहला मामला नहीं है, BJP और RSS के लोग लगातार दलितों का अपमान करते रहे हैं। मोदी के करीबी ज्ञानदेव आहूजा ने जो किया है, वह BJP की दलित विरोधी मानसिकता का जीता-जागता सबूत है। साफ है- BJP दलित विरोधी है और यही इनका असली चाल, चरित्र और चेहरा है। वो तो संविधान की वजह से BJP के लोग दलितों को बर्दाश्त कर रहे हैं और इसलिए ये बार-बार संविधान बदलने की बात भी करते हैं।

Congress

324,083 次观看 • 1 年前

मुझे ये कहते हुए बहुत दुख और शर्मिंदगी महसूस हो रही है कि भारत में आज भी छुआछूत चरम पर है। हाल ही में उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे जी की रैली हुई थी। जिस मंच से खरगे जी ने सम्बोधन किया, उस मंच का BJP से जुड़े हुए लोगों ने शुद्धिकरण किया। BJP के दिमाग से जातिवाद की गंदगी कब जाएगी? देश में कब तक, दलितों को घोड़े से उतारकर मारा जाएगा, मूंछ रखने पर हत्या होगी, मंदिर में घुसने पर पिटाई होगी? समाज में जातिवाद का जहर BJP-RSS के लोगों ने फैला दिया है, इसका जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को देना होगा। RSS और विश्व हिंदू परिषद् कभी ऐसे मुद्दों पर लड़ता हुआ नहीं दिखता। : Dalit Congress 🇮🇳 के अध्यक्ष व यूपी कांग्रेस प्रभारी (समण) Rajendra Pal Gautam जी

Congress

53,264 次观看 • 6 天前

देवबंद, उत्तर प्रदेश की घटना है। एक गुर्जर परिवार में दलित युवक नौकरी करता था।वह शराब पीने का आदी था और पत्नी से विवाद के बाद गुस्से में उसने हार्पिक पी लिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। जब उसका अंतिम संस्कार हो रहा था, तभी भीम आर्मी के लोग वहां पहुंचे, उन्होंने परिवार को भड़काया और आत्महत्या के मामले को हत्या का मामला बताकर गुर्जर व्यक्ति पर SC/ST Act लगाने के लिए प्रशासन पर दबाव बनाने का प्रयास किया। इस घटना के बाद समस्त गुर्जर समाज एकजुट हो गया है। लोगों का कहना है कि SC/ST Act अब सामाजिक टकराव का नया कारण बनता जा रहा है और कुछ लोग इसे वसूली के साधन के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

𝙼𝚛 𝚃𝚢𝚊𝚐𝚒

99,911 次观看 • 4 天前

आज सर्वोच्च न्यायालय में ही मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंका गया। यह हमारे लोकतांत्रिक और न्यायिक इतिहास की एक शर्मनाक घटना है। जब देश के सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन व्यक्ति को न्यायालय में ही इस तरह के अपमान का सामना करना पड़े, तो यह गंभीर चिंता का विषय है। 2014 के बाद जिस तरीके से राजकीय संरक्षण में विभिन्न-विभिन्न माध्यमों से देश में घृणा और हिंसा को नॉर्मलाइज किया गया है यह उसका दुष्परिणाम है। क्या दलित समुदाय से आने वाले और संविधान की भावना का पालन करने वाले व्यक्ति भी संवैधानिक पदों पर सुरक्षित नहीं हैं? यह जूता देश के मुख्य न्यायाधीश पर नहीं बल्कि संविधान और संविधान के शिल्पकार हमारे पूजनीय बाबा साहेब अंबेडकर पर फेंका गया है। धर्म की आड़ में कुछ लोग अपना जहर बाहर फेंक रहे है। संविधान व दलित विरोधी भाजपाई इस घटना पर चुप क्यों हैं? न्यायपालिका की गरिमा हमारे लोकतंत्र की रीढ़ है - इसे बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।

Tejashwi Yadav

217,490 次观看 • 10 个月前

यूपी के इटावा में पिछड़ी यादव जाति के कथावाचक एवं उसके साथी दलित जाति के सहयोगियों के साथ अपमानजनक दुर्व्यवहार करने के बाद जब भाजपा सवालों के घेरे में है तो अब कथावाचक के ऊपर अनर्गल, झूठे लांछन लगाकर मामले की लीपापोती करने का कुत्सित प्रयास भाजपा कर और करवा रही है और ये बेहद निंदनीय है। दलित पिछड़ा जाति के आधार पर पहले तो कथावाचक को अपमानित किया गया, उसके साथ लूट और दुर्व्यवहार किया गया और जब पूरे देश ने वो शर्मनाक वीडियो देख लिए और भाजपा सत्ता की पोल खुल गई तो अब भाजपाई मीडिया के साथ मिलकर कथावाचक को बदनाम कर रहे हैं। मीडिया भाजपा की बिकाऊ है और भाजपाई कृत्य को छिपाने और दलितों पिछड़ों को बदनाम कर रही है।

Samajwadi Party Media Cell

22,875 次观看 • 1 年前

दिल्ली वाले प्रदर्शन कर रहे थे, हवा जहरीली हो गई, AQI बढ़ गया, प्रदूषण बढ़ गया तो लो अब बॉम्ब 💣 ब्लास्ट भी हो गया! पूछना ये था कि ये बॉम्ब ब्लास्ट इलेक्शन के समय पर ही क्यों होते हैं? जिस गाड़ी में बॉम्ब फटा वो गाड़ी सलमान के नाम पर रजिस्टर्ड थी लेकिन सलमान ने वो गाड़ी देवेंद्र को पहले ही बेच दी थी। पुलिस देवेंद्र की तलाश में है और ये ब्लास्ट हुआ कैसे ? अगर इस ब्लास्ट को लेकर तुम से कोई वोट मांगे तो समझ जाना ब्लास्ट करवाए किसने? कई लोगों की इसमें जान चली गई और कुछ कुर्सी के ये ठेकेदार इन्हीं लोगों का फायदा उठाकर वोट मांगेंगे। पुलवामा का अब तक कोई खुलासा नहीं हुआ तो क्या लगता है इसका खुलासा हो जाएगा? बात सीधी है, इशारा काफी है।

Anis Ahmad

177,056 次观看 • 9 个月前

रामजी लाल सुमन पर हमले के बाद अखिलेश का 'दलित प्रेम' जाग उठा – लेकिन 1995 में कहां था ये प्यार? आज महान योद्धा राणा सांगा पर अभद्र टिप्पणी करने वाले रामजी लाल सुमन के घर पर हुए विरोध को अखिलेश यादव 'दलित कार्ड' खेलकर भुनाने की कोशिश कर रहे हैं। लेकिन सवाल ये उठता है – जब 2 जून 1995 को लखनऊ के गेस्ट हाउस में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने #मायावती जी पर हमला किया था, तब अखिलेश यादव और उनकी पार्टी का दलित प्रेम कहां चला गया था? 🚨 असल में, सपा नेताओं ने ही दलितों के साथ सबसे बड़ा अन्याय किया है। लेकिन हर बार दोष ठाकुरों पर मढ़ दिया जाता है, उन्हें 'दबंग' कहकर बदनाम किया जाता है। अब समाज जाग चुका है, सपा की गंदी राजनीति और उनके झूठे दलित प्रेम को पहचान चुका है! Mayawati

Rajput's Of INDIA

20,604 次观看 • 1 年前

निखिल चावड़ा गुजरात के अपने ही भाई हैं,जिन्हें रविवार को अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने गिरफ्तार किया है. उनकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने घुटनों के बल बैठी उनकी एक तस्वीर और परेड का वीडियो भी जारी किया. उन पर धार्मिक रूप से अभद्र टिप्पणी करने का आरोप है. इस मामले में संघी लोगों ने सोशल मीडिया पर गिरफ्तारी की मांग को लेकर अभियान चलाया और अपने जातीय श्रेष्ठता व राजनीतिक रसूख का दुरुपयोग कर उन्हें गिरफ्तार करवाया. लेकिन सवाल यह है कि एक जाति विशेष वर्ग के द्वारा खुलेआम बाबासाहेब का अपमान किया जाता है लेकिन उसपर कोई कार्रवाई नहीं होती है,लेकिन एक दलित समाज से आने वाले युवा को तत्काल उठा जेल में डाल उसकी परेड करवाई जाती है. क्या अब इस देश में दलित को सच बोलने का हक व अधिकार नहीं रह गया है ? #release_निखिल_चावड़ा

Neeraj Bhawani

37,181 次观看 • 4 个月前