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Ana Sayfaya Dön

गंगा में डूबकर तुम मोक्ष काहे नहीं पा लेते?

39,979 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

11 Yorum

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Rahul1 yıl önce

पूरे परिवार सहित इसको भी मोक्ष प्राप्त कर लेना चाहिए 😡

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ꜱʜɪᴠ ᴮᴴᵁ1 yıl önce

उसको मोक्ष मिलेगा भी नहीं, नाक रगड़ कर समाधि भी ले ले तो भी मोक्ष नहीं मिलेगा। धर्म और आस्था का व्यवसाय करने वाले इस जगत के सबसे अधम् और पातकीय जीव हैं। झूठ, मक्कारी, सियासती भक्ति करने वाले खौलते तेल की कड़ाही मे फ्राई किये जायेंगे ।

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Premium1 yıl önce

Which one suits you best?

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Rational Am1 yıl önce

पाखंडी ढाबा तुझे मोक्ष नहीं चाहिए ? सिर्फ आम लोगों कब ऐसे करेंगे और मोक्ष पाएंगे

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Ashok आदिवासी 🇮🇳1 yıl önce

काश ये बाबा म........ जाता भगदड़ में तो इसे भी मोक्ष मिल जाता!!!

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Satish Gautam1 yıl önce

धीरेंद्र को सब कुछ पता है कि मरने के बाद कुछ नहीं मिलने वाला लेकिन पाखंड फ़ैलाकर देश की अंधकार की ओर जो ले जाना है l

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Navdeep Jangra1 yıl önce

सुअर मरता तो गंगा भी मैली हो जाती

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खुरपेंची साम्राज्य1 yıl önce

जल समधी लेकर मोक्ष प्राप्त कर ले मंदिर बनवा देंगे इसके नाम पर चंदा लेकर

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Ravi Kardam1 yıl önce

कृपया इस लिंक करो

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Sonu Yadav1 yıl önce

Ye dheerendra kyo nahi moch paa leta hai

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आनन्द यादव 🇮🇳🇮🇳1 yıl önce

तुम काहे ज़िंदा हो? वहीं दब के मोक्ष पा लिया होता।

Benzer Videolar

क्या आप जानते हैं — गंगा में अस्थियाँ क्यों विसर्जित की जाती हैं? 🌊 क्यों कहा गया है कि गंगा माँ मोक्षदायिनी हैं? देवी गंगा और राजा शांतनु की कथा में छुपा है इसका उत्तर — गंगा माँ ने वचन लेकर अपने सात पुत्रों को जन्म के तुरंत बाद गंगा में प्रवाहित कर दिया… जब राजा शांतनु ने आठवें पुत्र को गंगा में बहाने से रोका, तब माँ गंगा ने बताया कि वे वसु थे, जिन्हें वशिष्ठ ऋषि के श्राप से मुक्ति दिलाने के लिए गंगा में बहाया गया। आठवें पुत्र थे गंगा पुत्र भीष्म पितामह। इसलिए गंगा में अस्थि विसर्जन करने से मनुष्य के सभी पापों का नाश होता है और आत्मा को मोक्ष की प्राप्ति होती है। गंगा सिर्फ जल नहीं, वह पापों से मुक्त करने वाली जननी हैं। 🌺 जय गंगा मैया! 🌺

Annapurna

22,424 görüntüleme • 1 yıl önce