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गाजीपुर में समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधि मंडल पर सामंतवादी मनुवादियों ने किया पथराव... गाज़ीपुर पुलिस मुख्य दर्शक बनी देखती रही... विश्वकर्मा समाज के पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए गाजीपुर पहुंचा था समाजवादी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल.. क्या यही है योगी का सामंतवाद मनुवाद वाला जंगल राज ??

12,460 görüntüleme • 5 ay önce •via X (Twitter)

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मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट के सजातीय ठाकुरों ने यूपी के देवरिया में एक अति पिछड़ी जाति के युवक की पीठ पीट कर हत्या कर दी, अभी तक मृतक परिजनों को न्याय नहीं मिला है जब समाजवादी पार्टी के नेता संदीप विश्वकर्मा पीड़ित परिवार से मिलने, ढांढस बंधाने और न्याय दिलाने के लिए पहुंचे तो उन्हें धमकाया गया और कहा गया की क्या गाजीपुर करण्डा भूल गए? जैसे गाजीपुर में विश्वकर्माओं और यादवों को दौड़ा-दौड़ा कर ठाकुरों ने पीटा था वैसे ही पीटेंगे ऐसा बोलकर ठाकुरों भाजपाइयों ने संदीप विश्वकर्मा को धमकाया उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ बिष्ट के राज में प्रचंड जातिवाद ठाकुरवादी गुंडाराज का साम्राज्य चल रहा है और लगातार पिछड़े दलित वर्ग के लोगों की हत्या की जा रही है और न्याय मांगने पर समाजवादियों और PDA समाज के लोगों पर उल्टा भाजपाई ठाकुरवादी अत्याचार होता है

Samajwadi Party Media Cell

64,887 görüntüleme • 3 ay önce

उत्तर प्रदेश में ठाकुरशाही अपने चरम पर है! मुख्यमंत्री - ठाकुर , आरोपी - ठाकुर, पुलिस अधीक्षक - ठाकुर । पीड़ित - शूद्र (पिछड़ा हिंदू) एक विश्वकर्मा परिवार न्याय की गुहार लेकर पहुंचा, लेकिन न पीड़िता की बात सुनी गई और न ही ज्ञापन लिया गया। जब पीड़ित की पत्नी, विश्वकर्मा समाज की युवा तेज तर्रार नेता इजी. संदीप विश्वकर्मा, PDA समाज के मजबूत स्तंभ और कुशवाहा मार्य कोइरी समाज के सबसे बड़े नेता सांसद डॉ नवल किशोर शाक्य जी के साथ तमाम मुख्य विपक्षी पार्टी समाजवादी पार्टी के नेताओं को ही पुलिस अधीक्षक से मिलने का अधिकार नहीं, तो आम जनता न्याय की उम्मीद किससे करे? क्या भाजपा सरकार में जाति देखकर न्याय दिया जा रहा है? रिंकू विश्वकर्मा के दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी हो, नहीं तो अंजाम बहुत बुरा होगा।

A.K. Stalin

10,558 görüntüleme • 3 ay önce

आज गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष श्री राम नगीना साहनी के साथ समाजवादी पार्टी के दबंग नेता अंशुमान सिंह के पुत्र कमलेश सिंह और उनके समर्थकों द्वारा थप्पड़ और मारपीट करने के मामले से स्तब्ध हूँ। क्या कुर्सी पर बैठने का अधिकार केवल सामंतवादियों का ही है? राम नगीना साहनी जी समाजवादी पार्टी का झंडा और डंडा तब से उठा रहे हैं, जब गोरखपुर में समाजवादी पार्टी को आदमी नहीं मिलता था। यादव भी समाजवादी पार्टी का झंडा नहीं उठाना चाहता था, तब निषाद समाज के लोगों ने झंडा उठाया था। आज कुर्सी पर बैठने को लेकर थप्पड़ और मारपीट कर देना निंदनीय और अत्यंत अफसोसजनक है। मैं कल तक समाजवादी पार्टी के मुखिया श्री अखिलेश यादव जी को समय देता हूँ। या तो वे अपने दबंग नेता पर मुकदमा करवाएँ और इस कृत्य की भर्त्सना करें, अन्यथा मैं परसों समाजवादी पार्टी कार्यालय का घेराव करने आ रहा हूँ। निषाद समाज को भी इस घटना से सीख लेनी चाहिए कि जो निषाद नेता बीते दिनों से कैंडल मार्च और घड़ियाली आँसू बहा रहे थे कि भाजपा के साथ जाकर निषाद पार्टी ने क्या किया, मैं आज गर्व से कहता हूँ—किसी भाजपा नेता ने निषाद समाज के आदमी को थप्पड़ तो नहीं मारा।

Dr. Sanjay Kumar Nishad

20,177 görüntüleme • 5 gün önce

भारतीय जनता पार्टी को हराने के लिए दलित समाज का अधिकतर वोट समाजवादी पार्टी के साथ जाने के लिए तैयार है.! उसे समाजवादी पार्टी में जाने से रोकने के लिए ही कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश का प्रभारी दलित समाज से यानी जाटव समाज से बनाया है.! राहुल गाॅंधी का पहला प्रयास सत्ता में कांग्रेस को लाओ, कांग्रेस न आने की स्थिति में हो तो भाजपा को लाओ और भाजपा भी न आ पाये तो आम आदमी पार्टी को लाओ.! और जो दल आर.एस.एस के गुलाम नहीं हैं यानी सपा बसपा राजद कम्युनिस्ट पार्टी को किसी प्रकार सत्ता से दूर रखकर आर.एस.एस का गुलाम बनने के लिए मजबूर करो.! -केशव देव मौर्य 'बुद्धाॅंश' राष्ट्रीय अध्यक्ष,महान दल

Keshav Dev Maurya

16,651 görüntüleme • 3 ay önce