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गाँधी टोपी पहने इस नमूने को देखकर आपके दिल में पहला विचार क्या आता है?
120,850 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)
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इनके लिए भ्रस्टाचार 2014 से पहले था अब सब सामान्य है इनको क्या कहेंगे I

ये RTI के क़ानून की बात कर रहे हैं, जो इनके आंदोलन से पहले आ चुका था। उसी सरकार के ख़िलाफ़ तो इन्होंने आंदोलन खड़ा किया था, शाखा वाले निक्कर के ऊपर पेंट पहनकर आते थे पंडाल में। आंदोलन के बाद क्या सुधार आए हैं, एक भी नहीं है इनके पास गिनाने को?!

मज़बूत भारत की मज़बूत नीव को खोदने में अग्रणी ये नमूना - साबित करते हुए कि गांधी टोपी पहनने से गाँधीवादी नहीं हो जाते I

इसको जितनी चाबी भरी जाती है उतना ही चलता है, फिर सो जाता है। इन्होंने जोकपाल बिल लाने के लिए काफी कड़ा संघर्ष किया था। रात में बादाम के पैकेट भी आते थे कहीं से।

वही....जो आशा राम बापू को देख कर आता है...

दोगलों में बाकी सब दूसरे नम्बर पर हैं सबसे बड़ा दोगला अब भी अन्ना ही है

बस इतना ही विचार आता है कि....... ये अभी तक है 😮

यह दलाल आदमी है इसका मकसद सिर्फ कांग्रेस को बदनाम करना था सो कर दिया बाकी इसे देश के बनते बिगड़ते हालात से कोई मतलब नही है।

यह वाराणसी की @roshnikushal है जब भी यह सोशल मीडिया पर कुछ लिखती थीं तो एक दरिंदा भाजपाई बलात्कार की धमकी देता था इन्होंने उस Saffron Rajesh Singh के खिलाफ आवाज़ उठाई - क्या यह गुनाह है? क्या अपने अधिकारों और सुरक्षा के लिए प्रतिकार ग़लत है? पिछले 40 दिनों से रोशनी का पति, भाई और 5 अन्य लोग जेल में है, रोशनी के घर की कुर्की का आदेश दिया गया है. वो ख़ुद अपने एक बच्चे के साथ गुमनामी की जिंदगी जी रही है क्या चाहता है पुलिस प्रशासन कि एक औरत चुपचाप बलात्कार की धमकी सहती रहे? यह कैसा न्याय है जहां पीड़िता को ही प्रताड़ित किया जा रहा है? नज़ीर ऐसी बननी चाहिए जहां लड़कियों के लिए इस तरह के शब्द लिखने वालों के होश उड़ जायें. रोशनी को क़ानूनसंगत न्याय देना ही होगा। महिलाओं की सुरक्षा के नाम के लिए योगी आदित्यनाथ एक मुखौटा मात्रा है, जिनको अपनी जाति के बलात्कारियों को बचाने वाले सबसे बड़े रखवाले के रूप में जाना जाएगा योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री जी। @Uppolice @myogiadityanath
