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Ana Sayfaya Dön

गमछा डांगा जी के पास भी है और वे नाचते भी पूरी लय में हैं

90,227 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

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यह राजस्थान की सबसे सुंदर तस्वीर है! राजस्थान में अनेक नेता हैं। सदाशयी भी हैं; भले और भोले-भाले भी हैं; लेकिन कुछ मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का कोई सानी नहीं। वे एकमात्र ऐसे नेता हैं, जो बुजुर्गों और बीमारों की सुध लेना कभी नहीं भूलते। चाहे कोई हो। वयोवृद्ध हो या बीमार। नेता हो, पत्रकार हो या पुराना मित्र। काँग्रेस का हो या भाजपा का; गहलोत साहब उनसे मिलने अवश्य जाते हैं। यह उनका स्वभाव है और यह उनकी संवेदनशीलता है। वे मुख्यमंत्री रहते हुए भी यह काम कर लिया करते थे। हो सकता है, किसी को उन्होंने राजनीतिक रूप से बेकल भी किया हो; लेकिन वह भी बीमार पड़ा तो सबसे पहले वे ही पहुँचते हैं। इस काम को वे राज्य की सीमाओं से पार जाकर करते हैं। वे जब तीसरी बार सीएम थे तो उन्होंने एक अप्रत्याशित व्यक्ति के सहयोगी की पुत्रवधू के गंभीर इलाज में बिना किसी के कहे न केवल मदद की, उन्हें सब तरह की सुविधाएं मुहैया करवाईं। गहलोत ऐसे काम करते रहते हैं और उनकी चर्चा भी नहीं करते। आज उन्होंने शतायु पार पंडित रामकिशन जी से मुलाकात की। सौ से भी अधिक वसंत जी चुके इस अनुभवी व्यक्तित्व के साथ उनकी यह भेंट न केवल शिष्टाचार है, बड़ों के प्रति सम्मान की एक जीवंत मिसाल भी है। पंडित रामकिशन हमारे प्रदेश की राजनीति के लिए किसी थाती से कम नहीं हैं। इसलिए गहलोत साहब का यह क़दम उनके क़द को भी बढ़ाता है और दम को भी। लेकिन अफ़सोस कि कॉंग्रेस या भाजपा के किसी नेता में अब यह ख़ूबी नहीं दिखती। यह तस्वीर सुंदर है। यह मुलाक़ात बेहतरीन है। और यह इंसानियत अनमोल है। इस इंसानियत की कुछ कोंपलें हम भी अपने दिलों की मिट्टी में उगाएँ! बाक़ी नेता भी इस राह पर बढ़ें! 🙏

Tribhuvan_Official

18,661 görüntüleme • 4 ay önce

समस्या सुनने खुद मुख्यमंत्री गांव आएं ऐसे दृश्य हमने कभी नहीं देखे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने सीकर के गांव जाजोद में रात बिताने के बाद शुक्रवार सुबह गांव का दौरा किया। मॉर्निंग वॉक पर निकले तो लोग मिल गए। उनसे बातें भी की और अपनी समस्याएं भी बेझिझक बताई। राजस्थान में यह एक नयापन है। हमने इतनी उम्र में मुख्यमंत्री तो बहुत देखे हैं लेकिन जनता के बीच जाकर इस तरह समस्याओं को सुनने की कोई परंपरा नहीं देखी। कल भजनलाल जी प्रतापगढ़ के बंबोरी में थे और आज सीकर के जाजोद में। कल किस गांव में होंगे, वे ही जानें लेकिन राजस्थान के लोगों को अब यह उम्मीद तो रहेगी की कभी मुख्यमंत्री जी उनके गांव में भी आकर उनकी पीड़ाएं पूछ सकते हैं। जब प्रदेश का शीर्ष व्यक्ति खुद आपके गांव में आकर आपकी समस्याएं सुनता और देखता है तो उनके समाधान की उम्मीद भी बढ़ जाती है और संभावना भी। यह सिलसिला चलता रहे। समस्याएं अनंत है और कभी खत्म नहीं होती लेकिन कोई सुनने वाला हो और समाधान करवाने वाला हो, इतना भी बहुत है। Bhajanlal Sharma

Arvind Chotia

61,161 görüntüleme • 3 ay önce

आदरणीय प्रधानमंत्री जी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिश्व सरमा के शपथग्रहण का शायद यह कार्यक्रम है। भाजपा शासित तमाम राज्यों के मुख्यमंत्री कतार में दिख रहे हैं। आश्चर्यजनक तौर पर पंजाब के राज्यपाल महोदय भी इसी कतार में खड़े हैं। शायद न्योता भेजा दिया गया होगा क्योंकि ये भी असम के राज्यपाल रह चुके हैं और ये भी आ गये होंगे भावावेश में। लेकिन मोदीजी, हिमंता बिश्व सरमा का शपथ ग्रहण कार्यक्रम आपकी उस अपील के बाद हुआ है जिसमें आपने वर्क फ्रॉम होम करने, यात्रा से परहेज करने, पेट्रोल डीजल बचाने की बात की है। फिर इस शपथ ग्रहण समारोह में इतने वीवीआईपी कैसे जुट गए? ये सब आपकी बात मानने वाले तो हैं लेकिन आपकी बात समझने वाले नहीं हैं शायद। मुझे कई राज्यों के मुख्यमंत्री के साथ उनके दोनों उपमुख्यमंत्री भी शपथ ग्रहण समारोह में दिखे और फिर कामाख्या देवी मंदिर में सभी परिवार सहित भी दिखे। राष्ट्रीय अध्यक्ष महोदय भी परिवार सहित दिखे। अब आप यह बताइए कि क्या सभी मुख्यमंत्रियों, उप मुख्यमंत्रियों के परिवार सहित गुवाहाटी पधारे बिना क्या शपथ ग्रहण नहीं हो सकता था? अगर आप किसी संकट की ओर इशारा कर रहे हैं तो फिर ये खर्चीले समारोह क्यों हो रहे हैं? हमारा देश नायकत्व को स्वीकार करता है और नायकों की बातों को मानता रहा है। लेकिन उसे अच्छे उदाहरण सेट करने वाले नायक भी चाहिए। उसे कथनी और करनी एक जैसी रखने वाले नायक चाहिए। इस देश के ज्यादातर लोग देशभक्त हैं। वे जिम्मेदारी समझते भी हैं और मुश्किल के समय देश का साथ भी देते हैं लेकिन उन्हें भरोसा चाहिए कि वे जो त्याग कर रहे हैं उसका कोई मूल्य है। इसलिए, इसलिए बहुत जरूरी समारोहों में ही ऐसी भीड़ भेळी कीजिए ज़रूरी नहीं हो तो भीड़ टालिए। या समारोह टालिए। वर्चुअल समारोहोंं की भी गरिमा होती है और यह देश इनका महत्व देख समझ चुका है। Narendra Modi

Arvind Chotia

16,741 görüntüleme • 3 ay önce