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Ana Sayfaya Dön

गरीब, अर्श कुर्श पर अलह तख्त है, खालिक बिन नहीं खाली। वे पैगम्बर पाक पुरूष थे, साहिब के अबदाली।।

13,829 görüntüleme • 1 yıl önce •via X (Twitter)

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Bindu1 yıl önce

#SantRampalJiMaharaj

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Bindu1 yıl önce

#SantRampalJiMaharaj

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Kishor Mavadiya1 yıl önce

Jai bandichhod ki jai

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Kunal shinde1 yıl önce

सतलोक में तख्त पर विराजमान हैं पूर्ण जगत के निर्माता परमात्मा कबीर साहेब जी।

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Ganesh Raikwar1 yıl önce

Kabir is Supreme God

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Sharma Mangeeta1 yıl önce

Very nice

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Sanju Bandey1 yıl önce

@GaneshDas98 सत्य वचन

Benzer Videolar

जिस पवित्र श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा के आगे शेर-ए-पंजाब महाराजा रणजीत सिंह जी जैसे महान शासक ने भी सिर झुकाया, आज उसी सर्वोच्च पंथक संस्था को चुनौती देने का अहंकार भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल दिखा रहे हैं। 1802 में अकाल तख्त साहिब ने महाराजा रणजीत सिंह जी को तनखैया घोषित किया था। सिख साम्राज्य के संस्थापक और पंजाब के महानतम शासक होने के बावजूद वे अकाल तख्त साहिब के समक्ष हाजिर हुए, मर्यादा स्वीकार की और सिर झुकाकर क्षमा मांगी। यही अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता है, यही पंथ की परंपरा है। लेकिन आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके आका अरविंद केजरीवाल का अहंकार देखिए। गुरु साहिबान की तस्वीरों पर शराब छिड़कने वाले वायरल वीडियो पर श्री अकाल तख्त साहिब ने फॉरेंसिक जांच करवाई। नीचे पोस्ट की गई वीडियो साफ दिखा रही है कि श्री अकाल तख्त साहिब ने वीडियो की जाँच भी भगवंत मान की पसंद वाली 2 फॉरेंसिक लैब से करवाई। सिंह साहिबान ने रिपोर्ट्स के आधार पर भगवंत मान को “गुरु-दोखी” और “खालसा पंथ विरोधी” घोषित कर दिया। AAP ने अकाल तख्त साहिब के फैसले का सम्मान करने के बजाय उसी सर्वोच्च संस्था, सिंह साहिबान और जत्थेदार साहिब को निशाना बनाना शुरू कर दिया। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग, अपमानजनक भाषा और पंथक संस्थाओं की विश्वसनीयता पर हमले का प्रयास किया। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और चिंताजनक है। भगवंत मान विधानसभा में शराब पीकर पहुंचते हैं, गुरुद्वारा-मंदिर शराब पीकर जाते हैं, मीटिंग में नशे में जाते हैं, लोकसभा नशे में जाते थे, माँ की झूठी कसम खाते हैं और अब गुरु साहिबान व अकाल तख्त साहिब का खुला अपमान कर रहे हैं। अब मामला केवल व्यक्तिगत आचरण का नहीं, बल्कि गुरु साहिबान की मर्यादा और श्री अकाल तख्त साहिब के सम्मान का है। भगवंत मान और केजरीवाल जी को समझ लेना चाहिए कि पंजाब की सत्ता अस्थायी है, लेकिन श्री अकाल तख्त साहिब की मर्यादा शाश्वत है। राजनीतिक अहंकार में पंथक संस्थाओं का अपमान करने वालों को पंजाब कभी माफ नहीं करेगा। भगवंत मान को तुरंत श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष हाजिर होकर क्षमा मांगनी चाहिए और उन्हें मुख्यमंत्री पद से हटा दिया जाना चाहिए।

Swati Maliwal

67,545 görüntüleme • 2 ay önce