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चिंता से चित्त की ही चिता बनती हैं। 💯❤️
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10 Comments

Essence of BG 18:65 & 18:66 Verse 18:14 explained 👇

हमने कभी सोचा है क्या ? राम : लक्ष्मण तुमने रावण के बहन का नाक काटा तुम्हे उसकी सजा मिलनी चाहिए । एक भाई आपने बहन का बदला लेने आयेगा इसकी वजह से लक्ष्मण अपनी भाबी को अकेला छोड़कर तो भागा नहीं ना?

बहुत बढ़िया। आप ने पुरुष और पुरुषोत्तम का फ़र्क़ भी बताया। सीता ने भी कभी ये नहीं कहा कि ‘मैंने वो हिरण क्यों माँगा?’ या ‘लक्ष्मण रेखा क्यों पार की?’ ये फ़रक, एक महिला को क्या बना रहा है?

क्या पता सोचा होगा ,क्या भगवान डेली का लॉग लिख रहे थे और किसी को दे कर गए जो बाद में इन्हे मिला जो इन्हे पता होगा की वो क्या सोच रहे थे ..........हर चीज में जबरदस्ती का लॉजिक |

Mdm past se Sikh sktey h ...

🙏

Kisi ko pta hai hi nhi asal me ramain ka sach hai kye sabhi ko galat bataye gye hai or giyani bne bhaithe hai who to etne darpok the unho ne wanro se help lye or ravan ke behan pe buri nazar or last main Pani main dub kr atamhatye ke or yeh bechari ko kye pta par esne tv

Main dekha hai who hi bol rhi hai

Fictional hai ramayan Bible ya Qur'an They are just stories

🫣
