正在加载视频...

视频加载失败

चन्दन : आपने कई बार बोला है कि "हम जहाँ खड़े हो जाते हैं लाइन वहीँ से शुरू हो जाती है" लेकिन आपने यह कभी नहीं बताया कि लाइन किस चीज की थी ? कपिल शर्मा : सर इसकी हरकतें ही ऐसी है अमिताभ बच्चन : जी कपिल शर्मा...

234,994 次观看 • 2 个月前 •via X (Twitter)

0 条评论

暂无评论

原始帖子的评论将显示在这里

相关视频

यह किसी हॉस्पिटल या राशन की दुकान के पास की लाइन नहीं है; यह कर्नाटक के मैसूर में एक मशहूर मैसूर सिल्क साड़ी की दुकान है। लोग साड़ी खरीदने के लिए सुबह 4:00 बजे से ही यहाँ लाइन में लगना शुरू कर देते हैं। रोज़ सिर्फ़ 120 टोकन बांटे जाते हैं, और एक आदमी सिर्फ़ एक साड़ी खरीद सकता है। एक साड़ी की कीमत ₹23,000 से शुरू होकर ₹2.5 लाख तक जाती है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के ऊँचे लेवल और लोगों की अच्छी प्रति व्यक्ति आय का सबूत है। एक और खास बात यह है—यहाँ किसी ग्राहक को चक्कर नहीं आता, कोई बेहोश नहीं होता, लाइन में खड़े-खड़े कोई मरता नहीं। क्योंकि यह उनकी अपनी लाइन है, सरकार की लाइन नहीं। 🤣🤣

🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳

24,717 次观看 • 4 个月前

फिर विपक्ष की क्या ज़िम्मेदारी है? कि वो सरकार की ढोलक और मंजीरा पकड़े और बजाते रहे? लोकतंत्र का मतलब क्या है? लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज़ जनता की आवाज़ मानी जाती है। आज अगर जनता लाइन में लग रही है, बेहोश हो रही है, फिर बीजेपी के कोई नेता आ जाएंगे और कह देंगे कि देशभक्त हैं कतार में, लगी है भारी भीड़ — यह नोटबंदी की लाइन पर कहा गया था। फिर ऑक्सीजन सिलेंडर की लाइन लगी। अब एलपीजी गैस सिलेंडर की लाइन लगी है। जब लाइनें लग रही हैं, लोग बेहोश हो रहे हैं, हफ्तों तक सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं, तो विपक्ष क्या करेगा? सवाल नहीं पूछेगा क्या? क्या यह नहीं पूछेगा कि हिंदुस्तान की आम जनता को यह सब क्यों देखना पड़ रहा है, जब आप विश्वगुरु बन रहे हैं? जब बीजेपी कहती है कि देश आज प्रगति कर रहा है आप दाम भी बढ़ा रहे हैं, जनता को कतारों में भी लगा रहे हैं, और विपक्ष सवाल भी न करे? कांग्रेस राष्ट्रीय प्रवक्ता Dolly Sharma

M G

14,738 次观看 • 6 个月前

छोटे मन के लोगों से बड़ी चीज़ों की उम्मीद करना बेमानी है नेता प्रतिपक्ष Rahul Gandhi को स्वतंत्रता दिवस के समारोह में पाँचवीं लाइन में बिठा कर नरेंद्र मोदी ने अपनी कुंठा ज़रूर दिखाई, लेकिन इससे राहुल गांधी को कोई फ़र्क़ नहीं पड़ता है नेता प्रतिपक्ष की रैंक कैबिनेट मंत्री की होती है, सरकार के मंत्री पहली लाइन में बैठें थे. तो इन छुद्र मानसिकता वालों को लोकतंत्र और लोकतांत्रिक परंपराओं की भी कोई परवाह नहीं है रक्षा मंत्रालय का बयान सरकार और बेनक़ाब कर रहा है सच यह है कि राहुल गांधी से मोदी और उनके मंत्री आँखें चुराते हैं, और असहज हो जाते हैं. राहुल गांधी पाँचवीं लाइन में बैठें या पचासवीं, वो जननायक ही रहेंगे - लेकिन आपलोग इस तरह की गलीच हरकतें करना कब बंद करेंगे?

Supriya Shrinate

289,606 次观看 • 2 年前