Video yükleniyor...

Video Yüklenemedi

Ana Sayfaya Dön

चुनाव आयुक्तों की बढ़ी टेंशन कोर्ट से नोटिस जारी

44,888 görüntüleme • 9 ay önce •via X (Twitter)

0 Yorum

Yorum bulunmuyor

Orijinal gönderinin yorumları burada görünecek

Benzer Videolar

बटला हाउस स्टैंड के पास 277 की सभी बिल्डिंग को अवैद्य बता कर कोर्ट ने नोटिस जारी किया है, जिन-जिन बिल्डिंग के लिए कोर्ट ने नोटिस जारी किया उस पर लाल सिहाई के निशान लगा कर उसे तोड़ने की खबर सामने आ रही है कोर्ट का आदेश15 दिन के अंदर घरों को ख़ाली करने की नोटिस आई है हमने वहां जाकर देखा और लोगों से जानने की कोशिश की तो पता चला, स्थानीय लोगों का कहना है हम सदियों से यहाँ रहते आ रहे है उससे पहले कभी ऐसा नहीं हुआ, कई महिलाओं से हमने बात करी उनका कहना है की मैं 65 वर्ष की हूँ मेरी पैदाईश यही पर हुई है मैं यहां तब से रह रही हूँ। उससे पहले कोई नोटिस नहीं आया आज जब मैं बूढी हो गई तो उन्होंने नोटिस जारी करके हमारी माकन तोड़ने की और हमें बेघर करना चाहते है, अब हम इनसे तो नहीं लड़ सकते अब हमारे बच्चे ही लड़ेंगे।

Millat Times

38,559 görüntüleme • 1 yıl önce

Breaking News 🚨 वोट चोरी का बड़ा खेल सुप्रीम कोर्ट में उजागर हो गया। ज्ञानेश कुमार पर सुप्रीम कोर्ट ने सवाल दाग दिया है। किसी भी वोटर को नोटिस जारी करने का अधिकार क्षेत्रीय चुनाव अधिकारी को होता है। मगर केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा ऐसे नोटिस क्षेत्रीय चुनाव अधिकारियों को सीधे दिल्ली से लाखों की संख्या में भेजे गए। विधानसभा के क्षेत्रीय चुनाव के काम को नियंत्रण में लेना अवैध है। अब ज्ञानेश कुमार को इस पर सुप्रीम कोर्ट में जवाब दाखिल करना होगा। ज्ञानेश कुमार के इस दावे कि क्षेत्रीय चुनाव अधिकारी पूरी तरह स्वतंत्र हैं, इस कारनामे के बाद चुनाव आयोग कटघरे में खड़ा है, क्योंकि गलत प्रक्रिया अपनाई गई। #VoteChor #IndianPolitics #ElectionCommission

𝙈𝙪𝙧𝙩𝙞 𝙉𝙖𝙞𝙣

10,791 görüntüleme • 8 ay önce

सुप्रीम कोर्ट में आँखो देखी ऐतिहासिक सुनवाई का निष्कर्ष: वोटबंदी के ख़िलाफ़ लोकतांत्रिक लड़ाई की पहली सफलता सुप्रीम कोर्ट ने पूछा — • आधार, राशन, EPIC कार्ड अमान्य कैसे? • ⁠नागरिकता तय करना चुनाव आयोग का काम कैसे हुआ? • बिना सुनवाई के किसी को भी मताधिकार से कैसे वंचित कर सकते हैं? कोर्ट ने कहा — यह ‘विशेष गहन पुनरीक्षण’ सिर्फ़ बिहार या मतदाता सूची का मामला नहीं, सार्वभौमिक मताधिकार का प्रश्न है। अब आगे का कोई भी क़दम सुप्रीम कोर्ट की अनुमति से ही उठेगा। अब चुनाव आयोग की मनमानी नहीं चलेगी, कोर्ट ने नकेल लगा दी है। संघर्ष अब सड़क, समाज और सुप्रीम कोर्ट — तीनों में जारी रहेगा। #BiharVoterList #SupremeCourt #RightToVote #ElectionCommission

Yogendra Yadav

169,739 görüntüleme • 1 yıl önce