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छत्तीसगढ़ के युवा पत्रकार #MukeshChandrakar की रिपोर्टिंग की बानगी देखिए.
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सच बोलने और लिखने वाला पत्रकार हम सबके बीच में नहीं है, लेकिन जब तक था निडर होकर बोलता और लिखता रहा

Anjum भाई तू ये मिस कर गया पत्रकारिता करो तो पूरी करो उस में कोई बाधा न हो

असल में इसी को पत्रकारिता कहा जाता है अजीत अंजुम जी अब तो चाटुकारिता या फिर दलाली पर पत्रकारों का ज्यादा फोकस है। हत्यारों को कम से कम फांसी की सजा होनी चाहिए। एक होनहार पत्रकार की हत्या की है। लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ की हत्या हुई है।

Salute to #MukeshChandrakar for his honesty and patriotism. You and your contribution towards true journalism won't be forgotten. Om Shanti 🙏

इसी रिपोर्टिंग के कारण जान गवानी पड़ी पत्रकार मुकेश चंद्राकर को, पांच साल बस्तर को लुट का अड्डा बनाने वाली @INCChhattisgarh पूर्व मुख्यमंत्री @bhupeshbaghel मृतक से खौफ का आलम इस पत्र से पता चल जाएगा

ये तीनो गिरफ्तार हुए है

यह क्या है

केवल ये कहना की हत्या हो गई ये इंसाफ के लिए लाइन चल रही है या अपने मालिक की पार्टी को कोई नुकसान ना हो इसलिए केवल इतना ही चलाया जा रहा है? पुरा कहनी क्यों नहीं बता रहे पत्तलकार महोदय? क्योंकी वहां भाजपा का सरकार है और हत्या का सक कांग्रेसी पर है इसलिए? बोलकर भी बोल नहीं पा रहे?

बानगी तो अपने @iammanishkashyp की कॉपी है। लेकिन आपको ये भी बताना चाहिए की किसका नाम आ रहा है इसमें। कम से कम अब तो दोगली पत्रकारिता मत करो

छत्तीसगढ़ के कोंग्रेसी नेताओं की पत्रकार के प्रति नफ़रत देखिए...
